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किसानों ने दो घंटे बंद रखी टोल वसूली, धरना दिया
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टोल गेट प्रदर्शन करते किसान व कांग्रेसी।
- फोटो : KITCHHA
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किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुकटी देवरिया के टोल प्लाजा में दो घंटे वसूली बंद कराने के बाद धरना दिया। उन्होंने लोगों से 14 दिसंबर को जिला मुख्यालयों में होने वाले प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की। कहा कि वे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से दिल्ली जाकर किसान आंदोलन में शामिल होंगे।
शनिवार को बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता टोल प्लाजा पर एकत्र हुए। उन्होंने टोल अधिकारियों से वार्ता करके वसूली बंद करवा दी और टोल को शुल्क फ्री कर धरने पर बैठ गए। उन्होंने केंद्र सरकार पर किसानों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। कांग्रेसी नेता सुरेश पपनेजा ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान सड़क पर उतरने को मजबूर है। 14 दिन से आंदोलन कर रहे किसानों की आवाज दबाने की हरसंभव कोशिश की जा रही है। किसानों से उनका हक छीना जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को कृषि कानून वापस लेना होगा।
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट ने कहा कि कृषि कानून लाकर सरकार किसानों को बंधक बनाना चाहती है। प्रदेश महासचिव हरीश पनेरु ने कहा कि हिटलरशाही पर उतरी केंद्र सरकार अन्नदाताओं का शोषण बंद करे। धरने को किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह संधू, वरिष्ठ कांग्रेसी डॉ. गणेश उपाध्याय, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गुड्डू तिवारी, विनोद कोरंगा ने भी संबोधित किया। वहां पर जसविंदर सिंह, अरुण तनेजा, जगरूप सिंह, राजेन्द्र सिंह, अशोक चुघ, विनोद ठुकराल, जगदीश सिंह, राकेश कुमार, रंजीत सिंह, शम्मी कामरा, करमजीत सिंह, गुरदास कालड़ा, देवेंद्र शाही आदि थे।रुद्रपुर छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष अंग्रेज सिंह,पूर्व ब्लाक प्रमुख मेजर सिंह, सुखविन्दर सिंह, राजू प्रधान,अमरजीत सिंह,
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भारी संख्या में पुलिस बल था तैनात
किच्छा। प्रशासन ने टोल पर सुबह ही बड़ी तादात में पुलिस बल तैनात करवा दिया था। कोतवाल चंद्रमोहन सिंह सुबह से ही दलबल के साथ मौके पर डटे रहे। प्रशासन ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिये किच्छा कोतवाली के अलावा जिला मुख्यालय से भी पुलिस बुला ली थी।
टोल पर एक लाख रुपये की वसूली हुई प्रभावित
किच्छा। टोल पर पहुंचे किसानों ने सुबह 11 बजे टोल पर वसूली रुकवा दी। धरना लगभग डेढ़ से दो घंटे तक चला। धरना चलने तक वाहन बेरोकटोक आते जाते रहे। सभी लाईनों के बैरियर खुले रहे। टोल के प्रबंधक राहुल शर्मा ने बताया कि रोकी गई वसूली से लगभग एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
प्रदर्शन को देखते हुए पहेनिया टोल पर अलर्ट रही पुलिस
खटीमा। आंदोलनकारी किसानों के टोल प्लाजा फ्री करने के ऐलान को देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा। शनिवार को किसानों के टोल प्लाजा पर प्रदर्शन की घोषणा पर सुबह से ही पुलिस टीम सुरक्षा को लेकर पहेनिया स्थित टोल प्लाजा पर तैनात रही। तहसीलदार यूसुफ अली ने भी स्थिति का जायजा लिया लेकिन पहेनिया टोल प्लाजा पर प्रदर्शन करने कोई किसान नहीं पहुंचे। जिससे पुलिस व स्थानीय प्रशासन ने राहत की सांस ली। किसान नेता प्रकाश तिवारी ने कहा कि क्षेत्र के किसान आंदोलनकारी किसानों के साथ हैं लेकिन उन्होंने टोल प्लाजा फ्री करने के निर्णय से खुद को अलग रखा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में रविवार को किसानों का एक जत्था दिल्ली के लिए रवाना होगा। संवाद
पड्डा ने मुस्लिम किसानों से मांगा समर्थन
बाजपुर। भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा ने गांव कनौरा में बैठक कर मुस्लिम किसान भाइयों से दिल्ली में चल रहे आंदोलन के लिए समर्थन मांगा। इसके बाद एक स्वर में किसानों ने कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताते हुए आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा कर दिल्ली कूच करने की बात कही।
शनिवार शाम हुई बैठक में पड्डा ने कहा कि 17 दिन से दिल्ली में किसान आंदोलन कर रहा है। केंद्र सरकार को किसानों की मांग को पूरा कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों के लिए बनाए कानून को किसान नहीं चाहते तो उस कानून को वापस कर लेना ही उचित है। भाकियू नेता दलजीत सिंह रंधावा ने कहा कि 14 दिसंबर को जिला मुख्यालयों पर आंदोलन होगा। क्षेत्र भर से रुद्रपुर जिला मुख्यालय पर किसान पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाए।
समाजसेवी हरमिंदर सिंह लाडी ने कहा कि किसान होने के नाते उनका भी व्यक्तिगत तौर पर आंदोलन को पूरा समर्थन है। वहां पर कामरान खान, हाजी अमीर अहमद, यासीन, याकूप, अकरम, परवेज, अमोलक, राजेंद्र गिल, बबलू, ममतलूब, फुरकान, कयूम, नाजिम, महफूज, इल्यास आदि थे। इधर, किसान बेटियों नेे तीसरे दिन भी सांकेतिक धरना दिया। शनिवार को भगत सिंह चौक पर पहुंची बेटियों ने सांकेतिक धरना दिया। अब धरना देने वाली बेटियों का संख्या बीस हो गई। वहां जसकिरन कौर, प्रभजोेत कौर, खुशमन कौर, मनसीरत कौर, कमलजीत कौर, अवनीत कौर, सुखविंदर कौर, असप्रीत कौर, अविनोर सिंह आदि थे। संवाद
रामपुर सीमा पर हो रही है सघन जांच, रोके जा रहे किसान
रुद्रपुर। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमा पर चल रहे किसानों के प्रदर्शनों में शिरकत करने के लिए तराई से भी किसान जा रहे हैं लेकिन रामपुर सीमा पर तैनात पुलिसकर्मी ट्रैक्टर ट्रॉलियों में किसानों को दिल्ली जाने से रोक रहे हैं। इसको लेकर कई बार पुलिसकर्मियों से किसानों की नोकझोंक भी हो रही है। यहां पर रोके जाने की जानकारी के बाद किसान संपर्क मार्गों के रास्ते भी दिल्ली को रवाना हो रहे हैं।
शनिवार को भी रामपुर सीमा पर पुलिसकर्मियों ने जिले से यूपी की ओर से जा रहे वाहनों की जांच की। कुछ वाहनों में किसान दिल्ली जा रहे थे। इन किसानों को रोकने पर उनकी पुलिस से भी तकरार भी हुई थी। एससआई कुलदीप अधिकारी ने बताया कि किसानों से ट्रैक्टर ट्रालियों में भरकर दिल्ली नहीं जाने की गुजारिश की जा रही है। ब्यूरो
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शनिवार को बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता टोल प्लाजा पर एकत्र हुए। उन्होंने टोल अधिकारियों से वार्ता करके वसूली बंद करवा दी और टोल को शुल्क फ्री कर धरने पर बैठ गए। उन्होंने केंद्र सरकार पर किसानों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। कांग्रेसी नेता सुरेश पपनेजा ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान सड़क पर उतरने को मजबूर है। 14 दिन से आंदोलन कर रहे किसानों की आवाज दबाने की हरसंभव कोशिश की जा रही है। किसानों से उनका हक छीना जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को कृषि कानून वापस लेना होगा।
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कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट ने कहा कि कृषि कानून लाकर सरकार किसानों को बंधक बनाना चाहती है। प्रदेश महासचिव हरीश पनेरु ने कहा कि हिटलरशाही पर उतरी केंद्र सरकार अन्नदाताओं का शोषण बंद करे। धरने को किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह संधू, वरिष्ठ कांग्रेसी डॉ. गणेश उपाध्याय, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गुड्डू तिवारी, विनोद कोरंगा ने भी संबोधित किया। वहां पर जसविंदर सिंह, अरुण तनेजा, जगरूप सिंह, राजेन्द्र सिंह, अशोक चुघ, विनोद ठुकराल, जगदीश सिंह, राकेश कुमार, रंजीत सिंह, शम्मी कामरा, करमजीत सिंह, गुरदास कालड़ा, देवेंद्र शाही आदि थे।रुद्रपुर छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष अंग्रेज सिंह,पूर्व ब्लाक प्रमुख मेजर सिंह, सुखविन्दर सिंह, राजू प्रधान,अमरजीत सिंह,
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भारी संख्या में पुलिस बल था तैनात
किच्छा। प्रशासन ने टोल पर सुबह ही बड़ी तादात में पुलिस बल तैनात करवा दिया था। कोतवाल चंद्रमोहन सिंह सुबह से ही दलबल के साथ मौके पर डटे रहे। प्रशासन ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिये किच्छा कोतवाली के अलावा जिला मुख्यालय से भी पुलिस बुला ली थी।
टोल पर एक लाख रुपये की वसूली हुई प्रभावित
किच्छा। टोल पर पहुंचे किसानों ने सुबह 11 बजे टोल पर वसूली रुकवा दी। धरना लगभग डेढ़ से दो घंटे तक चला। धरना चलने तक वाहन बेरोकटोक आते जाते रहे। सभी लाईनों के बैरियर खुले रहे। टोल के प्रबंधक राहुल शर्मा ने बताया कि रोकी गई वसूली से लगभग एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
प्रदर्शन को देखते हुए पहेनिया टोल पर अलर्ट रही पुलिस
खटीमा। आंदोलनकारी किसानों के टोल प्लाजा फ्री करने के ऐलान को देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा। शनिवार को किसानों के टोल प्लाजा पर प्रदर्शन की घोषणा पर सुबह से ही पुलिस टीम सुरक्षा को लेकर पहेनिया स्थित टोल प्लाजा पर तैनात रही। तहसीलदार यूसुफ अली ने भी स्थिति का जायजा लिया लेकिन पहेनिया टोल प्लाजा पर प्रदर्शन करने कोई किसान नहीं पहुंचे। जिससे पुलिस व स्थानीय प्रशासन ने राहत की सांस ली। किसान नेता प्रकाश तिवारी ने कहा कि क्षेत्र के किसान आंदोलनकारी किसानों के साथ हैं लेकिन उन्होंने टोल प्लाजा फ्री करने के निर्णय से खुद को अलग रखा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में रविवार को किसानों का एक जत्था दिल्ली के लिए रवाना होगा। संवाद
पड्डा ने मुस्लिम किसानों से मांगा समर्थन
बाजपुर। भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा ने गांव कनौरा में बैठक कर मुस्लिम किसान भाइयों से दिल्ली में चल रहे आंदोलन के लिए समर्थन मांगा। इसके बाद एक स्वर में किसानों ने कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताते हुए आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा कर दिल्ली कूच करने की बात कही।
शनिवार शाम हुई बैठक में पड्डा ने कहा कि 17 दिन से दिल्ली में किसान आंदोलन कर रहा है। केंद्र सरकार को किसानों की मांग को पूरा कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों के लिए बनाए कानून को किसान नहीं चाहते तो उस कानून को वापस कर लेना ही उचित है। भाकियू नेता दलजीत सिंह रंधावा ने कहा कि 14 दिसंबर को जिला मुख्यालयों पर आंदोलन होगा। क्षेत्र भर से रुद्रपुर जिला मुख्यालय पर किसान पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाए।
समाजसेवी हरमिंदर सिंह लाडी ने कहा कि किसान होने के नाते उनका भी व्यक्तिगत तौर पर आंदोलन को पूरा समर्थन है। वहां पर कामरान खान, हाजी अमीर अहमद, यासीन, याकूप, अकरम, परवेज, अमोलक, राजेंद्र गिल, बबलू, ममतलूब, फुरकान, कयूम, नाजिम, महफूज, इल्यास आदि थे। इधर, किसान बेटियों नेे तीसरे दिन भी सांकेतिक धरना दिया। शनिवार को भगत सिंह चौक पर पहुंची बेटियों ने सांकेतिक धरना दिया। अब धरना देने वाली बेटियों का संख्या बीस हो गई। वहां जसकिरन कौर, प्रभजोेत कौर, खुशमन कौर, मनसीरत कौर, कमलजीत कौर, अवनीत कौर, सुखविंदर कौर, असप्रीत कौर, अविनोर सिंह आदि थे। संवाद
रामपुर सीमा पर हो रही है सघन जांच, रोके जा रहे किसान
रुद्रपुर। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमा पर चल रहे किसानों के प्रदर्शनों में शिरकत करने के लिए तराई से भी किसान जा रहे हैं लेकिन रामपुर सीमा पर तैनात पुलिसकर्मी ट्रैक्टर ट्रॉलियों में किसानों को दिल्ली जाने से रोक रहे हैं। इसको लेकर कई बार पुलिसकर्मियों से किसानों की नोकझोंक भी हो रही है। यहां पर रोके जाने की जानकारी के बाद किसान संपर्क मार्गों के रास्ते भी दिल्ली को रवाना हो रहे हैं।
शनिवार को भी रामपुर सीमा पर पुलिसकर्मियों ने जिले से यूपी की ओर से जा रहे वाहनों की जांच की। कुछ वाहनों में किसान दिल्ली जा रहे थे। इन किसानों को रोकने पर उनकी पुलिस से भी तकरार भी हुई थी। एससआई कुलदीप अधिकारी ने बताया कि किसानों से ट्रैक्टर ट्रालियों में भरकर दिल्ली नहीं जाने की गुजारिश की जा रही है। ब्यूरो

लालपुर के चुकटी देवरिया में धरने पर बैठे किसान व कांग्रेसियों को संबोधित करते वक्ता।- फोटो : RUDRAPUR