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खराब पुष्टाहार के संबंध में आयोग ने डीएम को फिर भेजा नोटिस
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काशीपुर। कचनालगाजी कुमाऊं कालोनी में आंगनबाड़ी केंद्र पर बांटे जा रहे पुष्टाहार (सूजी) के पैकेटों में कीड़े और मरी हुई मक्खियां निकलने की शिकायत पर डीएम द्वारा रिपोर्ट न दिए जाने को राज्य मानवाधिकार आयोग ने गंभीरता से लिया है। आयोग ने डीएम को दोबारा नोटिस जारी कर कहा कि दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ 10 दिसंबर को जिला स्तरीय अधिकारी आयोग के समक्ष उपस्थित होना सुनिश्चित करें।
मिस्सरवाला निवासी आसिम अजहर ने 22 मई 2019 को राज्य मानवाधिकार आयोग को भेजी शिकायत में कहा था कि जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को निम्न गुणवत्ता युक्त पुष्टाहार वितरित किया जा रहा है। कंपनी द्वारा पैकेजिंग पुष्टाहार उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। पांच दिसंबर 2018 में खड़कपुर देवीपुरा के एक आंगनबाड़ी केंद्र पर भी गुणवत्ता विहीन पुष्टाहार वितरित किए जाने की शिकायत की गई थी।
जिस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा मौके पर पहुंचकर सैंपल भी भरा गया था लेकिन उसकी जांच रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई। 19 मई 2019 को कचनालगाजी की कुमाऊं कॉलोनी में फिर पुष्टाहार में कीड़े और मरी हुई मक्खियां पाई गई। राज्य मानवाधिकार आयोग ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया है।
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न्यायाधीश अखिलेश चंद्र शर्मा ने डीएम से एक अगस्त 2019 तक जवाब दाखिल करने को कहा था लेकिन आयोग में डीएम की ओर से इस मामले में कोई आख्या उपलब्ध नहीं कराई गई। आयोग ने डीएम को पुन: नोटिस जारी कर चार सप्ताह में आख्या मांगी है। कहा गया है कि आख्या न देने की स्थिति में किसी जिला स्तरीय अधिकारी की साक्ष्यों के साथ आयोग में उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। इस मामले में सुनवाई अब 10 दिसंबर को होगी।
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मिस्सरवाला निवासी आसिम अजहर ने 22 मई 2019 को राज्य मानवाधिकार आयोग को भेजी शिकायत में कहा था कि जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को निम्न गुणवत्ता युक्त पुष्टाहार वितरित किया जा रहा है। कंपनी द्वारा पैकेजिंग पुष्टाहार उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। पांच दिसंबर 2018 में खड़कपुर देवीपुरा के एक आंगनबाड़ी केंद्र पर भी गुणवत्ता विहीन पुष्टाहार वितरित किए जाने की शिकायत की गई थी।
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जिस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा मौके पर पहुंचकर सैंपल भी भरा गया था लेकिन उसकी जांच रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई। 19 मई 2019 को कचनालगाजी की कुमाऊं कॉलोनी में फिर पुष्टाहार में कीड़े और मरी हुई मक्खियां पाई गई। राज्य मानवाधिकार आयोग ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया है।
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न्यायाधीश अखिलेश चंद्र शर्मा ने डीएम से एक अगस्त 2019 तक जवाब दाखिल करने को कहा था लेकिन आयोग में डीएम की ओर से इस मामले में कोई आख्या उपलब्ध नहीं कराई गई। आयोग ने डीएम को पुन: नोटिस जारी कर चार सप्ताह में आख्या मांगी है। कहा गया है कि आख्या न देने की स्थिति में किसी जिला स्तरीय अधिकारी की साक्ष्यों के साथ आयोग में उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। इस मामले में सुनवाई अब 10 दिसंबर को होगी।