किच्छा नगर पालिका चुनाव: 2027 से पहले सियासी तस्वीर साफ, बेहड़ का पलड़ा भारी; शुक्ला को लगातार दूसरी हार
किच्छा नगर पालिका चुनाव का नतीजा 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी तस्वीर साफ कर गया। चेयरमैन पद के लिए मुख्य मुकाबला कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ और पूर्व विधायक व भाजपा नेता राजेश शुक्ला के बीच था। नतीजे में एक बार फिर बेहड़ का पलड़ा भारी रहा।
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किच्छा नगर पालिका चुनाव का नतीजा भले ही एक नगर निकाय का फैसला हो, लेकिन बुधवार को सामने आए परिणाम ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यहां की सियासी तस्वीर साफ कर दी है। चुनाव मैदान में चेयरमैन पद के लिए दो चेहरे थे लेकिन मुख्य मुकाबला कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ और पूर्व विधायक व भाजपा नेता राजेश शुक्ला के बीच ही था। नतीजा आया तो एक बार फिर बेहड़ का पलड़ा भारी रहा और शुक्ला खेमे को लगातार दूसरी राजनीतिक हार का सामना करना पड़ा।
चुनाव मैदान में दो चेहरे थे। कांग्रेस ने राजेश प्रताप सिंह को मैदान में उतारा था, जबकि संदीप अरोड़ा उर्फ सोनू भाजपा के टिकट पर चुनावी समर में उतरे थे। कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में विधायक बेहड़ ने खुद मोर्चा संभाला तो भाजपा प्रत्याशी के लिए पूर्व विधायक शुक्ला ने पूरी ताकत झोंकी। मतगणना के बाद बाजी राजेश प्रताप सिंह के हाथ लगी। शुक्ला के लिए इस नतीजे से जोर का झटका जोर से लगा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में किच्छा विधानसभा सीट पर कांग्रेस के बेहड़ ने शुक्ला को करारी शिकस्त दी थी। अब चार साल बाद नगर पालिका चुनाव में अपने करीबी प्रत्याशी को जीत दिलाकर बेहड़ दूसरी बार शुक्ला पर भारी पड़े और उन्हें क्षेत्र में अपनी राजनीतिक मजबूत पकड़ का अहसास भी करा दिया है। पालिका चुनाव के नतीजे को विधानसभा चुनाव का पैमाना मानना जल्दबाजी होगा लेकिन लगातार दो चुनावों में एक ही राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी से हार मिलना शुक्ला के लिए निश्चित तौर पर जोर का झटका है। खासकर तब, जब 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों का बिगुल बजने में कुछ समय ही रह गया हो।
बदलाव के बीज फूटने लगे, 2027 तक दिखेंगे वृक्ष : हरदा
पूर्व सीएम हरीश रावत ने किच्छा पालिका चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की जीत पर खुशी जताई है। फेसबुक पर पोस्ट डालकर हरदा ने कहा है कि बदलाव के बीज फूटने लगे हैं और उम्मीद है कि ये बीच 2027 तक वृक्ष के रूप में दिखाई देंगे। उन्होंने लिखा है कि मैं कल ही किच्छा वालों से मिलकर आया हूं। उम्मीद है कि किच्छा के लोग विजय का लड्डू खाते समय मुझे भी याद रखेंगे।
ये जीत जनता की है। जनता से साबित कर दिया कि क्षेत्र में गुंडाराज नहीं चलने दिया जाएगा। 2027 चुनाव भी हम ही जीतेंगे। - तिलक राज बेहड़, विधायक, किच्छा
जनता का जनादेश हम स्वीकार करते हैं। आने वाला समय भाजपा का होगा। एक हार से हम निराश होने वाले नहीं हैं। - राजेश शुक्ला, पूर्व विधायक, किच्छा