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जिला प्रशासन और आढ़तियों में टकराव के हालत
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जयभारत सिंह, एडीएम।
- फोटो : RUDRAPUR
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विधानसभा चुनाव के लिए रुद्रपुर मंडी समिति के पूरे परिसर को मतगणना स्थल बनाए जाने की तैयारियों की सूचना पर मंगलवार को आढ़ती भड़क उठे। उन्होंने अधिग्रहण से पूर्व नाजपोख के लिए पहुंची पीडब्लूडी और मंडी परिषद की टीम का विरोध किया। साथ ही प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर आधे परिसर को ही मतगणना स्थल के लिए अधिग्रहण करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि पूरे मंडी परिसर का अधिग्रहण कर लिया गया तो आढ़तियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।
फल एवं सब्जी आढ़ती एसोसिएशन के बैनर तले मंडी परिसर में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आढ़तियों ने कहा कि विधानसभा चुनावों से लेकर लोकसभा, स्थानीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में रुद्रपुर मंडी समिति को मतगणना स्थल व स्ट्रांग रूम बनाया जाता है। इसके लिए मंडी समिति के आधे परिसर का अधिग्रहण किया जाता है। आरोप है कि इस बार कोरोना महामारी के कारण पूरे परिसर का ही अधिग्रहण किया जा रहा है। जिस कारण मंडी परिसर में आढ़तियों को कारोबार करने के लिए स्थान ही नहीं बचेगा।
प्रशासन की ओर से आढ़तियों के लिए सब्जी व फलों के कारोबार के लिए अलग स्थान की व्यवस्था नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों में आधे मंडी परिसर का अधिग्रहण किया था, लेकिन साथ-साथ में यूपी के विधानसभा चुनाव होने के कारण करीब डेढ़ माह तक मतगणना नहीं होने से आढ़तियों को एक-दूसरे की दुकानों के बाहर कारोबार करना पड़ा था। लेकिन इस बार स्थिति दूसरी है, यदि डेढ़ से दो महीने तक मंडी परिसर का अधिग्रहण जारी रहा तो आढ़तियों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे सब्जियों और फलों की कमी होने से इनके दामों में बढ़ोतरी हो सकती है। वहां पर एसोसिएशन अध्यक्ष राजीव मिड्डा, सचिव रजत मुंजाल, कोषाध्यक्ष मनोज राजदेव, अफसार अहमद, विरेंद्र सोनकर, जितेंद्र मानवानी, बिट्टू गाबा, सोनू मनोचा, रमेश कुमार, केतन गुगलानी गुरदेव सिंह आदि थे।
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निर्वाचन आयोग के कार्यों में मंडी समिति दखल नहीं दे सकती है। यदि आढ़ती इसकी लिखित शिकायत करते हैं तो उनकी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाया जाएगा। आढ़तियों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। -केके दास, मंडी समिति अध्यक्ष।
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कोरोना महामारी के कारण इस बार अधिक स्थान की जरूरत है। जिस कारण पिछले चुनावों की अपेक्षा इस बार मंडी परिसर के अधिक स्थान का अधिग्रहण किया जाएगा, लेकिन आढ़तियों का कारोबार प्रभावित नहीं होगा। -
जयभारत सिंह, एडीएम।
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सड़क पर कारोबार कर रहे हैं 89 आढ़ती
रुद्रपुर। रुद्रपुर मंडी समिति में फल और सब्जी का थोक कारोबार करने के लिए 237 आढ़तियों को लाइसेंस जारी किए गए हैं, लेकिन मंडी परिसर में स्थान की कमी के कारण 148 आढ़तियों को ही दुकानें आवंटित हो सकी हैं, जबकि 89 आढ़ती मंडी परिसर व सड़क पर खुले में कारोबार कर रहे हैं। इधर, मंडी समिति के समक्ष समस्या यह है कि स्थान की कमी के कारण उत्तराखंड मंडी परिषद वर्ष 2014 के बाद रुद्रपुर मंडी में किसी भी नए आढ़ती को लाइसेंस जारी नहीं कर रही है। जिस कारण नई दुकानें भी नहीं बन पा रही हैं। विधानसभा चुनाव की मतगणना को लेकर पूरे मंडी परिसर के अधिग्रहण होने के कारण सबसे अधिक दिक्कतें खुले में कारोबार करने वाले आढ़तियों को होगी। संवाद
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फल एवं सब्जी आढ़ती एसोसिएशन के बैनर तले मंडी परिसर में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आढ़तियों ने कहा कि विधानसभा चुनावों से लेकर लोकसभा, स्थानीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में रुद्रपुर मंडी समिति को मतगणना स्थल व स्ट्रांग रूम बनाया जाता है। इसके लिए मंडी समिति के आधे परिसर का अधिग्रहण किया जाता है। आरोप है कि इस बार कोरोना महामारी के कारण पूरे परिसर का ही अधिग्रहण किया जा रहा है। जिस कारण मंडी परिसर में आढ़तियों को कारोबार करने के लिए स्थान ही नहीं बचेगा।
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प्रशासन की ओर से आढ़तियों के लिए सब्जी व फलों के कारोबार के लिए अलग स्थान की व्यवस्था नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों में आधे मंडी परिसर का अधिग्रहण किया था, लेकिन साथ-साथ में यूपी के विधानसभा चुनाव होने के कारण करीब डेढ़ माह तक मतगणना नहीं होने से आढ़तियों को एक-दूसरे की दुकानों के बाहर कारोबार करना पड़ा था। लेकिन इस बार स्थिति दूसरी है, यदि डेढ़ से दो महीने तक मंडी परिसर का अधिग्रहण जारी रहा तो आढ़तियों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे सब्जियों और फलों की कमी होने से इनके दामों में बढ़ोतरी हो सकती है। वहां पर एसोसिएशन अध्यक्ष राजीव मिड्डा, सचिव रजत मुंजाल, कोषाध्यक्ष मनोज राजदेव, अफसार अहमद, विरेंद्र सोनकर, जितेंद्र मानवानी, बिट्टू गाबा, सोनू मनोचा, रमेश कुमार, केतन गुगलानी गुरदेव सिंह आदि थे।
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निर्वाचन आयोग के कार्यों में मंडी समिति दखल नहीं दे सकती है। यदि आढ़ती इसकी लिखित शिकायत करते हैं तो उनकी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाया जाएगा। आढ़तियों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। -केके दास, मंडी समिति अध्यक्ष।
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कोरोना महामारी के कारण इस बार अधिक स्थान की जरूरत है। जिस कारण पिछले चुनावों की अपेक्षा इस बार मंडी परिसर के अधिक स्थान का अधिग्रहण किया जाएगा, लेकिन आढ़तियों का कारोबार प्रभावित नहीं होगा। -
जयभारत सिंह, एडीएम।
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सड़क पर कारोबार कर रहे हैं 89 आढ़ती
रुद्रपुर। रुद्रपुर मंडी समिति में फल और सब्जी का थोक कारोबार करने के लिए 237 आढ़तियों को लाइसेंस जारी किए गए हैं, लेकिन मंडी परिसर में स्थान की कमी के कारण 148 आढ़तियों को ही दुकानें आवंटित हो सकी हैं, जबकि 89 आढ़ती मंडी परिसर व सड़क पर खुले में कारोबार कर रहे हैं। इधर, मंडी समिति के समक्ष समस्या यह है कि स्थान की कमी के कारण उत्तराखंड मंडी परिषद वर्ष 2014 के बाद रुद्रपुर मंडी में किसी भी नए आढ़ती को लाइसेंस जारी नहीं कर रही है। जिस कारण नई दुकानें भी नहीं बन पा रही हैं। विधानसभा चुनाव की मतगणना को लेकर पूरे मंडी परिसर के अधिग्रहण होने के कारण सबसे अधिक दिक्कतें खुले में कारोबार करने वाले आढ़तियों को होगी। संवाद

केके दास, मंडी समिति अध्यक्ष।- फोटो : RUDRAPUR

रुद्रपुर मंडी परिसर में प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते आढ़ती।- फोटो : RUDRAPUR