{"_id":"621bddb098cb4e7b7c76f880","slug":"crime-sitarganj-news-hld454988790","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन दिन से पोलैंड बॉर्डर पर भूखे प्यासे पड़े हैं भारतीय छात्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन दिन से पोलैंड बॉर्डर पर भूखे प्यासे पड़े हैं भारतीय छात्र
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कीव के सीनियर सेकेंड्री नंबर-1, 69 स्कूल में ठहरे छात्र-छात्रा।
- फोटो : SITARGANJ
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सितारगंज। रूस-यूक्रेन के बीच जंग के बाद से घर लौटने को बेताब सितारगंज का छात्र अजहर पोलैंड सीमा पर आसमान के नीचे सर्द रातें बिता रहा है। वहीं, भारतीय दूतावास के पास वाले स्कूल में चार दिन से नगर के एक छात्र अली फराज ने शरण ले रखी है। दोनों बच्चे भूखे-प्यासे दिन बिता रहे हैं।
दूतावास की ओर से बच्चों को एक टाइम का खाना उपलब्ध कराया जा रहा है। पोलैंड में फंसे छात्र के पास न तो पैसे बचे हैं और न ही खाना ही मिल पा रहा है। ठहरने की भी कोई सुविधा नहीं है। छात्र के पिता ने बताया कि पोलैंड बॉर्डर से भारतीयों को एंट्री नहीं दी जा रही है। उन्होंने डीएम व मुख्यमंत्री से बॉर्डर व यूक्रेन देश में फंसे बच्चों को सकुशल भारत लाने की मांग की है।
बाईपास कालोनी वार्ड संख्या 12 निवासी कारोबारी मो. अथर का बेटा अजहर मलिक कीव शहर में रहकर अमेरिकन लाइबेरल आर्ट इंस्टीट्यूट से एमबीए कर रहा है। हमले के बाद कीव से पांच अन्य लड़कों के साथ अजहर पोलैंड सीमा के लिए निकला था। शुक्रवार की शाम अजहर और उनका दल पोलैंड सीमा पहुंच गया। तब से वह सीमा पर ही सड़क किनारे अन्य छात्रों के साथ खुले आसमान के नीचे रह रहा है।
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मो. अथर का आरोप है कि पोलैंड सीमा पर भारतीयों को एंट्री नहीं दी जा रही है। वहां से सभी भारतीयों को रोमानिया जाने के लिए कहा जा रहा है। ऐसे में न तो उनके बेटे के पास रोमानिया जाने के लिए पैसे हैं और न ही वहां सीमा पर खानपान की सुविधा है। सर्दी भरे दिन व रातों को सड़क पर गुजार रहे हैं। उनका यह भी आरोप है कि छात्रों को पोलैंड में नहीं घुसने नहीं दिया जा रहा है। उनके साथ बदसलूकी की जा रही है।
इधर, वार्ड संख्या चार निवासी सैय्यद सरफराज मियां का बेटा बीबीए का छात्र अली फराज कीव के भारतीय दूतावास के पास स्थित सीनियर सेकेंड्री नंबर-1, 69 स्कूल में सैकड़ों बच्चों के साथ शरण लिए हुए है। अली फराज ने फोन पर बताया कि कीव में कर्फ्यू लगा हुआ है।
दूतावास की ओर से स्कूल में ठहराने के साथ ही सुरक्षित स्थान पर रहने के लिए बंकर उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि 24 फरवरी की शाम सात बजे से वह अन्य छात्र-छात्रा स्कूल में शरण लिए हैं लेकिन अभी तक दूतावास की ओर से उन्हें भारत लाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। डीएम युगल किशोर पंत ने कहा कि पोलैंड में बॉर्डर पर फंसे भारतीयों को लाने के लिए दूतावास में बात की जाएगी। शासन को भी अवगत कराया जाएगा।
दूतावास से भगाने और मेट्रो से सेना की ओर से दौड़ाने का आरोप
सितारगंज। यूक्रेन के कीव में भारतीय दूतावास में ठहरे छात्रों का कहना है कि वे बहुत परेशान हैं। उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं हो रहा है।
उनका आरोप है कि शनिवार की शाम दूतावास के अधिकारियों ने उन्हें दूतावास से जाने को कहा। इसके बाद वे मेट्रो स्टेशन चले गए। यहां तैनात यूक्रेन की सेना ने कर्फ्यू की वजह से उन्हें दौड़ा दिया। इससे वह वापस दूतावास आ गए और हंगामा किया। इस पर दूतावास के अधिकारियों ने उन्हें स्कूल में ही ठहरने के लिए कहा और बम बंकरों की चाबी सौंपी जिसके बाद से वे बंकरों में रह रहे हैं। (संवाद)
पिटाई का भी आरोप
सितारंगज। कुछ छात्रों ने यूक्रेन पुलिस पर भारतीय छात्रों की पिटाई का भी आरोप लगाया है। ऑडियो और वीडियो जारी कर उनका कहना है कि छात्र और छात्राओं को लाइन में लगाकर मारपीट की गई।
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दूतावास की ओर से बच्चों को एक टाइम का खाना उपलब्ध कराया जा रहा है। पोलैंड में फंसे छात्र के पास न तो पैसे बचे हैं और न ही खाना ही मिल पा रहा है। ठहरने की भी कोई सुविधा नहीं है। छात्र के पिता ने बताया कि पोलैंड बॉर्डर से भारतीयों को एंट्री नहीं दी जा रही है। उन्होंने डीएम व मुख्यमंत्री से बॉर्डर व यूक्रेन देश में फंसे बच्चों को सकुशल भारत लाने की मांग की है।
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बाईपास कालोनी वार्ड संख्या 12 निवासी कारोबारी मो. अथर का बेटा अजहर मलिक कीव शहर में रहकर अमेरिकन लाइबेरल आर्ट इंस्टीट्यूट से एमबीए कर रहा है। हमले के बाद कीव से पांच अन्य लड़कों के साथ अजहर पोलैंड सीमा के लिए निकला था। शुक्रवार की शाम अजहर और उनका दल पोलैंड सीमा पहुंच गया। तब से वह सीमा पर ही सड़क किनारे अन्य छात्रों के साथ खुले आसमान के नीचे रह रहा है।
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मो. अथर का आरोप है कि पोलैंड सीमा पर भारतीयों को एंट्री नहीं दी जा रही है। वहां से सभी भारतीयों को रोमानिया जाने के लिए कहा जा रहा है। ऐसे में न तो उनके बेटे के पास रोमानिया जाने के लिए पैसे हैं और न ही वहां सीमा पर खानपान की सुविधा है। सर्दी भरे दिन व रातों को सड़क पर गुजार रहे हैं। उनका यह भी आरोप है कि छात्रों को पोलैंड में नहीं घुसने नहीं दिया जा रहा है। उनके साथ बदसलूकी की जा रही है।
इधर, वार्ड संख्या चार निवासी सैय्यद सरफराज मियां का बेटा बीबीए का छात्र अली फराज कीव के भारतीय दूतावास के पास स्थित सीनियर सेकेंड्री नंबर-1, 69 स्कूल में सैकड़ों बच्चों के साथ शरण लिए हुए है। अली फराज ने फोन पर बताया कि कीव में कर्फ्यू लगा हुआ है।
दूतावास की ओर से स्कूल में ठहराने के साथ ही सुरक्षित स्थान पर रहने के लिए बंकर उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि 24 फरवरी की शाम सात बजे से वह अन्य छात्र-छात्रा स्कूल में शरण लिए हैं लेकिन अभी तक दूतावास की ओर से उन्हें भारत लाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। डीएम युगल किशोर पंत ने कहा कि पोलैंड में बॉर्डर पर फंसे भारतीयों को लाने के लिए दूतावास में बात की जाएगी। शासन को भी अवगत कराया जाएगा।
दूतावास से भगाने और मेट्रो से सेना की ओर से दौड़ाने का आरोप
सितारगंज। यूक्रेन के कीव में भारतीय दूतावास में ठहरे छात्रों का कहना है कि वे बहुत परेशान हैं। उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं हो रहा है।
उनका आरोप है कि शनिवार की शाम दूतावास के अधिकारियों ने उन्हें दूतावास से जाने को कहा। इसके बाद वे मेट्रो स्टेशन चले गए। यहां तैनात यूक्रेन की सेना ने कर्फ्यू की वजह से उन्हें दौड़ा दिया। इससे वह वापस दूतावास आ गए और हंगामा किया। इस पर दूतावास के अधिकारियों ने उन्हें स्कूल में ही ठहरने के लिए कहा और बम बंकरों की चाबी सौंपी जिसके बाद से वे बंकरों में रह रहे हैं। (संवाद)
पिटाई का भी आरोप
सितारंगज। कुछ छात्रों ने यूक्रेन पुलिस पर भारतीय छात्रों की पिटाई का भी आरोप लगाया है। ऑडियो और वीडियो जारी कर उनका कहना है कि छात्र और छात्राओं को लाइन में लगाकर मारपीट की गई।

एमबीए का छात्र अजहर मलिक।- फोटो : SITARGANJ