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भाषा की मर्यादा खूब टूटी
अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर
Updated Sun, 12 Feb 2017 01:05 AM IST
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। मोदी की जनसभा में सांसद से लेकर प्रत्याशियों और बड़े पदाधिकारियों ने भाषा की मर्यादा की सभी सीमाएं तोड़ दीं। किच्छा विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी राजेश शुक्ला ने जहां सीएम हरीश रावत को रावण की संज्ञा दी वहीं इंदिरा हृदयेश की ओर इशारा करते हुए उन्हें सूर्पणखा तक कह डाला। सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने तो मंच पर ही बैठे यशपाल आर्य को विभीषण की उपाधि डे डाली। अपने उत्साहित भाषण में कोश्यारी ने साफ शब्दों में कहा कि रावण रूपी हरीश रावत ने विभीषण को लात मारकर निकाल दिया तो मर्यादित भाजपा राम ने उन्हें गले लगाया है। वहीं रुद्रपुर से भाजपा विधायक राजकुमार ठुकराल ने भी अपने प्रतिद्वंद्वी तिलकराज बेहड़ को खलनायक कलाकार अमरीशपुरी के नाम से इशारा किया।
सभा स्थल पर अपार भीड़ को देखकर पीएम मोदी के आने से पहले मंच से संबोधन करने वालों ने उत्साहित होकर जमकर भाषा की मर्यादा को तोड़ा। जिसे भी जितना बोलने का मौका मिला उसने मुख्यमंत्री हरीश रावत को सीधे तौर पर निशाने पर लिया। कांग्रेस सरकार को पूरी तरह घेरते हुए जमकर निशाना साधा। क्षेत्रीय सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने तो अपने 22 मिनट के भाषण में जहां लोगों में खूब जोश भरा वहीं वह मंच पर बैठे बाजपुर सीट से प्रत्याशी यशपाल आर्य को भी अपने निशाने पर लेने से नहीं चूके। कोश्यारी ने सीधे तौर पर कह दिया कि रावण रूपी हरीश रावत ने यशपाल को विभीषण की तरह लात मारकर निकाल दिया, यह तो मर्यादा राम मयी भाजपा थी जो उन्हें लगे लगा लिया।
पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने भी मुख्यमंत्री हरीश रावत पर निशाना साधते हुए कहा कि रावत बहुत अहंकारी हैं। आज हालात यह है कि अपने अहंकार में उन्होंने प्रदेश में पूरी पार्टी ही तोड़ दी है। आज प्रदेश में और कांग्रेस सरकार में जो हालात पैदा हो रहे हैं वह किसी से छिपे नहीं है। अपनी मनमर्जी से सरकार चलाने वाले मुख्यमंत्री हरीश रावत का अहंकार तोड़ना है, क्योंकि अहंकार तो रावण का भी नहीं रहा। विजय बहुणा ने भी भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील करते हुए कहा कि भाजपा उम्मीदों का उत्तराखंड बनाना चाहती है। जिन उम्मीदों को लेकर उत्तराखंड बना था वह अभी पूरी नहीं हो पाई हैं, उन्हें पूरा करना है। बहुगुणा ने भी अपने भाषण में मोदी सरकार की उपलब्धियां और उनके दूरगामी परिणाम भी बताए।
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सभा स्थल पर अपार भीड़ को देखकर पीएम मोदी के आने से पहले मंच से संबोधन करने वालों ने उत्साहित होकर जमकर भाषा की मर्यादा को तोड़ा। जिसे भी जितना बोलने का मौका मिला उसने मुख्यमंत्री हरीश रावत को सीधे तौर पर निशाने पर लिया। कांग्रेस सरकार को पूरी तरह घेरते हुए जमकर निशाना साधा। क्षेत्रीय सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने तो अपने 22 मिनट के भाषण में जहां लोगों में खूब जोश भरा वहीं वह मंच पर बैठे बाजपुर सीट से प्रत्याशी यशपाल आर्य को भी अपने निशाने पर लेने से नहीं चूके। कोश्यारी ने सीधे तौर पर कह दिया कि रावण रूपी हरीश रावत ने यशपाल को विभीषण की तरह लात मारकर निकाल दिया, यह तो मर्यादा राम मयी भाजपा थी जो उन्हें लगे लगा लिया।
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पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने भी मुख्यमंत्री हरीश रावत पर निशाना साधते हुए कहा कि रावत बहुत अहंकारी हैं। आज हालात यह है कि अपने अहंकार में उन्होंने प्रदेश में पूरी पार्टी ही तोड़ दी है। आज प्रदेश में और कांग्रेस सरकार में जो हालात पैदा हो रहे हैं वह किसी से छिपे नहीं है। अपनी मनमर्जी से सरकार चलाने वाले मुख्यमंत्री हरीश रावत का अहंकार तोड़ना है, क्योंकि अहंकार तो रावण का भी नहीं रहा। विजय बहुणा ने भी भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील करते हुए कहा कि भाजपा उम्मीदों का उत्तराखंड बनाना चाहती है। जिन उम्मीदों को लेकर उत्तराखंड बना था वह अभी पूरी नहीं हो पाई हैं, उन्हें पूरा करना है। बहुगुणा ने भी अपने भाषण में मोदी सरकार की उपलब्धियां और उनके दूरगामी परिणाम भी बताए।
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