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भाजपा प्रदेश चिकित्सा प्रकोष्ठ अध्यक्ष ने छोड़ी पार्टी
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Wed, 18 May 2016 12:17 AM IST
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कांग्रेस के बागी विधायकों को भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज होने के बाद अब भाजपा पार्टी को झटके लगने शुरू हो गए हैं। इसी कड़ी में जसपुर क्षेत्र में जनता के बीच अच्छी पकड़ रखने वाले भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. एमपी सिंह ने भाजपा नेताओं के आश्वासनों से क्षुब्ध होकर अपने साथियों के साथ पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया है। इससे भाजपा पार्टी को तगड़ा झटका लगा है। उन्होंने देहरादून में साथियों के साथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से सदस्यता ग्रहण की।
देहरादून से लौटकर आए डॉ. एमपी सिंह ने मंगलवार को अपने आवास पर पत्रकार वार्ता में कहा कि कांग्रेस के जिन विधायकों ने अपनी महत्वाकांक्षा पूरी न होने पर कांग्रेस पार्टी से बगावत की, उन्हीं विधायकों को भाजपा के प्रदेश और केंद्र के नेताओं ने पार्टी में शामिल करने का आश्वासन दे दिया। जिससे वह बेहद क्षुब्ध हैं। जो विधायक महत्वाकांक्षा की खातिर अपनी सरकार को गिरा सकते हैं, वह भाजपा के कैसे हो सकते हैं।
स्थानीय विधायक ने 14 सालों तक उनका और भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न किया, उनपर झूठे मुकदमे लगवाकर जेल भिजवाया। अब वह कैसे उन्हें अपना नेता मान सकते हैं। उन्होंने प्रदेश और केंद्र के नेताओं से अनुरोध किया कि वह कांग्रेस के बागी विधायकों को भाजपा में शामिल न करें। लेकिन आला नेताओं ने बागी विधायकों को पार्टी में शामिल करने का आश्वासन दे दिया है।
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इसलिए उन्होंने क्षेत्र और प्रदेश के हित में अपने साथियों के साथ देहरादून जाकर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पार्टी में उनका स्वागत कर जसपुर क्षेत्र के विकास करने का आश्वासन दिया है। उनके साथी बलवंत लाल, विमल वर्मा, दयाराम शर्मा आदि ने भी भाजपा छोड़ दी है।
इधर बगावत, उधर निष्कासन
भाजपा प्रदेश कार्यालय के सचिव पुष्कर सिंह काला ने भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. एमपी सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के निर्देश पर पार्टी से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। डॉ. सिंह के कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के बाद भाजपा ने यह कदम उठाया।
कई और छोड़ सके हैं पार्टी
कांग्रेस बागी विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल के भाजपा में आने की अटकलें तेज होने के बाद नेताओं में जबरदस्त खलबली मची हुई है। आला कमान के सिंघल को पार्टी में लेने की सुगबुगाहट से चुनाव की तैयारी में लगे नेताओं की नींद उड़ी हुई है। डॉ. एमपी सिंह के पार्टी छोड़ने के बाद कई और नेता भी सिंघल की बीजेपी में ज्वाइनिंग के बाद पार्टी छोड़ सकते हैं। स्थानीय नेता किसी भी प्रकार से सिंघल को पचाने के मूड में नहीं है।
भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आए डॉ.एमपी सिंह और उनके समर्थकों का फूल मालाओं से स्वागत किया गया। अफजलगढ़ बस स्टैंड के निकट स्वागत समारोह में कांग्रेस जिला अध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट ने भाजपा की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि मिशन 2017 कांग्रेस ही फतेह करेगी। प्रदेश में कांग्रेस की फिर से सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में शामिल होने वाले सभी कार्यकर्ताओं का कांग्रेस सम्मान करती है। इस मौके पर अतीकुर्रहमान रहबर, वरुण चौधरी, महेंद्र सिंह, जाकिर हुसैन, रंजीत, एजाज अंसारी, नईम अहमद, बलवंत सिंह, रवि कुमार, हारुन, मो. उस्मान आदि उपस्थित थे।
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देहरादून से लौटकर आए डॉ. एमपी सिंह ने मंगलवार को अपने आवास पर पत्रकार वार्ता में कहा कि कांग्रेस के जिन विधायकों ने अपनी महत्वाकांक्षा पूरी न होने पर कांग्रेस पार्टी से बगावत की, उन्हीं विधायकों को भाजपा के प्रदेश और केंद्र के नेताओं ने पार्टी में शामिल करने का आश्वासन दे दिया। जिससे वह बेहद क्षुब्ध हैं। जो विधायक महत्वाकांक्षा की खातिर अपनी सरकार को गिरा सकते हैं, वह भाजपा के कैसे हो सकते हैं।
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स्थानीय विधायक ने 14 सालों तक उनका और भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न किया, उनपर झूठे मुकदमे लगवाकर जेल भिजवाया। अब वह कैसे उन्हें अपना नेता मान सकते हैं। उन्होंने प्रदेश और केंद्र के नेताओं से अनुरोध किया कि वह कांग्रेस के बागी विधायकों को भाजपा में शामिल न करें। लेकिन आला नेताओं ने बागी विधायकों को पार्टी में शामिल करने का आश्वासन दे दिया है।
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इसलिए उन्होंने क्षेत्र और प्रदेश के हित में अपने साथियों के साथ देहरादून जाकर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पार्टी में उनका स्वागत कर जसपुर क्षेत्र के विकास करने का आश्वासन दिया है। उनके साथी बलवंत लाल, विमल वर्मा, दयाराम शर्मा आदि ने भी भाजपा छोड़ दी है।
इधर बगावत, उधर निष्कासन
भाजपा प्रदेश कार्यालय के सचिव पुष्कर सिंह काला ने भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. एमपी सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के निर्देश पर पार्टी से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। डॉ. सिंह के कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के बाद भाजपा ने यह कदम उठाया।
कई और छोड़ सके हैं पार्टी
कांग्रेस बागी विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल के भाजपा में आने की अटकलें तेज होने के बाद नेताओं में जबरदस्त खलबली मची हुई है। आला कमान के सिंघल को पार्टी में लेने की सुगबुगाहट से चुनाव की तैयारी में लगे नेताओं की नींद उड़ी हुई है। डॉ. एमपी सिंह के पार्टी छोड़ने के बाद कई और नेता भी सिंघल की बीजेपी में ज्वाइनिंग के बाद पार्टी छोड़ सकते हैं। स्थानीय नेता किसी भी प्रकार से सिंघल को पचाने के मूड में नहीं है।
भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आए डॉ.एमपी सिंह और उनके समर्थकों का फूल मालाओं से स्वागत किया गया। अफजलगढ़ बस स्टैंड के निकट स्वागत समारोह में कांग्रेस जिला अध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट ने भाजपा की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि मिशन 2017 कांग्रेस ही फतेह करेगी। प्रदेश में कांग्रेस की फिर से सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में शामिल होने वाले सभी कार्यकर्ताओं का कांग्रेस सम्मान करती है। इस मौके पर अतीकुर्रहमान रहबर, वरुण चौधरी, महेंद्र सिंह, जाकिर हुसैन, रंजीत, एजाज अंसारी, नईम अहमद, बलवंत सिंह, रवि कुमार, हारुन, मो. उस्मान आदि उपस्थित थे।