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आरओबी निर्माण में देरी पर कार्यदायी संस्था के खिलाफ केस
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काशीपुर में आरओबी के पास सर्विस रोड की बदहाल स्थिति।
- फोटो : KASHIPUR
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काशीपुर। काशीपुर में रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण करने वाली कंपनी के खिलाफ परगना मजिस्ट्रेट ने धारा 133 के तहत केस दर्ज किया है। सर्विस लेन का काम 31 जुलाई तक पूरा करने का लिखित आश्वासन देने के बावजूद कंपनी यह काम नहीं कर सकी। अब पुलिस और तहसील प्रशासन की चालानी रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए परगना मजिस्ट्रेट ने कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी किए हैं।
31 अक्तूबर, 2018 को तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने काशीपुर में एनएच पर आरओबी के निर्माण की नींव रखी थी। इसका निर्माण कार्यदायी संस्था दीपक बिल्डर्स कर रही है। कंपनी को यह कार्य दिसंबर, 2019 तक पूरा करना था। प्रशासन की लगातार सख्ती के बावजूद अभी तक कार्य अधर में लटका हुआ है। लिखित आश्वासन के बाद भी कंपनी की ओर से सर्विस लेन (रोड) का निर्माण नहीं किया गया है। आरओबी के आधे अधूरे निर्माण से रास्ते बंद हो गए हैं। निर्माण स्थल के आसपास की दुकानें काफी समय से बंद हैं। इससे व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। निर्माण कार्य के चलते आरओबी के दोनों ओर सर्विस रोड जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। पिछले दिनों डीएम ने कार्यदायी संस्था को आरओबी के दोनों ओर सर्विस रोड का निर्माण शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए थे। कंपनी की ओर से 31 जुलाई तक सर्विस रोड तैयार करने का लिखित आश्वासन दिया गया था लेकिन कंपनी ने कार्य शुरूनहीं किया। तहसील प्रशासन और पुलिस की चालानी रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम आकांक्षा वर्मा ने शुक्रवार को निर्माण कंपनी दीपक बिल्डर्स के खिलाफ धारा 133 का केस दर्ज कर लिया है।
आरओबी के निर्माण में फंसा पोल शिफ्टिंग का पेच
काशीपुर। आरओबी के निर्माण में विद्युत पोलों की शिफ्टिंग का पेच फंस गया है। आरओबी के निर्माण में बाधा बन रहे विद्युत पोलों को शिफ्ट कराने के लिए एनएचएआई ने विभाग को करीब 60 लाख रुपये की राशि दी थी। बिजली विभाग ने सड़क में आ रहे विद्युत पोलों को शिफ्ट कर दिया लेकिन कार्यदायी संस्था ने पोल शिफ्टिंग की प्रक्रिया पर आपत्ति करते हुए विभाग से इसकी शिकायत की। एनएच के ईई सुनील कुमार ने हाइडिल के ईई को पत्र लिखकर पोल को ठीक से शिफ्ट न करने पर एतराज किया। उनका कहना था कि कई स्थानों पर पोल नाले में धंसा दिए गए। कई स्थानों पर केबल आरओबी के बीम से ऊपर जा रही है। जबकि ऊर्जा निगम के के ईई अनिल वर्मा का कहना है कि विभाग ने विद्युत पोल सही ढंग से शिफ्ट किए हैं। सभी पोल सड़क के किनारे लगाए गए हैं। एनएच के नाला बना देने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। एनएच के एई बीसी आर्य ने बताया कि ऊर्जा निगम के सहयोग से पोल और केबल को दुरुस्त किया जा रहा है ताकि गतिरोध समाप्त हो सके।
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31 अक्तूबर, 2018 को तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने काशीपुर में एनएच पर आरओबी के निर्माण की नींव रखी थी। इसका निर्माण कार्यदायी संस्था दीपक बिल्डर्स कर रही है। कंपनी को यह कार्य दिसंबर, 2019 तक पूरा करना था। प्रशासन की लगातार सख्ती के बावजूद अभी तक कार्य अधर में लटका हुआ है। लिखित आश्वासन के बाद भी कंपनी की ओर से सर्विस लेन (रोड) का निर्माण नहीं किया गया है। आरओबी के आधे अधूरे निर्माण से रास्ते बंद हो गए हैं। निर्माण स्थल के आसपास की दुकानें काफी समय से बंद हैं। इससे व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। निर्माण कार्य के चलते आरओबी के दोनों ओर सर्विस रोड जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। पिछले दिनों डीएम ने कार्यदायी संस्था को आरओबी के दोनों ओर सर्विस रोड का निर्माण शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए थे। कंपनी की ओर से 31 जुलाई तक सर्विस रोड तैयार करने का लिखित आश्वासन दिया गया था लेकिन कंपनी ने कार्य शुरूनहीं किया। तहसील प्रशासन और पुलिस की चालानी रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम आकांक्षा वर्मा ने शुक्रवार को निर्माण कंपनी दीपक बिल्डर्स के खिलाफ धारा 133 का केस दर्ज कर लिया है।
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आरओबी के निर्माण में फंसा पोल शिफ्टिंग का पेच
काशीपुर। आरओबी के निर्माण में विद्युत पोलों की शिफ्टिंग का पेच फंस गया है। आरओबी के निर्माण में बाधा बन रहे विद्युत पोलों को शिफ्ट कराने के लिए एनएचएआई ने विभाग को करीब 60 लाख रुपये की राशि दी थी। बिजली विभाग ने सड़क में आ रहे विद्युत पोलों को शिफ्ट कर दिया लेकिन कार्यदायी संस्था ने पोल शिफ्टिंग की प्रक्रिया पर आपत्ति करते हुए विभाग से इसकी शिकायत की। एनएच के ईई सुनील कुमार ने हाइडिल के ईई को पत्र लिखकर पोल को ठीक से शिफ्ट न करने पर एतराज किया। उनका कहना था कि कई स्थानों पर पोल नाले में धंसा दिए गए। कई स्थानों पर केबल आरओबी के बीम से ऊपर जा रही है। जबकि ऊर्जा निगम के के ईई अनिल वर्मा का कहना है कि विभाग ने विद्युत पोल सही ढंग से शिफ्ट किए हैं। सभी पोल सड़क के किनारे लगाए गए हैं। एनएच के नाला बना देने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। एनएच के एई बीसी आर्य ने बताया कि ऊर्जा निगम के सहयोग से पोल और केबल को दुरुस्त किया जा रहा है ताकि गतिरोध समाप्त हो सके।
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