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Udham Singh Nagar News: पंत विवि के सुरक्षा गार्ड की हत्या में तीन दोषियों को उम्र कैद
Fri, 16 Jun 2023 11:20 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 16 Jun 2023 11:20 PM IST
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पंतनगर। विवि परिसर के बेनी में क्यारी बनाने के विवाद में साढ़े चार वर्ष पूर्व सुरक्षा गार्ड की हत्या करने वाले तीन दोषियों को अपर जिला एवं सत्र न्यायालय द्वितीय जस्टिस शादाब बानो ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
राम सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह को जीबी पंत विवि के सुरक्षा विभाग में मृतक आश्रित कोटे के अंतर्गत गार्ड के पद पर नियुक्ति मिली थी। उसके साथ हरिकेश यादव ठेका कर्मी सुरक्षा विभाग में कार्यरत था। दोनों को बेनी के चीफ हाउस कालोनी में सरकारी आवास मिला था। दोनों एक-दूसरे के पड़ोसी थे। दोनों परिवारों में क्यारी और रास्ते को लेकर आए दिन विवाद होता रहता था। 27 नवंबर 2018 को भी दोनों परिवारों के बीच विवाद हुआ था। जिसके बाद ड्यूटी से एक बजे घर पहुंचे हरिकेश ने हाॅकी लेकर रामसिंह को ललकारा और राम सिंह ने लोहे की राॅड से हरिकेश के सिर पर वार कर दिया। जिसमें हरिकेश खून से लथपथ होकर बेहोश हो गया था और उसे गंभीर हालत में एसटीएच हल्द्वानी में भर्ती कराया गया, जहां अगले दिन उसने दम तोड़ दिया था। मामले में मृतक के परिजनों ने उनके पड़ोसी सुरक्षा गार्ड रामसिंह, बृजकिशोर व सुमन उर्फ मंसा को नामजद किया था। इसके बाद पुलिस ने तीनाें अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय द्वितीय जस्टिस शादाब बानो की अदालत में चल रही थी। पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनिल सिंह ने पैरवी की। उन्होंने गवाह और सबूत पेश कर तीनों अभियुक्तों पर दोष सिद्ध कर दिया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मामले में 16 गवाह पेश कर आरोप को सिद्ध कर दिया गया। अदालत ने आरोपियों ने 5,000 - 5,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
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राम सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह को जीबी पंत विवि के सुरक्षा विभाग में मृतक आश्रित कोटे के अंतर्गत गार्ड के पद पर नियुक्ति मिली थी। उसके साथ हरिकेश यादव ठेका कर्मी सुरक्षा विभाग में कार्यरत था। दोनों को बेनी के चीफ हाउस कालोनी में सरकारी आवास मिला था। दोनों एक-दूसरे के पड़ोसी थे। दोनों परिवारों में क्यारी और रास्ते को लेकर आए दिन विवाद होता रहता था। 27 नवंबर 2018 को भी दोनों परिवारों के बीच विवाद हुआ था। जिसके बाद ड्यूटी से एक बजे घर पहुंचे हरिकेश ने हाॅकी लेकर रामसिंह को ललकारा और राम सिंह ने लोहे की राॅड से हरिकेश के सिर पर वार कर दिया। जिसमें हरिकेश खून से लथपथ होकर बेहोश हो गया था और उसे गंभीर हालत में एसटीएच हल्द्वानी में भर्ती कराया गया, जहां अगले दिन उसने दम तोड़ दिया था। मामले में मृतक के परिजनों ने उनके पड़ोसी सुरक्षा गार्ड रामसिंह, बृजकिशोर व सुमन उर्फ मंसा को नामजद किया था। इसके बाद पुलिस ने तीनाें अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय द्वितीय जस्टिस शादाब बानो की अदालत में चल रही थी। पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनिल सिंह ने पैरवी की। उन्होंने गवाह और सबूत पेश कर तीनों अभियुक्तों पर दोष सिद्ध कर दिया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मामले में 16 गवाह पेश कर आरोप को सिद्ध कर दिया गया। अदालत ने आरोपियों ने 5,000 - 5,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
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