Rudrapur: कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने बेहड़ पर लगाया संगठन को धीमा जहर देने का आरोप, गाबा ने खड़े किए सवाल
किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ की ओर से निकाय चुनाव को लेकर की गई आरोपों की बौछार पर अब जिलाध्यक्ष ने तीखा पलटवार किया है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि बेहड़ ने संगठन को धीमा जहर देने का काम किया है।
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किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ की ओर से निकाय चुनाव को लेकर की गई आरोपों की बौछार पर अब जिलाध्यक्ष ने तीखा पलटवार किया है। जिलाध्यक्ष ने साफ कहा कि बेहड़ खुद को संगठन से ऊपर न समझें। मेयर प्रत्याशी के फार्म हाउस पर समीक्षा बैठक के नाम पर बेहड़ ने संगठन को धीमा जहर देने का काम किया है। बेहड़ को महानगर से लेकर जिलाध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्षों से लंबे समय से परेशानी ही रही है। जिले में पांच विधायकों में से सिर्फ बेहड़ को उनसे परेशानी है। अगर इतनी ही दिक्कत है तो सारे पद बेहड़ संभाल लें और संगठन के लोग घर बैठ जाते हैं।
पार्टी के मेयर प्रत्याशी रहे मोहन खेड़ा के फार्म हाउस पर बीते रविवार को बुलाई गई हार की समीक्षा बैठक में बेहड़ ने महानगर और जिला संगठन पर कई आरोप लगाए थे। उन्होंने महानगर से लेकर प्रदेश नेतृत्व को बदलने की मांग की थी। शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निकाय चुनाव में बेहड़ की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि पार्टी मजबूती से चुनाव लड़ी थी। बेहड़ वरिष्ठ नेता है और उनका सम्मान है लेकिन जिस तरह से वे महानगर से लेकर प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ बोले हैं, वह गलत है। अगर बेहड़ को कोई शिकायत है तो उसे पार्टी फोरम में रखना चाहिए था। अच्छा होता तो रुद्रपुर के साथ ही बेहड़ अपने विधानसभा क्षेत्र किच्छा में नगला और लालपुर निकाय चुनाव में पार्टी की खराब स्थितियों की समीक्षा करते।
जहां तक प्रदेश, जिला व महानगर अध्यक्ष को हटाने का सवाल है तो यह हाईकमान तय करेगा। किसी के कहने पर कोई हटने वाला नहीं है। कहा कि हमारे खून में कांग्रेस है। कांग्रेस से कभी गद्दारी नहीं कर सकते हैं। वहां पर मीना शर्मा, ममता रानी, योगेश चौहान, संदीप चीमा मौजूद रहे। इधर बेहड़ ने कहा कि वे पारिवारिक कार्यक्रम में बाहर हैं। वहां से लौटने पर इस संबंध में बोलेंगे।
रिमोट कंट्रोल से संगठन चलाना चाहते हैं बेहड़
जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा ने कहा कि बेहड़ कांग्रेस में दो फाड़ कर जिला व महानगर संगठन को रिमोट से चलाना चाहते हैं। वह हालिया सालों में प्रदेश अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष बने नेताओं से नाखुश होते हैं। कोई कितना बड़ा नेता हो जाए, संगठन से बड़ा नहीं है। पार्टी की गाइडलाइन तोड़कर अपने हिसाब से पार्टी चलाने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी बेहड़ से काेई मेड़ और प्रापर्टी की लड़ाई नहीं है लेकिन बेहड़ की सिर्फ ईगो की लड़ाई है।
छह वार्ड बेहड़ की वजह से हारे : शर्मा
महानगर अध्यक्ष सीपी शर्मा ने कहा कि वरिष्ठ नेता तिलकराज बेहड़ ने रुद्रपुर निकाय चुनाव में दखल नहीं देने की बात कही थी। उनके बेटे के टिकट के लिए मजबूत कार्यकर्ता का टिकट काटना पड़ा। बेहड़ के कहने पर कुछ जगह टिकट बदले गए। कहा कि पार्षद प्रत्याशियों ने काफी कुछ लिखकर दिया है और हाईकमान के सामने सब रखा जाएगा। कहा कि छह वार्ड बेहड़ की वजह से हारे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बेहड़ को उनके महानगर अध्यक्ष बनते ही दिक्कतें होनी शुरू हो गई थी। उनके सम्मान में कभी कसर नहीं छोड़ी लेकिन बदले में सिर्फ अपमान मिला।