{"_id":"622112136b03a74bc5749325","slug":"civic-aminities-kashipur-news-hld455373629","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोमानिया से घर पहुंची धैर्यवी, परिजनों में खुशी का माहौल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोमानिया से घर पहुंची धैर्यवी, परिजनों में खुशी का माहौल
विज्ञापन
जसपुर की छात्रा धैर्यवी अपने परिजनों के साथ अपने घर।
- फोटो : KASHIPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जसपुर। नगर की छात्रा धैर्यवी रोमानिया से बृहस्पतिवार सुबह अपने घर पहुंच गई है जिससे परिवार में खुशी का माहौल है। छात्रा और उसके परिजनों ने रोमानिया में शरण देने वाले परिवार और भारत सरकार का आभार जताया है।
लक्ष्मी नगर कॉलोनी निवासी शिक्षक कोमल सिंह की पुत्री यूक्रेन से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। उसका दूसरा वर्ष है। छात्रा धैर्यवी ने बताया कि चेतावनी मिलने पर 26 फरवरी को उन्होंने हॉस्टल छोड़ा था। रोमानिया के एयरपोर्ट तक वह खर्च पर पहुंचे। दो दिन तक बॉर्डर पर माइनस तापमान में उन्होंने वक्त बिताया। किसी तरह रोमानिया एयरपोर्ट पर पहुंचे। एयरपोर्ट पर अपने देश आने वालों की भीड़ लगी थी। वहां के निवासी दंपती तीन-तीन छात्राओं को अपने घर ले गए। उन्होंने सारी सुविधाएं उपलब्ध कराईं। भारतीय दूतावास और एयरपोर्ट पर उनकी फ्लाइट के लिए जानकारी करते रहे।
फ्लाइट के लिए नंबर आने पर उन्होंने एयरपोर्ट पर पहुंचा दिया। भारत सरकार के खर्च पर वह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। सरकार ने वहां से भी घर पहुंचाने के लिए कैब की व्यवस्था कर दी थी लेकिन उसे एयरपोर्ट पर लेने के लिए उसके पापा अपनी गाड़ी से पहुंच गए थे। उसने बताया कि रोमानिया के लोगों के दिल में भारतीयों का अत्यधिक सम्मान है।
विज्ञापन
छात्रा एवं उसके परिजनों ने रोमानिया में शरण देने वाले परिवार के सदस्यों एवं भारत सरकार का आभार जताया है। परिजनों ने बताया कि धैर्यवी की माता उपासना चौहान का कुछ समय पूर्व निधन हो गया था। घर में उसके शिक्षक पिता कोमल सिंह, दादी जयवती देवी, भाई कुणाल है। छात्रा बुधवार की रात को भारत के लिए प्लेन में सवार हो गई थीं। बृहस्पतिवार को वह जसपुर पहुंची हैं।
विज्ञापन
लक्ष्मी नगर कॉलोनी निवासी शिक्षक कोमल सिंह की पुत्री यूक्रेन से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। उसका दूसरा वर्ष है। छात्रा धैर्यवी ने बताया कि चेतावनी मिलने पर 26 फरवरी को उन्होंने हॉस्टल छोड़ा था। रोमानिया के एयरपोर्ट तक वह खर्च पर पहुंचे। दो दिन तक बॉर्डर पर माइनस तापमान में उन्होंने वक्त बिताया। किसी तरह रोमानिया एयरपोर्ट पर पहुंचे। एयरपोर्ट पर अपने देश आने वालों की भीड़ लगी थी। वहां के निवासी दंपती तीन-तीन छात्राओं को अपने घर ले गए। उन्होंने सारी सुविधाएं उपलब्ध कराईं। भारतीय दूतावास और एयरपोर्ट पर उनकी फ्लाइट के लिए जानकारी करते रहे।
विज्ञापन
फ्लाइट के लिए नंबर आने पर उन्होंने एयरपोर्ट पर पहुंचा दिया। भारत सरकार के खर्च पर वह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। सरकार ने वहां से भी घर पहुंचाने के लिए कैब की व्यवस्था कर दी थी लेकिन उसे एयरपोर्ट पर लेने के लिए उसके पापा अपनी गाड़ी से पहुंच गए थे। उसने बताया कि रोमानिया के लोगों के दिल में भारतीयों का अत्यधिक सम्मान है।
विज्ञापन
छात्रा एवं उसके परिजनों ने रोमानिया में शरण देने वाले परिवार के सदस्यों एवं भारत सरकार का आभार जताया है। परिजनों ने बताया कि धैर्यवी की माता उपासना चौहान का कुछ समय पूर्व निधन हो गया था। घर में उसके शिक्षक पिता कोमल सिंह, दादी जयवती देवी, भाई कुणाल है। छात्रा बुधवार की रात को भारत के लिए प्लेन में सवार हो गई थीं। बृहस्पतिवार को वह जसपुर पहुंची हैं।