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सीबीसीआईडी कर सकती है भूमि अधिग्रहण घोटाले की जांच

Tue, 21 Mar 2017 01:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर Updated Tue, 21 Mar 2017 01:09 AM IST
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CBCID can investigate land acquisition scam
demo pic - फोटो : अमर उजाला

एनएच 74 भूमि अधिग्रहण में कृषि भूमि को कॉमर्शियल दिखाकर किए गए करोड़ों के घोटाले की जांच अब सीबीसीआईडी कर सकती है। इसके लिए एसएसपी की सिफारिश के आधार पर डीआईजी ने शासन को संस्तुति का पत्र भेजा है जबकि पांच दिन पहले ही मामले की जांच के लिए जिला स्तर पर पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था लेकिन अब पुलिस सीबीसीआईडी को जांच सौंपने की तैयारी कर रही है। 

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एनएच 74 भूमि अधिग्रहण मामले में हुए घोटाले की भनक लगते ही कुमाऊं आयुक्त डी सेंथिल पांडियन ने मामले की जांच शुरू कर डीएम चंद्रेश कुमार को मामले में लिप्त विभागों के कर्मचारियों, अधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे। इस पर गंभीरता से काम करते हुए डीएम ने एसएसपी सेंथिल अबुदई को पत्र भेजकर संबंधित विभागों के चिह्नित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसी आधार पर एसएसपी ने पंतनगर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया। मामले की जांच के लिए एएसपी क्राइम टीडी वैला के नेतृत्व में पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन किया और एएसपी मंजूनाथ टीसी मामले के विवेचक नियुक्त किए गए। एसएसपी सेंथिल अबुदई ने बताया कि घोटाला बड़े स्तर का है। इस कारण जांच सीबीसीआईडी को सौंपने की सिफारिश की गई है। 
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मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंपने के लिए एसएसपी ऊधमसिंह नगर सेंथिल अबुदई ने मांगपत्र भेजा था। इसकी संस्तुति के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। अब यह शासन पर है कि वह कब तक संस्तुति देती है। अगर शासन से सीबीसीआईडी से जांच कराने की संस्तुति नहीं मिलती है तो जिला स्तर पर गठित एसआईटी द्वारा ही मामले की जांच की जाएगी। 
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-अजय रौतेला डीआईजी कुमाऊं परिक्षेत्र नैनीताल।

नई सरकार खोलेगी पुरानी सरकार के कारनामे
रुद्रपुर। एनएच 74 भूमि अधिग्रहण घोटाले की जांच यदि सीबीसीआईडी को मिलती है तो इसका सीधा मतलब है कि नई सरकार को पुरानी सरकार के कारनामे खोलने का मौका मिलेगा। कुमाऊं आयुक्त के निर्देश पर डीएम, एसएसपी के निर्देशन में पांच दिन पूर्व मामले की जांच के लिए जिला स्तर पर एसआईटी का गठन किया गया था लेकिन अब जांच सीबीसीआईडी को सौंपने की तैयारी चल रही है। अगर जांच सीबीसीआईडी के पाले में जाती है तो राज्य सरकार द्वारा मॉनीटरिंग की जाएगी। इसमें राज्य सरकार का नियंत्रण होगा। अब देखना होगा कि नई सरकार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी या जांच राजनीतिक लाभ तक सीमित रहेगी। 


घोटाले की जांच के लिए लंबा समय चाहिए
रुद्रपुर। एनएच 74 भूमि अधिग्रहण घोटाले की जांच चाहे सीबीसीआईडी करे या फिर एसआईटी यह तो निश्चित है कि इसकी जांच में अधिक समय लग सकता है। यह भी हो सकता है कि जांच में यह घोटाला 118 करोड़ से अधिक का मिले। चूंकि पूरे घोटाले की जांच के लिए किसी भी जांच एजेंसी को 2012 से लेकर 2017 तक के दस्तावेजों को खंगाल कर बारीकी से जांच करनी होगी, इसमें लंबा समय लगेगा। 

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