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3 डी में कृषि तो 3 जी में अकृषि कर दी जमीन
Updated Sat, 09 Sep 2017 12:37 AM IST
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रुद्रपुर। एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में भू उपयोग परिवर्तन के नाम पर बड़ा खेल खेला गया। एसआईटी ने 3डी से 3जी में बदली गई जमीनों की फाइलों की सूची एसएलओ दफ्तर से तलब की है, वहीं एनएचएआई से भी आर्बिट्रेशन की फाइल मांगी है। इधर, सूत्रों के मुताबिक जसपुर, काशीपुर और बाजपुर तहसील के 15 ऐसे गांवों के 73 खसरों को 3डी में कृषि दिखाया गया है जबकि 3जी में भूमि की प्रकृति बदलकर अकृृषक कर दिया गया।
एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में जमीनों को गलत तरीके से कृषि से अकृषि कर सरकारी खजाने को करोड़ों रुपयों की चपत लगाई गई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जसपुर तहसील के किशनपुर गांव में एक, लालपुर में दो, कुंडा में तीन, गढ़ी हुसैन में चार, काशीपुर तहसील के बांसखेड़ा कला में चार, दभौरा मुस्तहकम, में एक, कनौरी में चार, कनौरा में पांच, बाजपुर के महेशपुरा में आठ, टांडा आजम में तीन, मुंडियामनी में छह, गुमसानी में एक, भडैय्या रत्ना में तीन, बिचपुरी में एक और ताली गांव के 21 खसरे ऐसे हैं, जिनमें भूमि को 3डी के अनुसार कृषि ना मानकर 3जी में अकृषक में तब्दील कर दिया गया।
तत्कालीन कुमाऊं आयुक्त डी सैंथिल पांडियन की जांच में भी इस मामले का खुलासा किया गया था लेकिन कई ऐसी जमीनों के मामले जांच में शामिल नहीं किए गए थे। हालांकि दस्तावेजों के डबल लॉक में होने के कारण घोटाले की जांच कर रही एसआईटी को अभी कई दस्तावेज तहसीलों से नहीं मिल पाए हैं। लेकिन जिन दस्तावेजों की पड़ताल अब तक एसआईटी ने की है, उन दस्तावेजों में से कई में ऐसी गड़बड़ियां पकड़ में आई हैं। एसआईटी ने अब और दस्तावेजों की मांग भी एसएलओ कार्यालय से की है।
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एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में जमीनों को गलत तरीके से कृषि से अकृषि कर सरकारी खजाने को करोड़ों रुपयों की चपत लगाई गई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जसपुर तहसील के किशनपुर गांव में एक, लालपुर में दो, कुंडा में तीन, गढ़ी हुसैन में चार, काशीपुर तहसील के बांसखेड़ा कला में चार, दभौरा मुस्तहकम, में एक, कनौरी में चार, कनौरा में पांच, बाजपुर के महेशपुरा में आठ, टांडा आजम में तीन, मुंडियामनी में छह, गुमसानी में एक, भडैय्या रत्ना में तीन, बिचपुरी में एक और ताली गांव के 21 खसरे ऐसे हैं, जिनमें भूमि को 3डी के अनुसार कृषि ना मानकर 3जी में अकृषक में तब्दील कर दिया गया।
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तत्कालीन कुमाऊं आयुक्त डी सैंथिल पांडियन की जांच में भी इस मामले का खुलासा किया गया था लेकिन कई ऐसी जमीनों के मामले जांच में शामिल नहीं किए गए थे। हालांकि दस्तावेजों के डबल लॉक में होने के कारण घोटाले की जांच कर रही एसआईटी को अभी कई दस्तावेज तहसीलों से नहीं मिल पाए हैं। लेकिन जिन दस्तावेजों की पड़ताल अब तक एसआईटी ने की है, उन दस्तावेजों में से कई में ऐसी गड़बड़ियां पकड़ में आई हैं। एसआईटी ने अब और दस्तावेजों की मांग भी एसएलओ कार्यालय से की है।
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