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पालिकाध्यक्ष समेत 70-80 अन्य के खिलाफ केस दर्ज
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सितारगंज में आमरण अनशन पर बैठे पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे व अन्य।
- फोटो : SITARGANJ
एसडीएम के वाहन को रोकने और हंगामे के मामले में पुलिस ने पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे समेत 70-80 अन्य लोगों के लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
कोतवाल सलाहउद्दीन ने बताया कि एसएसआई सुधाकर जोशी की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि बुधवार को पालिका में वार्ता के दौरान आंदोलन कर रहे लोगों ने मुख्य गेट बंद कर एसडीएम और सीओ को बंद कर दिया था और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की थी। आरोपी पालिकाध्यक्ष समेत 13 वार्ड सदस्यों और उनके पति व अन्य 70-80 समर्थकों पर धारा 186 और 342 के तहत केस दर्ज किया गया है।
जांच पूरी करने पहुंची दो एई और नौ जेई की टीम
सितारगंज। नगर पालिका के कार्यों की चल रही जांच को पूरा करने के लिए जिले से तकनीकी अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम सितारगंज पहुंची। एसडीएम मुक्ता मिश्र ने बताया कि डीएम की ओर से आदेश हैं कि कमेटी जल्द से जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट दे। इधर, अतिरिक्त तकनीकी सदस्य ग्रामीण निर्माण विभाग के ईई अनिल गुप्ता ने बताया कि उन्हें दो दिन के भीतर जांच पूरी करने के निर्देश मिले हैं। इसके लिए विभाग के दो एई और नौ जेई को भी जांच में लगाया है। संवाद
एसडीएम वार्ता करने आई थीं। बंधक बनाने की भ्रांति फैलाकर मुकदमे में फंसाने की साजिश की जा रही है। एसडीएम न तो धरनास्थल पर आईं और न ही वह गेट पर पहुंचीं। भीड़ में कोई अनुशासनहीनता न हो जाए इसलिए बाहरी लोगों को गेट से अंदर नहीं आने दिया गया। आंदोलनकारियों ने किसी को बंधक नहीं बनाया और न ही अभद्रता की। एसडीएम वार्ता करने नहीं आईं। दो बार बुलाया और गुमराह करती रहीं। 14 दिसंबर की जांच रिपोर्ट में सभी काम नियमानुसार होना सामने आया है। सभी गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इस दौरान कोई घटना घटती होती है तो जिला प्रशासन जिम्मेदार और दोषी होगा। -हरीश दुबे, पालिकाध्यक्ष सितारगंज।
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आमरण अनशन पर डटे रहे पालिका बोर्ड के सदस्य
सितारगंज। मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे पालिका बोर्ड के सदस्यों का दूसरे दिन भी अनशन जारी रहा। बोर्ड की मांगों के समर्थन में पर्यावरण मित्रों ने मामले का 24 घंटे के भीतर निपटारा न होने पर हड़ताल की चेतावनी दी है। बुधवार को पालिका परिसर में पालिकाध्यक्ष और एसडीएम के बीच वार्ता में छह घंटे बाद भी समाधान नहीं हुआ और हंगामा हुआ। पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे, सभासद व उनके समर्थकों ने मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया था और वहीं धरने पर बैठ गए थे।
बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी अनशन जारी रहा। पालिकाध्यक्ष दुबे ने कहा कि राजीव आवास योजना के लिए गठित अनुश्रवण समिति मेें एसडीएम अध्यक्ष, ईओ सदस्य सचिव, जेई सदस्य हैं। बोर्ड तो उसमें सदस्य भी नहीं है। उनकी देखरेख में आवासों का निर्माण भी कराया जा रहा था। इधर, देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ ने बोर्ड की मांगों का समर्थन करते हुए डीएम को ज्ञापन भेजा। सफाई कर्मियों ने कहा कि अगर जांच में किसी दबाव या पूर्वाग्रह से पालिका के किसी अधिकारी, कर्मचारी या अध्यक्ष और बोर्ड के किसी सदस्य के खिलाफ अनियमित तरीके से कार्रवाई की जाती है या प्रशासन दबाव बनाने के लिए मुकदमा दर्ज करता है तो सभी पालिका कर्मी हड़ताल करेंगे।
वहां संरक्षक राजपाल, अध्यक्ष महेश वाल्मीकि, महामंत्री सुनील वाल्मीकि, जितेंद्र वाल्मीकि आदि थे। अखिल भारतीय वाल्मीकि समाज विकास परिषद ने भी एसडीएम मुक्ता मिश्र के जरिये डीएम रंजना राजगुरु को ज्ञापन भेजा। 24 घंटे के भीतर मांगों का संज्ञान लेकर ठोस निर्णय न लेने पर कामबंद हड़ताल की चेतावनी दी। वहां अध्यक्ष विनय कुमार, महासचिव राजू भारती, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश वाल्मीकि, सतीश, सुरेश पाल, रामानंद, किशोर, रचित, रामश्री, राजू देवी आदि थे।
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कोतवाल सलाहउद्दीन ने बताया कि एसएसआई सुधाकर जोशी की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि बुधवार को पालिका में वार्ता के दौरान आंदोलन कर रहे लोगों ने मुख्य गेट बंद कर एसडीएम और सीओ को बंद कर दिया था और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की थी। आरोपी पालिकाध्यक्ष समेत 13 वार्ड सदस्यों और उनके पति व अन्य 70-80 समर्थकों पर धारा 186 और 342 के तहत केस दर्ज किया गया है।
जांच पूरी करने पहुंची दो एई और नौ जेई की टीम
सितारगंज। नगर पालिका के कार्यों की चल रही जांच को पूरा करने के लिए जिले से तकनीकी अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम सितारगंज पहुंची। एसडीएम मुक्ता मिश्र ने बताया कि डीएम की ओर से आदेश हैं कि कमेटी जल्द से जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट दे। इधर, अतिरिक्त तकनीकी सदस्य ग्रामीण निर्माण विभाग के ईई अनिल गुप्ता ने बताया कि उन्हें दो दिन के भीतर जांच पूरी करने के निर्देश मिले हैं। इसके लिए विभाग के दो एई और नौ जेई को भी जांच में लगाया है। संवाद
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एसडीएम वार्ता करने आई थीं। बंधक बनाने की भ्रांति फैलाकर मुकदमे में फंसाने की साजिश की जा रही है। एसडीएम न तो धरनास्थल पर आईं और न ही वह गेट पर पहुंचीं। भीड़ में कोई अनुशासनहीनता न हो जाए इसलिए बाहरी लोगों को गेट से अंदर नहीं आने दिया गया। आंदोलनकारियों ने किसी को बंधक नहीं बनाया और न ही अभद्रता की। एसडीएम वार्ता करने नहीं आईं। दो बार बुलाया और गुमराह करती रहीं। 14 दिसंबर की जांच रिपोर्ट में सभी काम नियमानुसार होना सामने आया है। सभी गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इस दौरान कोई घटना घटती होती है तो जिला प्रशासन जिम्मेदार और दोषी होगा। -हरीश दुबे, पालिकाध्यक्ष सितारगंज।
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आमरण अनशन पर डटे रहे पालिका बोर्ड के सदस्य
सितारगंज। मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे पालिका बोर्ड के सदस्यों का दूसरे दिन भी अनशन जारी रहा। बोर्ड की मांगों के समर्थन में पर्यावरण मित्रों ने मामले का 24 घंटे के भीतर निपटारा न होने पर हड़ताल की चेतावनी दी है। बुधवार को पालिका परिसर में पालिकाध्यक्ष और एसडीएम के बीच वार्ता में छह घंटे बाद भी समाधान नहीं हुआ और हंगामा हुआ। पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे, सभासद व उनके समर्थकों ने मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया था और वहीं धरने पर बैठ गए थे।
बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी अनशन जारी रहा। पालिकाध्यक्ष दुबे ने कहा कि राजीव आवास योजना के लिए गठित अनुश्रवण समिति मेें एसडीएम अध्यक्ष, ईओ सदस्य सचिव, जेई सदस्य हैं। बोर्ड तो उसमें सदस्य भी नहीं है। उनकी देखरेख में आवासों का निर्माण भी कराया जा रहा था। इधर, देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ ने बोर्ड की मांगों का समर्थन करते हुए डीएम को ज्ञापन भेजा। सफाई कर्मियों ने कहा कि अगर जांच में किसी दबाव या पूर्वाग्रह से पालिका के किसी अधिकारी, कर्मचारी या अध्यक्ष और बोर्ड के किसी सदस्य के खिलाफ अनियमित तरीके से कार्रवाई की जाती है या प्रशासन दबाव बनाने के लिए मुकदमा दर्ज करता है तो सभी पालिका कर्मी हड़ताल करेंगे।
वहां संरक्षक राजपाल, अध्यक्ष महेश वाल्मीकि, महामंत्री सुनील वाल्मीकि, जितेंद्र वाल्मीकि आदि थे। अखिल भारतीय वाल्मीकि समाज विकास परिषद ने भी एसडीएम मुक्ता मिश्र के जरिये डीएम रंजना राजगुरु को ज्ञापन भेजा। 24 घंटे के भीतर मांगों का संज्ञान लेकर ठोस निर्णय न लेने पर कामबंद हड़ताल की चेतावनी दी। वहां अध्यक्ष विनय कुमार, महासचिव राजू भारती, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश वाल्मीकि, सतीश, सुरेश पाल, रामानंद, किशोर, रचित, रामश्री, राजू देवी आदि थे।

सितारगंज नगर पालिका में प्रदर्शन करते पर्यावरण मित्र।- फोटो : SITARGANJ