{"_id":"5c869ca3bdec2213e648e2b6","slug":"come-forward-for-women-rights","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करें महिलाएं ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करें महिलाएं
Tue, 12 Mar 2019 12:15 AM IST
अरुण कुमार
अमर उजाला ब्यूरो गदरपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गदरपुर।
Published by: अरुण कुमार
Updated Tue, 12 Mar 2019 12:15 AM IST
विज्ञापन
अपराजिता गदरपुर
- फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत सोमवार को गदरपुर के सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में महिला अधिकार विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें आत्मविश्वास एवं निर्भीकता के साथ महिला अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने का आह्वान किया गया। इससे पूर्व इंस्टीट्यूट की विभागाध्यक्ष डॉ. पूजा जौहरी, बाल विकास परियोजना की सुपरवाइजर प्रियंका आर्य एवं एसआई भुवन जोशी ने मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर गोष्ठी का शुुुुभारंभ किया।
सुपरवाइजर प्रियंका ने छात्राओं को शारीरिक परिवर्तन, स्वास्थ्य एवं पोषण के बारे में जानकारी दी। एसआई जोशी ने छात्राओं को कानूनी जानकारी देते आपराधिक घटनाओं की सूचना हेल्प लाइन नंबर 1090 एवं 100 नंबर पर देने को कहा। श्रृंखला चावला, चारू और प्रेमलता ने नारी शक्ति के सम्मान में कविता प्रस्तुति की। 95 लोगों ने संकल्प पत्र भरे। वहां बीएड विभाभाध्यक्ष डॉ. एसके त्रिपाठी, अजहर खान, प्रकाश जोशी, डा. प्रीति दीक्षित, विदुषी जोशी, बबीता बिष्ट, सुनीता यादव, वर्षा पंत, अमरप्रीत कौर, शैली वर्मा, किरन मेहरा, कल्पना भारती, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मनप्रीत कौर आदि थे।
महिला हिंसा, कन्या भ्रूण हत्या आदि घटनाओं पर तभी अंकुश लगेगा, जब महिलाएं स्वयं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगी। अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम के माध्यम से समाज में जागरूकता आएगी।
विज्ञापन
- डॉ. पूजा जौहरी, विभागाध्यक्ष, सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी।
महिला अधिकारों के प्रति जागरूक होकर ही सामाजिक बुराइयों को खत्म किया जा सकता है। समाज में बदलाव लाने के लिए बेटा-बेटी में भेदभाव खत्म करना जरूरी है।
- गुरपाल कौर, वंशिका छाबड़ा, छात्राएं।
महिलाओं को शिक्षित होने के साथ कानूनों की भी जानकारी होनी जरूरी है। महिलाएं किसी भी क्षेत्र में किसी से कमतर नहीं हैं। आत्मनिर्भर महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में कामयाबी हासिल कर सकती है।
- तमन्ना शर्मा, श्रृंखला, प्रिया पाल, छात्राएं।
सुपरवाइजर प्रियंका ने छात्राओं को शारीरिक परिवर्तन, स्वास्थ्य एवं पोषण के बारे में जानकारी दी। एसआई जोशी ने छात्राओं को कानूनी जानकारी देते आपराधिक घटनाओं की सूचना हेल्प लाइन नंबर 1090 एवं 100 नंबर पर देने को कहा। श्रृंखला चावला, चारू और प्रेमलता ने नारी शक्ति के सम्मान में कविता प्रस्तुति की। 95 लोगों ने संकल्प पत्र भरे। वहां बीएड विभाभाध्यक्ष डॉ. एसके त्रिपाठी, अजहर खान, प्रकाश जोशी, डा. प्रीति दीक्षित, विदुषी जोशी, बबीता बिष्ट, सुनीता यादव, वर्षा पंत, अमरप्रीत कौर, शैली वर्मा, किरन मेहरा, कल्पना भारती, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मनप्रीत कौर आदि थे।
विज्ञापन
महिला हिंसा, कन्या भ्रूण हत्या आदि घटनाओं पर तभी अंकुश लगेगा, जब महिलाएं स्वयं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगी। अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम के माध्यम से समाज में जागरूकता आएगी।
विज्ञापन
- डॉ. पूजा जौहरी, विभागाध्यक्ष, सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी।
महिला अधिकारों के प्रति जागरूक होकर ही सामाजिक बुराइयों को खत्म किया जा सकता है। समाज में बदलाव लाने के लिए बेटा-बेटी में भेदभाव खत्म करना जरूरी है।
- गुरपाल कौर, वंशिका छाबड़ा, छात्राएं।
महिलाओं को शिक्षित होने के साथ कानूनों की भी जानकारी होनी जरूरी है। महिलाएं किसी भी क्षेत्र में किसी से कमतर नहीं हैं। आत्मनिर्भर महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में कामयाबी हासिल कर सकती है।
- तमन्ना शर्मा, श्रृंखला, प्रिया पाल, छात्राएं।