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एनएच घोटाले के आरोपियों पर शिकंजा कसने पहुंची ईडी की टीम
Updated Fri, 06 Jul 2018 12:05 AM IST
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रुद्रपुर में जिले में तीन सौ करोड़ से अधिक का एनएच घोटाला करने वालों पर प्रवर्तन निदेशालय ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। घोटाले में मनी लांड्रिंग की जांच को डिप्टी डायरेक्टर ईडी के नेतृत्व में रुद्रपुर पहुंची चार सदस्यीय टीम ने बृहस्पतिवार को एसआईटी से आठ घंटे तक मनी लांड्रिंग में शामिल लोगों के बारे में जानकारी जुटाई।
एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच के लिए एसआईटी का गठन होने के बाद एसआईटी की जांच में तीन सौ करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला उजागर हुआ था। काश्तकारों ने तत्कालीन अफसरों के साथ मिलकर अपनी भूमि का बैक डेट में 143 कराकर करोड़ों का मुआवजा डकारा और इसी मुआवजे को कर्मचारियों, बिचौलियों एवं कुछ बिल्डरों की मदद से ठिकाने लगा दिया।
मनी लांड्रिंग के ऐसे ही मामलों की जांच करने वाली ईडी ने सितंबर में एसआईटी से मनी लांड्रिंग की रिपोर्ट मांगी थी, जिस पर एसआईटी ने अक्तूबर में सहायक निदेशक भारत सरकार ईडी को बिंदुवार अपनी प्रथम सूचना रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद जनवरी में ईडी ने रुद्रपुर पहुंचकर एसआईटी के साथ ही विभिन्न तहसीलों से संबंधित दस्तावेज जुटाए।
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बृहस्पतिवार को एक बार फिर डिप्टी डायरेक्टर ईडी के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम रुद्रपुर एसआईटी कार्यालय पहुंची और करीब आठ घंटे तक एसआईटी से पूछताछ कर अभिनिर्णय आदेश, भुगतान फाइलों सहित गलत तरीके से मुआवजा लेने वाले काश्तकारों के बैंक खातों की डिटेल ली।
डीएम कार्यालय और रजिस्ट्ररी विभाग से भी ईडी ने किसानों के साथ घोटाले में लिप्त अधिकारियों की संपत्ति का ब्यौरा जुटाया। माना जा रहा है कि अभी चार से पांच दिन ईडी जिले में रहकर जांच पड़ताल करेगी।
किसान, अधिकारी, बिल्डरों की संपत्ति का लेगी ब्यौरा
मनी लांड्रिंग की जांच में जुटी ईडी किसानों के साथ ही मुआवजे की रकम को ठिकाने लगाने वाले अधिकारियों और बिल्डरों की संपत्ति की भी जांच करेगी। एसआईटी की कार्रवाई के बाद अब तक छह किसानों ने एक करोड़ 74 लाख रुपये सरकार को लौटाए हैं। 35 किसान अभी भी गलत ढंग से लिए गए मुआवजे की रकम को दबाए बैठे हैं।
इसमें बाजपुर के 20, गदरपुर का एक, काशीपुर और सितारगंज के सात-सात काश्तकार शामिल हैं। इसके अलावा ईडी मनी लांड्रिंग में शामिल प्रिया शर्मा, पूर्व एसएलओ डीपी सिंह, स्टांप वेंडर जीशान और अन्य की संपत्ति का ब्योरा भी लेगी।
फरार किसानों की संपत्ति भी हो सकती हैं जब्त
भूमि अधिग्रहण के नाम पर गलत तरीके से करोड़ों का मुआवजा लेकर विदेश भागने वाले किसानों पर भी ईडी का शिकंजा कसेगा। मुआवजा लेने वाले कुछ काश्तकार ऐसे भी हैं, जो करोड़ों का मुआवजा लेकर विदेश में बस गए हैं। विदेश में होने के कारण इनकी गिरफ्तारी में एसआईटी को दिक्कत आ रही थी, लेकिन अब ईडी उनकी संपत्ति को कुर्क कर उनसे मुआवजे की रकम को वसूल करेगी।
आरोपियों के सगे संबंधी भी आ सकते हैं रडार पर
भूमि मुआवजा घोटाले में करोड़ों की रकम हड़पकर उसे अपने रिश्तेदारों के नाम से भी कुछ अधिकारियों ने ठिकाने लगाया है। इसके कुछ साक्ष्य एसआईटी के पास हैं। इसके आधार पर ईडी रुपये की वसूली के लिए आरोपियों के सगे संबंधियों को भी अपने रडार पर लेकर उनकी संपत्ति जप्त कर सकती है।
आरोपियों को होगा दोहरा नुकसान
भूमि मुआवजा घोटाले में मनी लांड्रिंग करने वालों से सरकारी रुपये की वसूली करने के लिए अगर ईडी उनकी संपत्ति को जप्त करती है तो इससे आरोपियों को दोहरा नुकसान होगा। धन की वसूली के लिए ईडी संपत्ति का सर्किल रेट लेगी, जो न्यूनतम होता है जबकि संपत्ति की असल कीमत सर्किल रेट से कई गुना अधिक होती है। ऐसे में अंदेशा लगाया जा रहा है कि करोड़ों की संपत्ति लाखों में गंवाने के डर से कुछ आरोपी सरकार को मुआवजा वापस भी कर सकते हैं।
काश्तकारों के खिलाफ दर्ज होगी चार्जशीट
गलत तरीके से मुआवजा लेने वाले काश्तकारों में से आठ के खिलाफ एसआईटी की ओर से गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। इसमें से पांच किसानों के मुआवजा लौटाने पर उनका एनबीडबल्यू खारिज कर दिया गया, लेकिन अन्य के खिलाफ एसआईटी चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है। साथ ही ईडी भी उनकी संपत्ति को जप्त कर सकती है।
35 किसानों के खाते किए हैं फ्रीज
एनएच घोटाले में गलत ढंग से करोड़ों का मुआवजा लेने वाले काश्तकारों से सरकारी धन की रिकवरी के लिए एसआईटी की ओर से पहले ही 35 किसानों के खातों को फ्रीज किया गया है। अब इन खातों की जांच ईडी करेगी। खातों में रकम नहीं होने पर ईडी इनकी संपत्ति से सरकारी धन की रिकवरी कर सकती है।
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एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच के लिए एसआईटी का गठन होने के बाद एसआईटी की जांच में तीन सौ करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला उजागर हुआ था। काश्तकारों ने तत्कालीन अफसरों के साथ मिलकर अपनी भूमि का बैक डेट में 143 कराकर करोड़ों का मुआवजा डकारा और इसी मुआवजे को कर्मचारियों, बिचौलियों एवं कुछ बिल्डरों की मदद से ठिकाने लगा दिया।
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मनी लांड्रिंग के ऐसे ही मामलों की जांच करने वाली ईडी ने सितंबर में एसआईटी से मनी लांड्रिंग की रिपोर्ट मांगी थी, जिस पर एसआईटी ने अक्तूबर में सहायक निदेशक भारत सरकार ईडी को बिंदुवार अपनी प्रथम सूचना रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद जनवरी में ईडी ने रुद्रपुर पहुंचकर एसआईटी के साथ ही विभिन्न तहसीलों से संबंधित दस्तावेज जुटाए।
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बृहस्पतिवार को एक बार फिर डिप्टी डायरेक्टर ईडी के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम रुद्रपुर एसआईटी कार्यालय पहुंची और करीब आठ घंटे तक एसआईटी से पूछताछ कर अभिनिर्णय आदेश, भुगतान फाइलों सहित गलत तरीके से मुआवजा लेने वाले काश्तकारों के बैंक खातों की डिटेल ली।
डीएम कार्यालय और रजिस्ट्ररी विभाग से भी ईडी ने किसानों के साथ घोटाले में लिप्त अधिकारियों की संपत्ति का ब्यौरा जुटाया। माना जा रहा है कि अभी चार से पांच दिन ईडी जिले में रहकर जांच पड़ताल करेगी।
किसान, अधिकारी, बिल्डरों की संपत्ति का लेगी ब्यौरा
मनी लांड्रिंग की जांच में जुटी ईडी किसानों के साथ ही मुआवजे की रकम को ठिकाने लगाने वाले अधिकारियों और बिल्डरों की संपत्ति की भी जांच करेगी। एसआईटी की कार्रवाई के बाद अब तक छह किसानों ने एक करोड़ 74 लाख रुपये सरकार को लौटाए हैं। 35 किसान अभी भी गलत ढंग से लिए गए मुआवजे की रकम को दबाए बैठे हैं।
इसमें बाजपुर के 20, गदरपुर का एक, काशीपुर और सितारगंज के सात-सात काश्तकार शामिल हैं। इसके अलावा ईडी मनी लांड्रिंग में शामिल प्रिया शर्मा, पूर्व एसएलओ डीपी सिंह, स्टांप वेंडर जीशान और अन्य की संपत्ति का ब्योरा भी लेगी।
फरार किसानों की संपत्ति भी हो सकती हैं जब्त
भूमि अधिग्रहण के नाम पर गलत तरीके से करोड़ों का मुआवजा लेकर विदेश भागने वाले किसानों पर भी ईडी का शिकंजा कसेगा। मुआवजा लेने वाले कुछ काश्तकार ऐसे भी हैं, जो करोड़ों का मुआवजा लेकर विदेश में बस गए हैं। विदेश में होने के कारण इनकी गिरफ्तारी में एसआईटी को दिक्कत आ रही थी, लेकिन अब ईडी उनकी संपत्ति को कुर्क कर उनसे मुआवजे की रकम को वसूल करेगी।
आरोपियों के सगे संबंधी भी आ सकते हैं रडार पर
भूमि मुआवजा घोटाले में करोड़ों की रकम हड़पकर उसे अपने रिश्तेदारों के नाम से भी कुछ अधिकारियों ने ठिकाने लगाया है। इसके कुछ साक्ष्य एसआईटी के पास हैं। इसके आधार पर ईडी रुपये की वसूली के लिए आरोपियों के सगे संबंधियों को भी अपने रडार पर लेकर उनकी संपत्ति जप्त कर सकती है।
आरोपियों को होगा दोहरा नुकसान
भूमि मुआवजा घोटाले में मनी लांड्रिंग करने वालों से सरकारी रुपये की वसूली करने के लिए अगर ईडी उनकी संपत्ति को जप्त करती है तो इससे आरोपियों को दोहरा नुकसान होगा। धन की वसूली के लिए ईडी संपत्ति का सर्किल रेट लेगी, जो न्यूनतम होता है जबकि संपत्ति की असल कीमत सर्किल रेट से कई गुना अधिक होती है। ऐसे में अंदेशा लगाया जा रहा है कि करोड़ों की संपत्ति लाखों में गंवाने के डर से कुछ आरोपी सरकार को मुआवजा वापस भी कर सकते हैं।
काश्तकारों के खिलाफ दर्ज होगी चार्जशीट
गलत तरीके से मुआवजा लेने वाले काश्तकारों में से आठ के खिलाफ एसआईटी की ओर से गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। इसमें से पांच किसानों के मुआवजा लौटाने पर उनका एनबीडबल्यू खारिज कर दिया गया, लेकिन अन्य के खिलाफ एसआईटी चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है। साथ ही ईडी भी उनकी संपत्ति को जप्त कर सकती है।
35 किसानों के खाते किए हैं फ्रीज
एनएच घोटाले में गलत ढंग से करोड़ों का मुआवजा लेने वाले काश्तकारों से सरकारी धन की रिकवरी के लिए एसआईटी की ओर से पहले ही 35 किसानों के खातों को फ्रीज किया गया है। अब इन खातों की जांच ईडी करेगी। खातों में रकम नहीं होने पर ईडी इनकी संपत्ति से सरकारी धन की रिकवरी कर सकती है।