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महिला डॉक्टर के सहारे सीएचसी
अमर उजाला ब्यूरो सितारगंज।
Updated Sat, 08 Jul 2017 11:19 PM IST
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सितारगंज के सीएचसी में मरीजों का इलाज करती महिला डॉक्टर अभिलाषा पांडे।
- फोटो : अमर उजाला
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क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति नहीं सुधर सकी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को कमी के साथ अब डॉक्टर भी कम हो गए हैं। नवागंतुक चिकित्साधीक्षक समेत तीन डॉक्टर अवकाश पर हैं। इस कारण सिर्फ एक महिला डॉक्टर ही अस्पताल चला रही हैं। इस कारण उन्हें 24 घंटे ड्यूटी करनी पड़ रही है।
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नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सवा दो लाख की आबादी के स्वास्थ्य का जिम्मा है। यहां रोजाना 200 से अधिक मरीजों की ओपीडी है। इनके लिए एक सर्जन, एक बाल रोग विशेषज्ञ, एक महिला डॉक्टर समेत चार सामान्य डॉक्टर के पद सृजित हैं। नवागंतुक चिकित्साधिकारी वीके यादव, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. जेसी शंखधर, महिला डॉक्टर अभिलाषा पांडे कार्यरत हैं जबकि अन्य पद खाली हैं। जबकि डॉ. नीलम शंखधर संविदा पर कार्यरत हैं।
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पिछले दो दिन से नवागंतुक चिकित्साधिकारी, बाल रोग विशेषज्ञ, महिला डॉक्टर अवकाश पर हैं। इस कारण एकमात्र महिला डॉक्टर अभिलाषा पांडे ही अस्पताल चला रही हैं। शनिवार को उन्होंने करीब 250 मरीजों का इलाज किया। इमरजेंसी में भी महिला डॉक्टर को ड्यूटी करनी पड़ रही है। आयुर्वेदिक डॉक्टर भी अस्पताल नहीं आ रहे हैं। इससे आयुर्वेदिक अस्पताल भी बंद है। अस्पताल में डॉक्टरों की कमी से सैकड़ों मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। महिला डॉक्टर पांडे ने बताया कि एनआरएचएम के एक डॉक्टर को भी ओपीडी देखने के लिए व्यवस्था के तौर पर रखा गया है। गंभीर रोगी को रेफर करना पड़ रहा है।
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