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दो मार्च से खुलेंगे क्षेत्र के 352 आंगनबाड़ी केंद्र
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सितारगंज सीडीपीओ कार्यालय पर आंगनबाड़ी केंद्रों को खोलने से पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में ज?
- फोटो : SITARGANJ
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सितारगंज। कोरोना संक्रमण की वजह से दो साल तक बंद रहे आंगनबाड़ी केंद्र दो मार्च खुलने जा रहे हैं। इसके लिए विभाग की ओर से तैयारी भी कर ली गई है। क्षेत्र के लगभग 352 आंगनबाड़ी केंद्रों में साफ-सफाई की जा रही है। निर्धारित तिथि से केंद्रों पर पंजीकृत तकरीबन 15 हजार बच्चे पहुंचेंगे।
इधर, आठ केंद्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के रिक्त पदों समेत ब्लॉक में करीब 51 पद खाली होने से केंद्रों के संचालन में परेशानी हो सकती है। हालांकि, विभाग ने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्रों से इन केंद्रों को जोड़ा है।
कोरोना की वजह से अप्रैल 2020 में आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद किया गया था। बाल विकास विभाग ने कोरोना महामारी से बचाव के लिए बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्रियों को मिलने वाले पौष्टिक आहार की होम डिलीवरी की थी। अब मुख्य सचिव ने सभी केंद्रों को खोलने के आदेश दिए हैं।
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इसके बाद से आंगनबाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित करने के साथ साफ सफाई की जा रही है। इधर, लंबे समय से आंगनबाड़ी कार्यकर्तायों और सहायिकाओं की नियुक्ति न होने से करीब 51 आंगनबाड़ी कार्यकर्तायों और सहायिकाओं के पद खाली पड़े हैं। करीब आठ केंद्रों पर तो दोनों पद ही रिक्त हैं। ऐसे में केंद्रों के संचालन को लेकर परेशानी हो सकती है।
बाल विकास अधिकारी डॉ. मंजूलता यादव ने बताया कि इन केंद्रों में अभी तक नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्रों से पुष्टाहार बांटा जा रहा था, लेकिन केंद्रों के संचालन के लिए अन्य केंद्रों से व्यवस्था की जा रही है।
बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों में साफ सफाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र खोलने के लिए अलग से एसओपी जारी तो नहीं हुई है, लेकिन मुख्य सचिव के आदेशों के तहत केंद्रों का संचालन किया जाएगा। बताया कि आचार संहिता हटने के बाद रिक्त पदों पर नियुक्तियां होने की संभावना है।
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इधर, आठ केंद्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के रिक्त पदों समेत ब्लॉक में करीब 51 पद खाली होने से केंद्रों के संचालन में परेशानी हो सकती है। हालांकि, विभाग ने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्रों से इन केंद्रों को जोड़ा है।
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कोरोना की वजह से अप्रैल 2020 में आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद किया गया था। बाल विकास विभाग ने कोरोना महामारी से बचाव के लिए बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्रियों को मिलने वाले पौष्टिक आहार की होम डिलीवरी की थी। अब मुख्य सचिव ने सभी केंद्रों को खोलने के आदेश दिए हैं।
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इसके बाद से आंगनबाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित करने के साथ साफ सफाई की जा रही है। इधर, लंबे समय से आंगनबाड़ी कार्यकर्तायों और सहायिकाओं की नियुक्ति न होने से करीब 51 आंगनबाड़ी कार्यकर्तायों और सहायिकाओं के पद खाली पड़े हैं। करीब आठ केंद्रों पर तो दोनों पद ही रिक्त हैं। ऐसे में केंद्रों के संचालन को लेकर परेशानी हो सकती है।
बाल विकास अधिकारी डॉ. मंजूलता यादव ने बताया कि इन केंद्रों में अभी तक नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्रों से पुष्टाहार बांटा जा रहा था, लेकिन केंद्रों के संचालन के लिए अन्य केंद्रों से व्यवस्था की जा रही है।
बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों में साफ सफाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र खोलने के लिए अलग से एसओपी जारी तो नहीं हुई है, लेकिन मुख्य सचिव के आदेशों के तहत केंद्रों का संचालन किया जाएगा। बताया कि आचार संहिता हटने के बाद रिक्त पदों पर नियुक्तियां होने की संभावना है।