{"_id":"5fd90b318ebc3e3c4f42e75f","slug":"civic-aminities-rudrapur-news-hld4074872160","type":"story","status":"publish","title_hn":"कलक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन, अधिकारियों से नोकझोंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कलक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन, अधिकारियों से नोकझोंक
विज्ञापन
रुद्रपुर कलक्ट्रेट गेट पर अधिकारियों से नोंकझोंक करते पूर्व विधायक नारायण पाल।
- फोटो : RUDRAPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सितारगंज में 26 दिनों से धरने पर बैठे पालिकाध्यक्ष के समर्थकों और कांग्रेसियों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट गेट पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उनकी एसडीएम, एसडीएम और एएसपी से नोकझोंक भी हुई। उन्होंने सितारगंज में पूर्ण हुए निर्माण कार्यों का भुगतान समेत पांच सूत्री मांगें पूरी नहीं होने पर रोष जताया। प्रशासन की ओर से आश्वासन के बाद लोगों ने धरना खत्म किया।
पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलकराज बेहड़ और पूर्व विधायक नारायण पाल की अगुवाई में कलक्ट्रेट जा रहे लोगों को पुलिस ने विकास भवन के सामने गेट पर रोक लिया। आक्रोशित लोग गेट पर दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने सत्ताधारी नेताओं के इशारे पर सितारगंज पालिकाध्यक्ष के उत्पीड़न का आरोप मढ़ा।
प्रदर्शनकारियों ने सितारगंज नगरपालिका में पूरे हो चुके निर्माण कार्यों के भुगतान पर लगी रोक हटाने, राजीव गांधी व प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पूरे हुए निर्माण कार्यों का लाभार्थियों को भुगतान करने, एडीएम जगदीश कांडपाल का स्थानांतरण करने, सितारगंज में लोनिवि की ओर से पिछले चार साल में हुए कार्यों की उच्चस्तरीय जांच करने, सितारगंज के अधिकारियों और कर्मचारियों पर जिले के अधिकारियों द्वारा अनावश्यक हस्तक्षेप का दबाव बनाकर उनका उत्पीड़न बंद करने की मांग की।
विज्ञापन
इस बीच हंगामा बढ़ने पर प्रभारी एसडीएम जयकिशन सिंह, तहसीलदार डॉ. अमृता शर्मा, एएससी देवेंद्र पींचा और सीओ अमित कुमार ने लोगों का समझाने का प्रयास किया। इसके अलावा एडीएम उत्तम सिंह चौहान और एसडीएम सितारगंज मुक्ता मिश्रा ने भी आंदोलनकारियों को समझाने की कोशिश की। कई चरणों पर हुई वार्ता के बाद तय हुआ कि सितारगंज में धरने बैठे पालिकाध्यक्ष से बुधवार को डीएम रंजना राजगुरु मिलेंगी। इसके बाद अगले मंगलवार तक धरने को स्थगित कर दिया गया। वहां अकरम बेग, प्रमोद रावत, जहूर इस्लाम, जिलानी अंसारी, रहमत हुसैन, लक्ष्मण राणा, राजू हरियाणवी, पूरन चौहान, इस्तयाक अंसारी, सोनू माटा आदि थे।
जब नारायण पाल का चढ़ा पारा
रुद्रपुर। कलक्ट्रेट गेट के बाहर धरना-प्रदर्शन के बाद अधिकारियों से वार्ता शुरू हुई। इस दौरान पूर्व विधायक नारायण पाल अपनी बात रख रहे थे लेकिन पीछे से अन्य समर्थक भी अपनी बात रखने लगे। तभी नारायण पाल का पारा चढ़ गया। उन्होंने खुद चुप होने की बात कहकर समर्थकों से ही वार्ता करने के लिए कह दिया। इसके बाद कुछ देर के लिए लोगों के चुप्पी साधने से सन्नाटा पसर गया। संवाद
विज्ञापन
पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलकराज बेहड़ और पूर्व विधायक नारायण पाल की अगुवाई में कलक्ट्रेट जा रहे लोगों को पुलिस ने विकास भवन के सामने गेट पर रोक लिया। आक्रोशित लोग गेट पर दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने सत्ताधारी नेताओं के इशारे पर सितारगंज पालिकाध्यक्ष के उत्पीड़न का आरोप मढ़ा।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने सितारगंज नगरपालिका में पूरे हो चुके निर्माण कार्यों के भुगतान पर लगी रोक हटाने, राजीव गांधी व प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पूरे हुए निर्माण कार्यों का लाभार्थियों को भुगतान करने, एडीएम जगदीश कांडपाल का स्थानांतरण करने, सितारगंज में लोनिवि की ओर से पिछले चार साल में हुए कार्यों की उच्चस्तरीय जांच करने, सितारगंज के अधिकारियों और कर्मचारियों पर जिले के अधिकारियों द्वारा अनावश्यक हस्तक्षेप का दबाव बनाकर उनका उत्पीड़न बंद करने की मांग की।
विज्ञापन
इस बीच हंगामा बढ़ने पर प्रभारी एसडीएम जयकिशन सिंह, तहसीलदार डॉ. अमृता शर्मा, एएससी देवेंद्र पींचा और सीओ अमित कुमार ने लोगों का समझाने का प्रयास किया। इसके अलावा एडीएम उत्तम सिंह चौहान और एसडीएम सितारगंज मुक्ता मिश्रा ने भी आंदोलनकारियों को समझाने की कोशिश की। कई चरणों पर हुई वार्ता के बाद तय हुआ कि सितारगंज में धरने बैठे पालिकाध्यक्ष से बुधवार को डीएम रंजना राजगुरु मिलेंगी। इसके बाद अगले मंगलवार तक धरने को स्थगित कर दिया गया। वहां अकरम बेग, प्रमोद रावत, जहूर इस्लाम, जिलानी अंसारी, रहमत हुसैन, लक्ष्मण राणा, राजू हरियाणवी, पूरन चौहान, इस्तयाक अंसारी, सोनू माटा आदि थे।
जब नारायण पाल का चढ़ा पारा
रुद्रपुर। कलक्ट्रेट गेट के बाहर धरना-प्रदर्शन के बाद अधिकारियों से वार्ता शुरू हुई। इस दौरान पूर्व विधायक नारायण पाल अपनी बात रख रहे थे लेकिन पीछे से अन्य समर्थक भी अपनी बात रखने लगे। तभी नारायण पाल का पारा चढ़ गया। उन्होंने खुद चुप होने की बात कहकर समर्थकों से ही वार्ता करने के लिए कह दिया। इसके बाद कुछ देर के लिए लोगों के चुप्पी साधने से सन्नाटा पसर गया। संवाद