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Udham Singh Nagar News: धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतारने का नहीं है कोई आदेश
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सितारगंज में बैठक करते बुद्धिजीवी, मस्जिद कमेटियों के अध्यक्ष व उलेमा। संवाद
- फोटो : SITARGANJ
सितारगंज। बुद्धिजीवी, मस्जिद कमेटियों के अध्यक्ष, इमाम और उलेमाओं की बैठक में पुलिस प्रशासन की ओर से धार्मिक स्थलों से जबरन लाउडस्पीकर उतारने पर नाराजगी जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि हाईकोर्ट से धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतारने का कोई आदेश नहीं है। सिर्फ ध्वनि को 55-65 डीबी रखने का आदेश है। कहा कि प्रतिनिधिमंडल जल्द ही डीएम और एसएसपी से मिलकर ज्ञापन सौंपेगा और सकारात्मक कार्यवाही नहीं होने पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
अमरिया चौराहा स्थित एक होटल में हुई बैठक में अधिवक्ताओं ने वर्ष 2020 में धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के संबंध में पारित हाईकोर्ट के आदेश को पढ़ा। कहा कि आदेश से यह स्पष्ट होता है कि हाईकोर्ट ने मस्जिदों से लाउडस्पीकर उतारने का कोई आदेश नहीं दिया है।
कहा कि बीते कुछ महीनों से पुलिस प्रशासन की ओर से धार्मिक स्थलों (मस्जिद) से जबरन लाउडस्पीकर उतरवाने की सूचनाएं आ रही हैं जो चिंताजनक हैं। इससे मुस्लिम समाज में आक्रोश है। मस्जिदों में अजान होने में एक से डेढ़ मिनट का समय लगता है जिसका मकसद मुसलमानों को नमाज के लिए सूचना देना होता है। लाउडस्पीकर भारत की मस्जिदों में परंपरागत लगे हुए हैं। अगर ये हटा दिए जाते हैं तो अजान की आवाज नहीं पहुंच सकेगी।
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कहा कि शादी व पार्टियों में बजने वाले डीजे और सड़क पर चलने वाले बड़े वाहनों के हॉर्न की आवाज भी इसी श्रेणी में आती हैं। इस पर किसी तरह की रोक नहीं है।
अध्यक्षता समाजी रहनुमा हाजी शमसुल हक मलिक व संचालन उत्तराखंड मदरसा बोर्ड व हज कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मौलाना जाहिद रजा रिजवी ने किया।
ये रहे मौजूद
गदरपुर पालिकाध्यक्ष गुलाम गौस, केलाखेड़ा के पालिकाध्यक्ष मो. अकरम, उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के सदस्य इकबाल अहमद, अनीस अहमद, बाजपुर के मुनव्वर हुसैन, दरगाह आला हजरत सितारगंज के सचिव सैय्यद आसिफ मियां, जामा मस्जिद कमेटी खटीमा के अध्यक्ष नजमुल हसन खां, नासिर खां, सितारगंज जामा मस्जिद के सचिव मो. आरिफ, सिरौली के नासिर प्रधान, किच्छा जामा मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष जावेद मलिक, आदेश कालोनी रुद्रपुर की मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष डॉ. सीनू खान आदि।
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अमरिया चौराहा स्थित एक होटल में हुई बैठक में अधिवक्ताओं ने वर्ष 2020 में धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के संबंध में पारित हाईकोर्ट के आदेश को पढ़ा। कहा कि आदेश से यह स्पष्ट होता है कि हाईकोर्ट ने मस्जिदों से लाउडस्पीकर उतारने का कोई आदेश नहीं दिया है।
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कहा कि बीते कुछ महीनों से पुलिस प्रशासन की ओर से धार्मिक स्थलों (मस्जिद) से जबरन लाउडस्पीकर उतरवाने की सूचनाएं आ रही हैं जो चिंताजनक हैं। इससे मुस्लिम समाज में आक्रोश है। मस्जिदों में अजान होने में एक से डेढ़ मिनट का समय लगता है जिसका मकसद मुसलमानों को नमाज के लिए सूचना देना होता है। लाउडस्पीकर भारत की मस्जिदों में परंपरागत लगे हुए हैं। अगर ये हटा दिए जाते हैं तो अजान की आवाज नहीं पहुंच सकेगी।
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कहा कि शादी व पार्टियों में बजने वाले डीजे और सड़क पर चलने वाले बड़े वाहनों के हॉर्न की आवाज भी इसी श्रेणी में आती हैं। इस पर किसी तरह की रोक नहीं है।
अध्यक्षता समाजी रहनुमा हाजी शमसुल हक मलिक व संचालन उत्तराखंड मदरसा बोर्ड व हज कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मौलाना जाहिद रजा रिजवी ने किया।
ये रहे मौजूद
गदरपुर पालिकाध्यक्ष गुलाम गौस, केलाखेड़ा के पालिकाध्यक्ष मो. अकरम, उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के सदस्य इकबाल अहमद, अनीस अहमद, बाजपुर के मुनव्वर हुसैन, दरगाह आला हजरत सितारगंज के सचिव सैय्यद आसिफ मियां, जामा मस्जिद कमेटी खटीमा के अध्यक्ष नजमुल हसन खां, नासिर खां, सितारगंज जामा मस्जिद के सचिव मो. आरिफ, सिरौली के नासिर प्रधान, किच्छा जामा मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष जावेद मलिक, आदेश कालोनी रुद्रपुर की मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष डॉ. सीनू खान आदि।