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मुकदमे के बाद ट्रक चालक की जमानत, सीपीयू के दो कांस्टेबल लाइन हाजिर
Sun, 31 Mar 2019 12:27 AM IST
अरुण कुमार
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: अरुण कुमार
Updated Sun, 31 Mar 2019 12:27 AM IST
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रुद्रपुर कोतवाली में एकत्र सीपीयू एवं यातायात पुलिस के जवान।
- फोटो : amar ujala
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नैनीताल हाइवे पर बीते शुक्रवार की रात को नो एंट्री में घुसे कैप्सूल ट्रक चालक की धरपकड़ के बाद शहर में हुए बवाल के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ट्रक चालक सहित 60 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। ट्रक चालक को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। मामले में सीपीयू के दो कांस्टेबलों को लाइन हाजिर किया गया है। पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच करवाने की तैयारी भी चल रही है।
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बता दें कि शुक्रवार रात को सिडकुल की तरफ से कैप्सूल ट्रक लेकर आ रहा अकरपुरा थाना किला जिला गुरदासपुर निवासी सतनाम सिंह डीडी चौक पर नो एंट्री में आ गया था। सीपीयू कर्मियों ने ट्रक रोकने की कोशिश की तो सतनाम ने वाहन को दौड़ा दिया। इसी बीच सीपीयू कर्मियों ने ट्रक का पीछा कर बाटा चौक के सामने हाइवे पर उसे रोक लिया। सतनाम ने हाइवे पर ट्रक को तिरछा खड़ा कर तलवार से सीपीयू कर्मियों पर हमला कर दिया।
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इससे सीपीयू का जंबो वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। साथ ही सीपीयू के दो जवान भी चोटिल हो गए। इसी बीच सतनाम ने सीपीयू कर्मियों पर पगड़ी उतारने का आरोप लगाया तो मौके पर सिख समाज के लोग एकत्र हो गए। भीड़ सतनाम की पगड़ी उतारे जाने की बात पर नाराज हुई तो हंगामा बढ़ने लगा। सूचना पर पहुंचे एसपी क्राइम प्रमोद कुमार ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया तो भीड़ में से किसी ने लाठी से एसपी क्राइम पर पर वार कर दिया। साथ ही उनके गनर की रायफल छीनने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा और सतनाम को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया। बवाल में करीब आधा दर्जन पुलिस कर्मी भी घायल हुए थे।
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इसी दौरान विरोध में सैकड़ों लोग एक धार्मिक स्थल में एकत्र हो गए। देर रात एसएसपी बरिंदरजीत सिंह और एडीएम ने धार्मिक स्थल पहुंचकर सिख समाज के लोगों से वार्ता की। वहां सिख समाज ने सतनाम सिंह की जमानत, सीपीयू कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और मामले की मजिस्ट्रेटी जांच करने की मांग की। इस पर सहमति जताते हुए शनिवार को रुद्रपुर कोतवाली पुलिस ने सतनाम की जमानत करने के साथ ही सीपीयू कांस्टेबल दलीप कुमार और फिरोज खान को लाइन हाजिर कर दिया। पूरे मामले में 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। इसके अलावा मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के लिए पुलिस विभाग ने डीएम को पत्र भेजा गया है।
इनसेट
सीसीटीवी फुटेज से कुछ और लोग हो सकते हैं चिह्नित
रुद्रपुर। ट्रक चालक को रोकने पर शहर में हुए बवाल के मामले में पुलिस सीपीयू कर्मियों को लाइन हाजिर करने और ट्रक चालक को जमानत पर रिहा करने के बाद अब बवाल में शामिल लोगों को चिह्नित करने में जुटी है। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले में घटनास्थल के साथ ही आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है। फुटेज में चिह्नित करने के बाद कुछ और लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
इनसेट
पुलिस का गिरा मनोबल, विरोधियों के बड़े हौसले
रुद्रपुर। शुक्रवार रात मामूली बात को लेकर शहर में हुए बवाल और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से जहां पुलिस कर्मियों का मनोबल गिरा है, वहीं पुलिस के विरोध में उतरे लोगों के हौसले बढ़े हैं। पुलिस अधिकारियों की मानें तो पूरे मामले में सीपीयू कहीं गलत नहीं थी और इसके साक्ष्य भी पुलिस के पास हैं। इसके बाद भी पुलिस के आला अधिकारियों को अपने ही निर्दोष कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी और बवाल का कारण बने ट्रक चालक को भी रिहा करना पड़ा।
इनसेट
सुबह से दोपहर तक सड़कों पर नहीं उतरी सीपीयू
रुद्रपुर। शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए सड़कों पर उतारी गई सीपीयू का पुलिस के आला अधिकारियों के फैसले से किस हद तक मनोबल गिरा है, इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि शनिवार सुबह से दोपहर तक शहर की सड़कों पर सीपीयू नजर नहीं आई। दोपहर एक बजे रुद्रपुर कोतवाली में एसएसपी बरिंदरजीत सिंह की ओर से सीपीयू और यातायात पुलिस की बैठक लेने के बाद सीपीयू और यातायात पुलिस सड़कों पर उतरी। इधर, बिना गलती के सीपीयू पर इस तरह से की गई कार्रवाई के बारे में ना ही अधिकारी कुछ स्पष्ट कह पा रहे हैं और ना ही सीपीयू भी इस बात को समझ पा रही है।