खटीमा: बग्गा चौवन में एक और गाय बनी बाघ का शिकार, क्षेत्रवासियों में दहशत; गश्त बढ़ाने की मांग
बग्गा चौवन में वन्यजीवों की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। गांव में बाघ के एक और गाय को शिकार बनाने के बाद लोगों में डर का माहौल है। क्षेत्रवासियों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने की मांग की है।
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खटीमा के दूरस्थ गांव बग्गा चौवन में वन्यजीवों की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। गांव में बाघ के एक और गाय को शिकार बनाने के बाद लोगों में डर का माहौल है। क्षेत्रवासियों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने की मांग की है।
चकरपुर लाइन, बग्गा चौवन निवासी इंदर सिंह चुफाल की गाय शनिवार को चारा चुगने जंगल में गई थी। शाम को जब गाय वापस नहीं लौटी तो ग्रामीणों ने उसकी खोजबीन शुरू की। सोमवार को जंगल में झाड़ियों के पास गाय मृत अवस्था में मिली। उसका पिछले हिस्से को बाघ खा चुका था। सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उपप्रधान हेमंत कन्याल समेत अन्य ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने को कहा। रेंजर आरएस मनराल ने बताया कि पूर्व में भी हुई वन्यजीवों के हमले की घटना के बाद आसपास ट्रैप कैमरे लगाए हैं, अभी तक किसी भी कैमरे में बाघ नजर नहीं आया है। विभाग क्षेत्र में निगरानी कर रहा है।
लगातार बढ़ रही हैं वन्यजीव के हमलों की घटनाएं
खटीमा क्षेत्र में जानवरों और इंसानों पर वन्यजीवों पर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले चार दिनों में बाघ के हमले में एक किशोर गंभीर रूप से घायल हुआ है। दो मवेशियों को बाघ ने अपना निवाला बना लिया।
खटीमा क्षेत्र में चार साल में बाघ के हमले में 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। 21 सितंबर 2022 को बाघ ने बग्गा चौवन निवासी उमेद सिंह और मदन सिंह पर हमला कर घायल कर दिया था। 18 जनवरी 2022 को पूरनपुर मार्ग पर इस्लाम नगर निवासी जहीरुद्धीन और उनके दामाद मो. अजीम पर हमला किया। आठ अप्रैल 2024 को बिल्हेरी निवासी गौरा देवी पर दो बाघों ने हमला किया था। एक सितंबर 2024 को अमाऊं निवासी गुलाब सिंह पर बाघ ने हमला किया। तीन जुलाई 2025 को जमौर निवासी दीवान सिंह पर बाघ ने हमला किया। 28 नवंबर 2025 को बरी अंजनिया निवासी विक्रम सिंह पर बाघ ने हमला किया। चार जून 2026 को पचौरिया निवासी गोविंदी देवी पर बाघ ने हमला किया। 28 अगस्त 2026 को बग्गा चौवन निवासी किशोर ईश्वर सिंह बिष्ट को बाघ ने हमला कर जख्मी कर दिया था।
बाघ के हमलों में 15 की हो चुकी है मौत
खटीमा में पिछले चार साल में बाघ के हमलों में 15 लोगों की मौत हो चुकी है। 22 मई 2022 को शारदा डैम क्षेत्र में बाघ के हमले में रोहित और उमा शंकर की मौत हो गई। दिसंबर 2022 को न्यूरिया निवासी परितोष बाघ का शिकार बन गए थे। जनवरी 2023 को हल्दीघेरा निवासी केवल सिंह, मार्च में झाऊपरसा निवासी रंजीत और दाह ढाकी निवासी रमेश, अगस्त में पीलीभीत निवासी हरनंदन, अक्तूबर में बग्गा चौवन निवासी भागुली देवी और दिसंबर में को बग्गा चौवन निवासी तारा सिंह को बाघ ने अपना शिकार बनाया। जनवरी 2024 को सरपुड़ा निवासी सुभावती, मई में बूढ़ाबाग निवासी रामरेशर सिंह और जून में बूढ़ाबाग निवासी प्रेम चंद ने बाघ के हमले में जान गंवाई। जून 2025 को बीसलपुर निवासी जितेंद्र सिंह, जनवरी 2026 को बग्गा चौवन निवासी शेर सिंह कन्याल और अप्रैल में बग्गा चौवन निवासी गोपली देवी बाघ का शिकार बने।