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तराई केंद्रीय वन प्रभाग के टांडा रेंज में तस्करों ने खैर के 22 पेड़ काटे
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रुद्रपुर के टांडा जंगल से तस्करों से जब्त की गई खैर की लकड़ी।
- फोटो : RUDRAPUR
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तराई केंद्रीय वन प्रभाग के टांडा रेंज में घुसे तस्करों ने खैर के 22 पेड़ काट डाले। लकड़ियों को ठिकाना लगाने से पहले वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। इस दौरान तस्कर फरार हो गए। वन विभाग ने सवा दो लाख की लकड़ी को जब्त कर तस्करों के खिलाफ वन अपराध का केस दर्ज कर लिया है।
बीते पांच दिसंबर को तड़के साढ़े चार बजे टांडा रेंज के रेंजर अजय लिंगवाल टीम के साथ गश्त करते हुए पत्थरचट्टा के पास पहुंचे। इस दौरान जंगल से उन्हें पेड़ काटने की आवाज सुनाई दी। टीम ने जंगल की घेराबंदी कर तस्करों को पकड़ने का प्रयास किया लेकिन तस्कर मौके से फरार हो गए।
वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो तस्करों ने खैर के 22 पेड़ों को काटकर रास्ते में लाकर रख दिए थे। लकड़ी को वाहन में रखकर ले जाने की तैयारी थी। रेंजर लिंगवाल ने बताया कि तस्करों को पकड़ने के लिए टीम ने कुछ दूरी तक पीछा किया लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कर भाग गए। उन्होंने बताया कि जब्त लकड़ी को वन चौकी में लाकर रख दिया है। इसके साथ ही अज्ञात तस्करों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। लकड़ी की कुल कीमत बाजार में सवा दो लाख रुपये है।
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डीएफओ डॉ. अभिलाषा सिंह ने बताया कि पेड़ काटने के मामले की जांच रेंजर अजय लिंगवाल को सौंपी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
बड़े गैंग के शामिल होने की आशंका
रुद्रपुर। लकड़ी तस्करी में बड़े गैंग के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। रेंजर अजय लिंगवाल ने बताया कि इससे पहले तराई पूर्वी वन प्रभाग में भी खैर के कई पेड़ काटे गए थे। वहीं गैंग इन पेड़ों को भी काट सकता है। तस्करों की पहचान के लिए आसपास के मुखबिर तंत्र व सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जा रही है।
मुठभेड़ का खतरा भांप गई टीम
रुद्रपुर। पेड़ काटने वाले तस्करों आरे, कुल्हाड़ी और असलहे लेकर जंगल में घुसे थे। टीम के मौके पर पहुंचने पर वह फायरिंग कर जानलेवा हमला कर सकते थे। टीम ने तस्करों को पकड़ने के लिए घेराबंदी की। इससे पहले तस्करों टीम को धमकाते हुए फरार हो गए। टीम अचानक आगे बढ़ती तो मुठभेड़ हो सकती थी।
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बीते पांच दिसंबर को तड़के साढ़े चार बजे टांडा रेंज के रेंजर अजय लिंगवाल टीम के साथ गश्त करते हुए पत्थरचट्टा के पास पहुंचे। इस दौरान जंगल से उन्हें पेड़ काटने की आवाज सुनाई दी। टीम ने जंगल की घेराबंदी कर तस्करों को पकड़ने का प्रयास किया लेकिन तस्कर मौके से फरार हो गए।
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वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो तस्करों ने खैर के 22 पेड़ों को काटकर रास्ते में लाकर रख दिए थे। लकड़ी को वाहन में रखकर ले जाने की तैयारी थी। रेंजर लिंगवाल ने बताया कि तस्करों को पकड़ने के लिए टीम ने कुछ दूरी तक पीछा किया लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कर भाग गए। उन्होंने बताया कि जब्त लकड़ी को वन चौकी में लाकर रख दिया है। इसके साथ ही अज्ञात तस्करों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। लकड़ी की कुल कीमत बाजार में सवा दो लाख रुपये है।
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डीएफओ डॉ. अभिलाषा सिंह ने बताया कि पेड़ काटने के मामले की जांच रेंजर अजय लिंगवाल को सौंपी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
बड़े गैंग के शामिल होने की आशंका
रुद्रपुर। लकड़ी तस्करी में बड़े गैंग के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। रेंजर अजय लिंगवाल ने बताया कि इससे पहले तराई पूर्वी वन प्रभाग में भी खैर के कई पेड़ काटे गए थे। वहीं गैंग इन पेड़ों को भी काट सकता है। तस्करों की पहचान के लिए आसपास के मुखबिर तंत्र व सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जा रही है।
मुठभेड़ का खतरा भांप गई टीम
रुद्रपुर। पेड़ काटने वाले तस्करों आरे, कुल्हाड़ी और असलहे लेकर जंगल में घुसे थे। टीम के मौके पर पहुंचने पर वह फायरिंग कर जानलेवा हमला कर सकते थे। टीम ने तस्करों को पकड़ने के लिए घेराबंदी की। इससे पहले तस्करों टीम को धमकाते हुए फरार हो गए। टीम अचानक आगे बढ़ती तो मुठभेड़ हो सकती थी।