{"_id":"597a35d34f1c1b20798b47f9","slug":"crevice-in-building-s-wall","type":"story","status":"publish","title_hn":"हस्तांतरित होने से पहले ही भवन में पड़ गई दरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हस्तांतरित होने से पहले ही भवन में पड़ गई दरार
अमर उजाला ब्यूरो, बाजपुर।
Updated Fri, 28 Jul 2017 12:19 AM IST
विज्ञापन
बाजपुर के गांव रामजीवनपुर में बने विद्यालय भवन में पड़ी दरार।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव रामजीवनपुर के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नवनिर्मित भवन में हैंडओवर होने से पहले ही दरार पड़ने लगी हैं। स्कूली बच्चे पंचायतघर और तिरपाल के नीचे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सूबे के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे की कर्मभूमि बाजपुर का यह हाल है तो दूर-दराज के क्षेत्रों का क्या हाल होगा, अंदाजा लगाया जा सकता है।
तहसील मुख्यालय से 12 किमी दूर स्थित गांव रामजीवनपुर प्राथमिक विद्यालय है। दो साल पहले विद्यालय के बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिए राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन का शिलान्यास किया गया। इसके लिए दो करोड़ 27 लाख रुपये का बजट जारी किया गया। निर्माण कार्य उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम को सौंपा गया।
विद्यालय की जरूरत के मुताबिक 11 कक्षाएं, प्रधानाचार्य दफ्तर, स्टाफ कक्ष, परीक्षा कक्ष, कार्यालय कक्ष समेत 16 कक्ष बनाए गए हैं। वर्ष 2016 में निर्माण कार्य शुरू हुआ और रंगाई और पुताई सहित बीते जून में भवन पूरी तरह तैयार हो गया। अभी भवन में बिजली कनेक्शन नहीं लगा है।
विज्ञापन
अभी तक भवन विद्यालय को हस्तांतरित नहीं किया गया है। इससे पहले ही भवन की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। बुनियाद कमजोर होने की वजह से दीवारों में दरारें पड़ने लगी हैं। विभागीय अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने हैं।
इधर ग्राम प्रधान कस्तूरी देवी कहती हैं कि राउमावि भवन की रंगाई, पुताई कर चमका तो दिया गया है, लेकिन कई स्थानों पर पड़ी दरार निर्माण कार्य में धांधली को उजागर कर रही हैं। इस मामले में अवर अभियंता भी कुछ सुनने को तैयार नही है।
एक साथ लगती हैं 6 और 7 की कक्षाएं
गांव रामजीवनपुर में भवन और शिक्षकों के अभाव के चलते कक्षा छह और सात के छात्रों को एक ही कक्षा में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। अभिभावकों का आरोप है कि एक ही कमरे में दोनों कक्षाओं के बच्चों को बैठाने से पढ़ाई प्रभावित होती है।
विद्यालय भवन के नक्शे में थी लिफ्ट
प्रधानपति प्रेम सिंह ने बताया कि गांव में बने नवनिर्मित विद्यालय भवन के नक्शे में लिफ्ट स्वीकृत थी, लेकिन उसका निर्माण नही किया गया है। भवन में अभी बिजली कनेक्शन भी नहीं लगा है। दरारें ठीक करने के बाद ही कक्षाएं शुरू की जाएं। शिलान्यास का शिलापट भी उनके घर में रखा है।
जेई का दावा, दरारें नहीं हो सकतीं
उप्र राज्य निर्माण निगम के अवर अभियंता सुबोध कुमार ने बताया कि भवन में मात्र लिफ्ट बैल का प्रावधान था, जिसे नहीं लगाया गया है। भवन की दीवारों में दरारें नहीं हो सकती, फिर भी मौके पर जाकर देखेंगे। कई बार संयुक्त स्थानों पर जगह बन जाती है। इससे भवन को कोई खतरा नहीं है। बिजली कनेक्शन और मैदान में मिट्टी भरान का कार्य होना अभी शेष है।
विद्यालय भवन का निरीक्षण कर मामले की जांच की जाएगी। यदि कोई धांधली पाई गई तो निर्माणदायी संस्था के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
पीएस राणा, एसडीएम बाजपुर
विज्ञापन
तहसील मुख्यालय से 12 किमी दूर स्थित गांव रामजीवनपुर प्राथमिक विद्यालय है। दो साल पहले विद्यालय के बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिए राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन का शिलान्यास किया गया। इसके लिए दो करोड़ 27 लाख रुपये का बजट जारी किया गया। निर्माण कार्य उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम को सौंपा गया।
विज्ञापन
विद्यालय की जरूरत के मुताबिक 11 कक्षाएं, प्रधानाचार्य दफ्तर, स्टाफ कक्ष, परीक्षा कक्ष, कार्यालय कक्ष समेत 16 कक्ष बनाए गए हैं। वर्ष 2016 में निर्माण कार्य शुरू हुआ और रंगाई और पुताई सहित बीते जून में भवन पूरी तरह तैयार हो गया। अभी भवन में बिजली कनेक्शन नहीं लगा है।
विज्ञापन
अभी तक भवन विद्यालय को हस्तांतरित नहीं किया गया है। इससे पहले ही भवन की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। बुनियाद कमजोर होने की वजह से दीवारों में दरारें पड़ने लगी हैं। विभागीय अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने हैं।
इधर ग्राम प्रधान कस्तूरी देवी कहती हैं कि राउमावि भवन की रंगाई, पुताई कर चमका तो दिया गया है, लेकिन कई स्थानों पर पड़ी दरार निर्माण कार्य में धांधली को उजागर कर रही हैं। इस मामले में अवर अभियंता भी कुछ सुनने को तैयार नही है।
एक साथ लगती हैं 6 और 7 की कक्षाएं
गांव रामजीवनपुर में भवन और शिक्षकों के अभाव के चलते कक्षा छह और सात के छात्रों को एक ही कक्षा में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। अभिभावकों का आरोप है कि एक ही कमरे में दोनों कक्षाओं के बच्चों को बैठाने से पढ़ाई प्रभावित होती है।
विद्यालय भवन के नक्शे में थी लिफ्ट
प्रधानपति प्रेम सिंह ने बताया कि गांव में बने नवनिर्मित विद्यालय भवन के नक्शे में लिफ्ट स्वीकृत थी, लेकिन उसका निर्माण नही किया गया है। भवन में अभी बिजली कनेक्शन भी नहीं लगा है। दरारें ठीक करने के बाद ही कक्षाएं शुरू की जाएं। शिलान्यास का शिलापट भी उनके घर में रखा है।
जेई का दावा, दरारें नहीं हो सकतीं
उप्र राज्य निर्माण निगम के अवर अभियंता सुबोध कुमार ने बताया कि भवन में मात्र लिफ्ट बैल का प्रावधान था, जिसे नहीं लगाया गया है। भवन की दीवारों में दरारें नहीं हो सकती, फिर भी मौके पर जाकर देखेंगे। कई बार संयुक्त स्थानों पर जगह बन जाती है। इससे भवन को कोई खतरा नहीं है। बिजली कनेक्शन और मैदान में मिट्टी भरान का कार्य होना अभी शेष है।
विद्यालय भवन का निरीक्षण कर मामले की जांच की जाएगी। यदि कोई धांधली पाई गई तो निर्माणदायी संस्था के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
पीएस राणा, एसडीएम बाजपुर