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यूपी पुलिस की क्रॉस फायरिंग की दलील को डीआईजी और एसएसपी का झटका
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कुंडा थाना क्षेत्र में यूपी पुलिस और ग्रामीणों की भिड़ंत के दौरान चली गोलीबारी में जान गंवाने वा?
- फोटो : KASHIPUR
गुरजीत कौर की तीसरी खबर
यूपी पुलिस की क्रॉस फायरिंग की दलील को डीआईजी और एसएसपी का झटका
यूपी पुलिस ने पूरी तरह से लापरवाही में कार्रवाई की : डीआईजी
सिर्फ एक तरह की गोलियां मौके से बरामद हुईं और वह सरकारी हैं : एसएसपी
मौके से तीन असलहे और दो कारतूस मिले लेकिन क्रॉस फायरिंग के सुबूत नहीं मिले : फॉरेंसिक एक्सपर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
काशीपुर। उत्तराखंड पुलिस के अधिकारियों के बयान से उत्तर प्रदेश पुलिस की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने फोरेंसिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट के आधार पर कहा कि घटनास्थल पर सिर्फ एक ही तरह के असलहे से चले हुए खोखे बरामद हुए हैं। इन असलहों का इस्तेमाल यूपी पुलिस करती है। ऐसे में यूपी पुलिस की क्रॉस फायरिंग की दलील को झटका लगता दिखाई दे रहा है। डीआईजी कुमाऊं नीलेश आनंद भरणे ने भी यूपी पुलिस की कार्रवाई को घोर लापरवाही भरा बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह बिना किसी को बताए दबिश नहीं दी जानी चाहिए थी।
डीआईजी का कहना है कि यूपी पुलिस के नियमों का पालन नहीं करने की वजह से यह घटना हुई है। उधर, यूपी पुलिस ने जफर समेत 36 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, लूट, मारपीट सहित तमाम गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। काशीपुर के कुंडा थाने में यूपी पुलिस के जवानों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज है। ऐसे में आगे चलकर दोनों प्रदेशों की पुलिस के बीच तनाव बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
बृहस्पतिवार को डीआईजी नीलेश आनंद भरणे, एसएसपी मंजूनाथ टीसी, एसडीएम अभय प्रताप सिंह, तहसीलदार अक्षय भट्ट सहित तमाम पुलिस अधिकारी ज्येष्ठ उप ब्लॉक प्रमुख गुरताज सिंह भुल्लर के घर पहुंचे। यहां मृतका गुरजीत कौर के परिजनों ने अधिकारियों को घेर लिया। पूछा गया कि अभी तक यूपी पुलिस के जवानों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। इस पर डीआईजी ने कहा कि पुलिस की सात टीमें जांच में जुटी हैं। कुंडा थाना पुलिस को यूपी दबिश देने के लिए भेजा गया है ताकि आरोपी पुलिस जवानों को गिरफ्तार किया जा सके। राजकीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. दयाल शरण ने बताया कि जांच में मौके से तीन असलहे और दो कारतूस बरामद हुए हैं। अब तक की जांच में ऐसा कोई सुबूत नहीं मिला जिससे क्रॉस फायरिंग की बात को बल मिले।
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गुरजीत कौर की मौत के बाद कुंडा थाना पुलिस ने यूपी पुलिस के जवानों को अस्पताल पहुंचाया था। मुरादाबाद पुलिस बिना ऊधमसिंह नगर पुलिस को सूचना दिए यहां आई थी। इस संबंध में डीआईजी मुरादाबाद को पत्र लिखा है, जिसमें उनसे पूछा गया है कि यूपी पुलिस यहां क्यों आई थी और फिर बिना बताए यहां से कैसे चली गई। यूपी पुलिस की कार्रवाई नियम विरुद्ध थी। ऐसे में डीआईजी मुरादाबाद अपने स्तर से कार्रवाई करें, साथ ही हमारी कार्रवाई में सहयोग करें। - नीलेश आनंद भरणे, डीआईजी कुमाऊं।
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यूपी पुलिस के जवानों को कुंडा थाने के तीन पुलिस कर्मियों के साथ अस्पताल भेजा गया था। अस्पताल में उन्होंने हमारे सिपाही के साथ धक्कामुक्की की और वह चले गए। यूपी पुलिस के जवानों ने हमारे कांस्टेबल पर बल प्रयोग किया है। सीसीटीवी फुटेज में यह पूरी घटना कैद है। उन्होंने हमारा बैरियर भी तोड़ा।
मंजूनाथ टीसी, एसएसपी ऊधमसिंह नगर।
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यूपी पुलिस की क्रॉस फायरिंग की दलील को डीआईजी और एसएसपी का झटका
यूपी पुलिस ने पूरी तरह से लापरवाही में कार्रवाई की : डीआईजी
सिर्फ एक तरह की गोलियां मौके से बरामद हुईं और वह सरकारी हैं : एसएसपी
मौके से तीन असलहे और दो कारतूस मिले लेकिन क्रॉस फायरिंग के सुबूत नहीं मिले : फॉरेंसिक एक्सपर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
काशीपुर। उत्तराखंड पुलिस के अधिकारियों के बयान से उत्तर प्रदेश पुलिस की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने फोरेंसिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट के आधार पर कहा कि घटनास्थल पर सिर्फ एक ही तरह के असलहे से चले हुए खोखे बरामद हुए हैं। इन असलहों का इस्तेमाल यूपी पुलिस करती है। ऐसे में यूपी पुलिस की क्रॉस फायरिंग की दलील को झटका लगता दिखाई दे रहा है। डीआईजी कुमाऊं नीलेश आनंद भरणे ने भी यूपी पुलिस की कार्रवाई को घोर लापरवाही भरा बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह बिना किसी को बताए दबिश नहीं दी जानी चाहिए थी।
डीआईजी का कहना है कि यूपी पुलिस के नियमों का पालन नहीं करने की वजह से यह घटना हुई है। उधर, यूपी पुलिस ने जफर समेत 36 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, लूट, मारपीट सहित तमाम गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। काशीपुर के कुंडा थाने में यूपी पुलिस के जवानों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज है। ऐसे में आगे चलकर दोनों प्रदेशों की पुलिस के बीच तनाव बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
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बृहस्पतिवार को डीआईजी नीलेश आनंद भरणे, एसएसपी मंजूनाथ टीसी, एसडीएम अभय प्रताप सिंह, तहसीलदार अक्षय भट्ट सहित तमाम पुलिस अधिकारी ज्येष्ठ उप ब्लॉक प्रमुख गुरताज सिंह भुल्लर के घर पहुंचे। यहां मृतका गुरजीत कौर के परिजनों ने अधिकारियों को घेर लिया। पूछा गया कि अभी तक यूपी पुलिस के जवानों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। इस पर डीआईजी ने कहा कि पुलिस की सात टीमें जांच में जुटी हैं। कुंडा थाना पुलिस को यूपी दबिश देने के लिए भेजा गया है ताकि आरोपी पुलिस जवानों को गिरफ्तार किया जा सके। राजकीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. दयाल शरण ने बताया कि जांच में मौके से तीन असलहे और दो कारतूस बरामद हुए हैं। अब तक की जांच में ऐसा कोई सुबूत नहीं मिला जिससे क्रॉस फायरिंग की बात को बल मिले।
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गुरजीत कौर की मौत के बाद कुंडा थाना पुलिस ने यूपी पुलिस के जवानों को अस्पताल पहुंचाया था। मुरादाबाद पुलिस बिना ऊधमसिंह नगर पुलिस को सूचना दिए यहां आई थी। इस संबंध में डीआईजी मुरादाबाद को पत्र लिखा है, जिसमें उनसे पूछा गया है कि यूपी पुलिस यहां क्यों आई थी और फिर बिना बताए यहां से कैसे चली गई। यूपी पुलिस की कार्रवाई नियम विरुद्ध थी। ऐसे में डीआईजी मुरादाबाद अपने स्तर से कार्रवाई करें, साथ ही हमारी कार्रवाई में सहयोग करें। - नीलेश आनंद भरणे, डीआईजी कुमाऊं।
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यूपी पुलिस के जवानों को कुंडा थाने के तीन पुलिस कर्मियों के साथ अस्पताल भेजा गया था। अस्पताल में उन्होंने हमारे सिपाही के साथ धक्कामुक्की की और वह चले गए। यूपी पुलिस के जवानों ने हमारे कांस्टेबल पर बल प्रयोग किया है। सीसीटीवी फुटेज में यह पूरी घटना कैद है। उन्होंने हमारा बैरियर भी तोड़ा।
मंजूनाथ टीसी, एसएसपी ऊधमसिंह नगर।