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पूर्व समाज कल्याण अधिकारी समेत पांच अधिकारियों पर दर्ज होगा केस
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ममता बोहरा, एसआईटी प्रभारी।
- फोटो : RUDRAPUR
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दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले के आरोप में पूर्व समाज कल्याण अधिकारी समेत पांच अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। एसआईटी की जांच में सभी अधिकारियों की घोटाले में संलिप्ता मिली है। अब मामले में केस दर्ज करने के बाद सभी की गिरफ्तारी होना तय माना जा रहा है। इससे पूर्व घोटाले में एसआईटी पूर्व समाज कल्याण अधिकारी और एक सहायक पटल को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
वर्ष 2011 से 2019 तक जिले के तीन हजार एससी, एसटी और ओबीसी विद्यार्थियों को बाहरी राज्यों के शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश दिखाकर विभिन्न कोर्स के नाम पर करोड़ों का छात्रवृत्ति घोटाला हुआ था। घोटाले की जांच के लिए शासन की ओर से एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी ने जांच शुरू की तो आए दिन नए खुलासे हुए। एसआईटी अभी तक बाहरी राज्यों के 58 शैक्षिक संस्थान और 60 बिचौलियों के खिलाफ जिले के विभिन्न थाना चौकियों में केस दर्ज कर चुकी है। इसके साथ ही 14 करोड़ रुपये का घोटाला भी पकड़ में आया है।
घोटाले में शैक्षिक संस्थान और बिचौलियों के साथ समाज कल्याण विभाग के दो पूर्व अधिकारियों के नाम सामने आ चुके हैं। एसआईटी पूर्व समाज कल्याण अधिकारी और सहायक पटल राजेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। एसआईटी सूत्रों के अनुसार जिस दौरान घोटाला हुआ था, उस दौरान दो समाज कल्याण अधिकारी, दो सहायक समाज कल्याण अधिकारी और तीन सहायक पटल तैनात रहे थे। दो अधिकारियों को गिरफ्तार करने के बाद अन्य अधिकारी भी कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। जल्द ही इनके खिलाफ भी केस दर्ज करने की तैयारी है।
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35 केसों में बढ़ीं भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराएं
रुद्रपुर। एसआईटी सूत्रों के अनुसार छात्रवृत्ति घोटाले में 58 शैक्षिक संस्थानों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। इसमें 35 केसों में एसआई स्तर के अधिकारियों की जांच के बाद भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में बढ़ोतरी की गई है। इन केसों की जांच अब सीओ स्तर के अधिकारी करेंगे। जांच के बाद सभी आरोपियों पर शिकंजा और कस जाएगा। (संवाद)
बाहरी राज्यों के शैक्षिक संस्थानों में हुए छात्रवृत्ति घोटाले में दर्ज मुकदमों की विवेचना चल रही है। 35 मुकदमों में भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराएं बढ़ाई गई हैं। जांच में समाज कल्याण विभाग के तत्कालीन पांच अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई है। - ममता बोहरा, एसपी सिटी/एसआईटी प्रभारी।
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वर्ष 2011 से 2019 तक जिले के तीन हजार एससी, एसटी और ओबीसी विद्यार्थियों को बाहरी राज्यों के शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश दिखाकर विभिन्न कोर्स के नाम पर करोड़ों का छात्रवृत्ति घोटाला हुआ था। घोटाले की जांच के लिए शासन की ओर से एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी ने जांच शुरू की तो आए दिन नए खुलासे हुए। एसआईटी अभी तक बाहरी राज्यों के 58 शैक्षिक संस्थान और 60 बिचौलियों के खिलाफ जिले के विभिन्न थाना चौकियों में केस दर्ज कर चुकी है। इसके साथ ही 14 करोड़ रुपये का घोटाला भी पकड़ में आया है।
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घोटाले में शैक्षिक संस्थान और बिचौलियों के साथ समाज कल्याण विभाग के दो पूर्व अधिकारियों के नाम सामने आ चुके हैं। एसआईटी पूर्व समाज कल्याण अधिकारी और सहायक पटल राजेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। एसआईटी सूत्रों के अनुसार जिस दौरान घोटाला हुआ था, उस दौरान दो समाज कल्याण अधिकारी, दो सहायक समाज कल्याण अधिकारी और तीन सहायक पटल तैनात रहे थे। दो अधिकारियों को गिरफ्तार करने के बाद अन्य अधिकारी भी कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। जल्द ही इनके खिलाफ भी केस दर्ज करने की तैयारी है।
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35 केसों में बढ़ीं भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराएं
रुद्रपुर। एसआईटी सूत्रों के अनुसार छात्रवृत्ति घोटाले में 58 शैक्षिक संस्थानों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। इसमें 35 केसों में एसआई स्तर के अधिकारियों की जांच के बाद भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में बढ़ोतरी की गई है। इन केसों की जांच अब सीओ स्तर के अधिकारी करेंगे। जांच के बाद सभी आरोपियों पर शिकंजा और कस जाएगा। (संवाद)
बाहरी राज्यों के शैक्षिक संस्थानों में हुए छात्रवृत्ति घोटाले में दर्ज मुकदमों की विवेचना चल रही है। 35 मुकदमों में भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराएं बढ़ाई गई हैं। जांच में समाज कल्याण विभाग के तत्कालीन पांच अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई है। - ममता बोहरा, एसपी सिटी/एसआईटी प्रभारी।