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Udham Singh Nagar News: प्लॉट बेचने के नाम पर 8.75 लाख की धोखाधड़ी
Sun, 20 Oct 2024 02:53 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 20 Oct 2024 02:53 AM IST
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खटीमा। न्यायालय के आदेश पर तीन लोगों के खिलाफ प्लॉट बेचने के नाम पर आठ लाख 75 हजार की धोखाधड़ी करने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। पीड़ित ने प्लॉट के नाम पर सरकारी भूमि बेचने का आरोप लगाया है।
मझोला निवासी धर्मपाल ने बताया कि वर्ष 2014 को ग्राम-हल्दी में उन्हें रजिस्ट्री वाला प्लाॅट बताकर कागजात दिखाए। आरोपियों पर भरोसा कर वह प्लाॅट खरीदने के लिए राजी हो गए। सौदा 8,75,000 रुपये में तय हुआ। प्रथम बयाने के रूप उन्होंने 1,00,000 रुपये और दूसरे बयाने के रूप में 3,00,000 दिए। इसके बाद शेष 4,75,000 रुपये दे दिए। उन्होंने प्लाॅट के पूरी रकम की अदायगी के बाद जब अपने नाम रजिस्ट्री करने के लिए कहा तो वे टालमटोल करने लगे। उनके कई बार प्लॉट की रजिस्ट्री कराने की बात कहने के बाद भी रजिस्ट्री नहीं करवाई गई। उन्होंने अपने स्तर पर उक्त प्लॉट की छान-बीन की तो पता चला कि जो प्लॉट उनको बेचा है, वह सरकारी भूमि है। फर्जी दस्तावेज बनाकर उनको दिए थे। उन्होंने आरोपियों से पैसे वापस मांगे तो उन्होंने कहा कि वह भूमि सरकारी नहीं है। पुलिस ने भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। एसएसपी को डाक के माध्यम से शिकायती पत्र भेजा लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने उमरुखुर्द निवासी जाहिद, किफायत और भगचुरी निवासी जोगेंद्र मौर्या के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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मझोला निवासी धर्मपाल ने बताया कि वर्ष 2014 को ग्राम-हल्दी में उन्हें रजिस्ट्री वाला प्लाॅट बताकर कागजात दिखाए। आरोपियों पर भरोसा कर वह प्लाॅट खरीदने के लिए राजी हो गए। सौदा 8,75,000 रुपये में तय हुआ। प्रथम बयाने के रूप उन्होंने 1,00,000 रुपये और दूसरे बयाने के रूप में 3,00,000 दिए। इसके बाद शेष 4,75,000 रुपये दे दिए। उन्होंने प्लाॅट के पूरी रकम की अदायगी के बाद जब अपने नाम रजिस्ट्री करने के लिए कहा तो वे टालमटोल करने लगे। उनके कई बार प्लॉट की रजिस्ट्री कराने की बात कहने के बाद भी रजिस्ट्री नहीं करवाई गई। उन्होंने अपने स्तर पर उक्त प्लॉट की छान-बीन की तो पता चला कि जो प्लॉट उनको बेचा है, वह सरकारी भूमि है। फर्जी दस्तावेज बनाकर उनको दिए थे। उन्होंने आरोपियों से पैसे वापस मांगे तो उन्होंने कहा कि वह भूमि सरकारी नहीं है। पुलिस ने भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। एसएसपी को डाक के माध्यम से शिकायती पत्र भेजा लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने उमरुखुर्द निवासी जाहिद, किफायत और भगचुरी निवासी जोगेंद्र मौर्या के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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