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समूह की महिलाओं ने सीडीओ, डीपीओ पर लगाया अभद्रता का आरोप
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खटीमा तहसील में प्रदर्शन करती स्वयं सहायता समूह की महिलाएं। संवाद
- फोटो : KHATIMA
खटीमा। बाल विकास परियोजना से टेक होम राशन सामग्री के वितरण का काम न मिलने से आक्रोशित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। सुंदरम ग्राम संगठन एवं प्रगति महिला कलस्टर की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में सीडीओ और डीपीओ पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है।
बृहस्पतिवार को क्षेत्र की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तहसील पहुंचीं। उन्होंने सीडीओ और डीपीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समूह की महिलाओं ने एसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट के माध्यम से सीएम को भेजे शिकायती पत्र में कहा कि दो दिन पूर्व स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सीडीओ और डीपीओ से मिलने गई थीं। महिलाओं का आरोप है कि दोनों अधिकारी उनकी बात सुने बिना ही उन्हें डराने-धमकाने लगे और काम छीनने की धमकी देने लगे।
महिलाओं ने कहा कि वर्ष 2020-21 से बाल विकास परियोजना विभाग से टेक होम राशन सामग्री के वितरण का काम उनके संगठन को दिया गया था जिसे बिना किसी कारण अन्य सहायता समूह को दिया गया। विरोध करने पर अधिकारियों ने उनके साथ अभद्रता करते हुए उन्हें डराया धमकाया जाने लगा। इससे समूह की महिलाओं का मनोबल टूट रहा है। महिलाओं ने मुख्यमंत्री धामी से मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की मांग की है। वहां मधुश्री, पुष्पा देवी, मंजू जोशी, सुमन देवी, सपना बिष्ट, भावना भट्ट, छाया देवी, लक्ष्मी देवी, दीपा देवी, कलावती देवी, विमला देवी, अंजू देवी, आरती चौहान, सारिका, तारावती, रेनू देवी, मीरा, बबीता देवी, सुमन देवी, पूनम आदि थे।
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-महिला स्वयं सहायता समूह का आरोप निराधार है। सुंदरम ग्राम संगठन एवं प्रगति महिला कलस्टर की महिलाएं उनसे मिली थीं। उन्हें समूह के कार्यों से अवगत कराया गया था। यदि उनकी कोई समस्या है तो वह उन्हें बताएं। इसके अलावा वह अपनी समस्या जिलाधिकारी के समक्ष भी रख सकती हैं। प्रत्येक कार्य नियमानुसार किया जाता है।
-विशाल मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी, ऊधमसिंहनगर।
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बृहस्पतिवार को क्षेत्र की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तहसील पहुंचीं। उन्होंने सीडीओ और डीपीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समूह की महिलाओं ने एसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट के माध्यम से सीएम को भेजे शिकायती पत्र में कहा कि दो दिन पूर्व स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सीडीओ और डीपीओ से मिलने गई थीं। महिलाओं का आरोप है कि दोनों अधिकारी उनकी बात सुने बिना ही उन्हें डराने-धमकाने लगे और काम छीनने की धमकी देने लगे।
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महिलाओं ने कहा कि वर्ष 2020-21 से बाल विकास परियोजना विभाग से टेक होम राशन सामग्री के वितरण का काम उनके संगठन को दिया गया था जिसे बिना किसी कारण अन्य सहायता समूह को दिया गया। विरोध करने पर अधिकारियों ने उनके साथ अभद्रता करते हुए उन्हें डराया धमकाया जाने लगा। इससे समूह की महिलाओं का मनोबल टूट रहा है। महिलाओं ने मुख्यमंत्री धामी से मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की मांग की है। वहां मधुश्री, पुष्पा देवी, मंजू जोशी, सुमन देवी, सपना बिष्ट, भावना भट्ट, छाया देवी, लक्ष्मी देवी, दीपा देवी, कलावती देवी, विमला देवी, अंजू देवी, आरती चौहान, सारिका, तारावती, रेनू देवी, मीरा, बबीता देवी, सुमन देवी, पूनम आदि थे।
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-महिला स्वयं सहायता समूह का आरोप निराधार है। सुंदरम ग्राम संगठन एवं प्रगति महिला कलस्टर की महिलाएं उनसे मिली थीं। उन्हें समूह के कार्यों से अवगत कराया गया था। यदि उनकी कोई समस्या है तो वह उन्हें बताएं। इसके अलावा वह अपनी समस्या जिलाधिकारी के समक्ष भी रख सकती हैं। प्रत्येक कार्य नियमानुसार किया जाता है।
-विशाल मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी, ऊधमसिंहनगर।