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किसानों की पंचायत में चीनी मिल बचाने का संकल्प
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बाजपुर मंडी समिति में पंचायत करते हुए किसान।
- फोटो : KASHIPUR
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बाजपुर। क्षेत्र के किसानों की पंचायत में चीनी मिल को बचाने का संकल्प लिया गया। सहमति पर चीनी मिल की निगरानी के लिए 31 किसानों की कमेटी बनाई गई।
रविवार को मंडी समिति स्थित किसान भवन में आयोजित किसान पंचायत में चीनी मिल को बचाने के लिए मिल में होने वाले हर कार्य पर नजर रखने के लिए गठित कमेटी की हर माह के पहले रविवार को बैठक होगी। चीनी मिल का पेराई सत्र बंद होने पर मरम्मत कार्य पर निगरानी रखने, चीनी मिल में बायोमैट्रिक मशीन लगाने, स्थायी जीएम की नियुक्ति, चीफ इंजीनियर को मिल से बाहर रखने, डिप्टी इंजीनियर से कार्य कराने, गन्ना भुगतान के लिए शासन स्तर पर वार्ता करने सहित कई बिंदुओं पर गंभीरतापूर्वक मंथन किया गया। किसानों ने कहा कि आए दिन चीनी मिल बंद होने से किसानों को दिक्कत हुई है।
मिल को बचाने के लिए किसानों का संगठित होना जरूरी है। मिल में कार्य कर रहे अधिकारी, कर्मचारियों की सूची ली जाए। इस दौरान सहमति के आधार फर 31 सदस्यों की कमेटी बनाई गई। यह कमेटी ज्येष्ठ उप प्रमुख जोराबर सिंह भुल्लर और आईपी बरार की अगुवाई में कार्य करेगी। पंचायत में निर्णय लिया गया कि मौके पर देखा जाए कि कर्मचारी काम कर रहे हैं या नहीं। वहां भाकियू प्रदेशाध्यक्ष करम सिंह पड्डा, आईपी बरार, विजेंद्र सिंह डोंगरा, सुखदेव सिंह नामधारी, जसवीर सिंह भुल्लर, विक्की रंधावा, अजीत प्रताप रंधावा, जोरावर भुल्लर, जगमोहन सिंह, तेजपाल राजपाल, जीत चौधरी, रंजीत गिल, सतवंत सिंह, कदीर अहमद, बलदेव सिंह, शकील प्रधान, बल्ली सिंह चीमा आदि थे।
किसानों ने देखीं चीनी मिल की व्यवस्थाएं
बाजपुर। पंचायत के बाद किसानों ने चीनी मिल का निरीक्षण किया। मिल में बिखरी पड़ी चीनी पर भी किसानों ने रोष जताया। किसानों ने कहा कि मिल परिसर में स्क्रेप का चट्टा लगा होने पर उसका निस्तारण करने के लिए मिल प्रधान प्रबंध से वार्ता की जाएगी। किसी दशा में मिल को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। किसानों के मिल में निरीक्षण करने से मिल में हड़कंप मच गया। बताते हैं कि कुछ अधिकारी और कर्मचारी इधर-उधर थे जो आनन फानन में मिल में पहुंच गए।
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रविवार को मंडी समिति स्थित किसान भवन में आयोजित किसान पंचायत में चीनी मिल को बचाने के लिए मिल में होने वाले हर कार्य पर नजर रखने के लिए गठित कमेटी की हर माह के पहले रविवार को बैठक होगी। चीनी मिल का पेराई सत्र बंद होने पर मरम्मत कार्य पर निगरानी रखने, चीनी मिल में बायोमैट्रिक मशीन लगाने, स्थायी जीएम की नियुक्ति, चीफ इंजीनियर को मिल से बाहर रखने, डिप्टी इंजीनियर से कार्य कराने, गन्ना भुगतान के लिए शासन स्तर पर वार्ता करने सहित कई बिंदुओं पर गंभीरतापूर्वक मंथन किया गया। किसानों ने कहा कि आए दिन चीनी मिल बंद होने से किसानों को दिक्कत हुई है।
मिल को बचाने के लिए किसानों का संगठित होना जरूरी है। मिल में कार्य कर रहे अधिकारी, कर्मचारियों की सूची ली जाए। इस दौरान सहमति के आधार फर 31 सदस्यों की कमेटी बनाई गई। यह कमेटी ज्येष्ठ उप प्रमुख जोराबर सिंह भुल्लर और आईपी बरार की अगुवाई में कार्य करेगी। पंचायत में निर्णय लिया गया कि मौके पर देखा जाए कि कर्मचारी काम कर रहे हैं या नहीं। वहां भाकियू प्रदेशाध्यक्ष करम सिंह पड्डा, आईपी बरार, विजेंद्र सिंह डोंगरा, सुखदेव सिंह नामधारी, जसवीर सिंह भुल्लर, विक्की रंधावा, अजीत प्रताप रंधावा, जोरावर भुल्लर, जगमोहन सिंह, तेजपाल राजपाल, जीत चौधरी, रंजीत गिल, सतवंत सिंह, कदीर अहमद, बलदेव सिंह, शकील प्रधान, बल्ली सिंह चीमा आदि थे।
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किसानों ने देखीं चीनी मिल की व्यवस्थाएं
बाजपुर। पंचायत के बाद किसानों ने चीनी मिल का निरीक्षण किया। मिल में बिखरी पड़ी चीनी पर भी किसानों ने रोष जताया। किसानों ने कहा कि मिल परिसर में स्क्रेप का चट्टा लगा होने पर उसका निस्तारण करने के लिए मिल प्रधान प्रबंध से वार्ता की जाएगी। किसी दशा में मिल को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। किसानों के मिल में निरीक्षण करने से मिल में हड़कंप मच गया। बताते हैं कि कुछ अधिकारी और कर्मचारी इधर-उधर थे जो आनन फानन में मिल में पहुंच गए।
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