{"_id":"6a5a845ea5c9d0503d008fc2","slug":"conversion-a-three-member-committee-will-investigate-rudrapur-news-c-8-1-hld1019-801842-2026-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"धर्मांतरण : तीन सदस्यीय समिति करेगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धर्मांतरण : तीन सदस्यीय समिति करेगी जांच
Sat, 18 Jul 2026 01:07 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sat, 18 Jul 2026 01:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुद्रपुर। थारू जनजाति समाज से लोगों के ईसाई बनने और सरकारी सुविधाओं के दुरुपयोग की शिकायत पर प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। एसडीए खटीमा तुषार सैनी ने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। अठवाला राणा थारू परिषद खटीमा और अन्य संगठनों ने शिकायत में आरोप लगाया था कि दान सिंह राणा और उनके परिवार की ओर से थारू समाज के लोगों को ईसाई बनाया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की थी कि धर्मांतरण कराने वाले दान सिंह और उनके पुत्र का ग्राम प्रधान पद से निलंबन किया जाए।
उन्हें थारू जनजाति के नाम पर मिलने वाली सरकारी सुविधाओं से भी वंचित किरते हुए उनका थारू जनजाति का प्रमाण पत्र भी निरस्त किया जाए। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने जांच समिति का गठन किया है। समिति में तहसीलदार खटीमा को अध्यक्ष, सहायक खंड विकास अधिकारी और सहायक समाज कल्याण अधिकारी को सदस्य बनाया गया है।
जारी आदेश में कहा गया है कि गठित समिति पूरे प्रकरण की नियमानुसार जांच कर स्पष्ट आख्या 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराएगी। प्रतिलिपि जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है। इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्हें थारू जनजाति के नाम पर मिलने वाली सरकारी सुविधाओं से भी वंचित किरते हुए उनका थारू जनजाति का प्रमाण पत्र भी निरस्त किया जाए। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने जांच समिति का गठन किया है। समिति में तहसीलदार खटीमा को अध्यक्ष, सहायक खंड विकास अधिकारी और सहायक समाज कल्याण अधिकारी को सदस्य बनाया गया है।
विज्ञापन
जारी आदेश में कहा गया है कि गठित समिति पूरे प्रकरण की नियमानुसार जांच कर स्पष्ट आख्या 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराएगी। प्रतिलिपि जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है। इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
विज्ञापन