पंत विवि: एडमिशन में खेल... सिफारिश पास, काबिलियत फेल; उच्च के बजाय न्यून मेरिट धारकों को आवंटित कर दीं सीटें
पंतनगर कृषि विवि के प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया पर विवाद गहरा गया है। आरोप है कि यूओयू के नियमों को दरकिनार कर उच्च मेरिट वालों को नजरअंदाज कर सिफारिशी न्यूनतम मेरिट धारकों को सीटें दे दी गईं।
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जीबी पंत कृषि विवि स्थित प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रमों में हुई प्रवेश प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि यूओयू के नियम दरकिनार कर उच्चतम के बजाय सिफारिशी न्यूनतम मेरिट धारकों को प्रवेश दे दिया गया। आक्रोशित विद्यार्थियों ने कुलपति, निदेशक और सीएम से मामले की शिकायत की है।
जेईईई-मेंस की मेरिट के आधार पर सीटें आवंटित होने के बाद बची सीटों के लिए प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में दो हजार रुपये में पंजीकरण कर स्पाॅट काउंसलिंग से सीटे भरने और अपग्रेडेशन की प्रक्रिया चल रही थी। बीती 20-21 अगस्त को तीसरी स्पाॅट काउंसलिंग थी। 20 अगस्त को 12.30 बजे पोर्टल खोला गया, जिसमें छात्रों को उपलब्ध सीटों के लिए अपनी पसंद भरनी थी और 21 अगस्त की सुबह 9.30 बजे काॅलेज में रिपोर्टिंंग करनी थी। सवाल उठता है कि इतने शाॅर्ट नोटिस पर विभिन्न राज्यों के छात्र पंतनगर कैसे पहुंच सकते हैं।
अपात्रों को पहुंचाया गया लाभ
नाम न छापने की शर्त पर हरिद्वार की ओबीसी छात्रा ने बताया कि उसकी रैंक एआई 426113 थी और उसे प्रोडक्शन इंजी. ब्रांच आवंटित हुई थी। अपग्रडेशन के लिए उसने 21 को स्पाॅट काउंसलिंग में पंजीकरण कराया और सीएस, आईटी, ईसीई व सिविल ब्रांच की च्वाइस भरी थी। सीट भी रिक्त होने के बावजूद उसे न देकर पंतनगर निवासी छात्रा रैंक-769101 को सिविल से अपग्रेड कर ईसीई आवंटित कर दी गई।
वहीं दूसरे मामले में कालाढूंगी निवासी ओबीसी छात्र ने बताया कि उसकी एआई रैंक 590262 थी। उसे कोई सीट नहीं मिली, जबकि लोकल के छात्र रैंक-1431859 को सिविल ब्रांच आवंटित कर दी गई। कहा सीट आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं है और नियम दरकिनार कर अपात्रों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
संस्थान को स्पाॅट काउंसलिंग के लिए यह हैं निर्देश
यूटीयू ने संस्थानों को स्पाॅट काउंसलिंग के लिए 19 से 25 अगस्त निर्धारित की थी। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रतिदिन 10 से एक बजे तक पंजीकरण, दो बजे तक सीट आवंटन और तीन से पांच बजे तक अभिलेख सत्यापन, प्रवेश, यूएमएस पोर्टल पर पंजीकरण, शुल्क जमा और सत्यापन करना होगा। सीटें रिक्त रहने तक प्रतिदिन सुबह नौ बजे से पूर्व रिक्त सीटों की स्थिति नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर उपलब्ध करानी होगी। इसके इतर पंतनगर में 21 अगस्त को ही स्पाॅट काउंसलिंग पूरी कर प्रवेश प्रक्रिया बंद कर दी गई है।
यहां भी धांधली....
धांधली में उत्तराखंड तकनीकी विवि (यूटीयू) भी शामिल है। विवि ने 2025-2026 में एक ओबीसी छात्रा (रैंक-1600012) को पहले ही राउंड में एई ब्रांच आवंटित कर दी जबकि उस वर्ष जेईईई-मेंस में लगभग 14 लाख बच्चों ने ही प्रतिभाग किया था। नियम है कि जेईईई की मेरिट के आधार पर सीटें आवंटित होने के बाद भी यदि सीटें बचती हैं, तो इंटर की मेरिट के आधार पर बच्चों को सीटें आवंटित कर दी जाती हैं। जिसके लिए रैंक 160001 से आगे शुरू होती है। एडमिशन कोऑर्डिनेटर डाॅ. विनोद बालियान ने बताया कि इस सत्र में भी यूटीयू ने एक ऐसे ही छात्र को सीट आवंटित की है।
मैन्यूअल सीट आवंटन में बच्चे की फिलिंग च्वाइस के आधार पर सीट दी जाती है। अगर 10 छात्रों के बाद 11वें ने कोई सीट खाली की, उस सीट के लिए पीछे के छात्र को कैसे बुलाया जा सकता है। हमारे यहां मेरिट के आधार पर ही सभी सीटें आवंटित की गई हैं। -विनोद बालियान, एडमिशन कोऑर्डिनेटर-प्रौद्योगिक महाविद्यालय, पंतनगर विवि।