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बाल पंचायत में बच्चों ने मांगा अभिभावकों का वेतन
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रुद्रपुर श्रम कार्यालय के सामने बाल पंचायत की संबोधित करते बच्चे।
- फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। बाल पंचायत में बच्चों ने अपने अभिभावकों के हिस्से का बकाया वेतन देने की मांग की। बच्चों ने कहा कि सहायक श्रम आयुक्त, डीएम से लेकर कमिश्नर तक ने बकाया वेतन दिलाने का वादा किया लेकिन तय समय के बाद भी उनके अभिभावकों को वेतन नहीं मिल सका है। ऐसे में घर की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है।
मजदूर संगठन से जुड़े सिडकुल कंपनी के कर्मचारी लंबे समय से तालाबंदी खत्म करने की मांग कर रहे हैं। अभिभावकों के हक के समर्थन मेें बच्चे भी बार-बार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार सुबह दस बजे से श्रम भवन के सामने बच्चों की भीड़ पहुंच गई। वहीं अभिभावक भी बच्चों के समर्थन में मौजूद रहे।
बच्चों ने कहा कि उत्तराखंड शासन ने 30 मई को तालाबंदी को गैरकानूनी घोषित कर दिया था। एक जून को कमिश्नर ने कहा था कि तीन दिन के अंदर सभी मजदूरों का तीन माह का पूरा वेतन दे दिया जाएगा लेकिन अभी तक वेतन नहीं दिया गया। इससे घर में सभी सदस्य दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं। स्कूल छूटने की नौबत आ गई है।
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चेतावनी दी कि यदि 29 जून तक वेतन नहीं दिया गया तो फिर से बाल पंचायत की जाएगी। बाल पंचायत का संचालन डॉली ने किया। इस दौरान ध्रुव, राखी, अभिनंदन, उत्कर्ष, पूजा, कुमकुम, महिमा, प्रशांत, आयुष, सुप्रिया, प्रतीक मिश्र, चंदन आदि मौजूद थे।
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मजदूर संगठन से जुड़े सिडकुल कंपनी के कर्मचारी लंबे समय से तालाबंदी खत्म करने की मांग कर रहे हैं। अभिभावकों के हक के समर्थन मेें बच्चे भी बार-बार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार सुबह दस बजे से श्रम भवन के सामने बच्चों की भीड़ पहुंच गई। वहीं अभिभावक भी बच्चों के समर्थन में मौजूद रहे।
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बच्चों ने कहा कि उत्तराखंड शासन ने 30 मई को तालाबंदी को गैरकानूनी घोषित कर दिया था। एक जून को कमिश्नर ने कहा था कि तीन दिन के अंदर सभी मजदूरों का तीन माह का पूरा वेतन दे दिया जाएगा लेकिन अभी तक वेतन नहीं दिया गया। इससे घर में सभी सदस्य दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं। स्कूल छूटने की नौबत आ गई है।
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चेतावनी दी कि यदि 29 जून तक वेतन नहीं दिया गया तो फिर से बाल पंचायत की जाएगी। बाल पंचायत का संचालन डॉली ने किया। इस दौरान ध्रुव, राखी, अभिनंदन, उत्कर्ष, पूजा, कुमकुम, महिमा, प्रशांत, आयुष, सुप्रिया, प्रतीक मिश्र, चंदन आदि मौजूद थे।