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बागी राजीव और सीमा को मनाने में भाजपा विफल
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Wed, 01 Feb 2017 11:05 PM IST
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भाजपा से बगावत कर निर्दलीय मैदान में उतरने वाले पूर्व विधायक राजीव अग्रवाल को मनाने का भाजपा का दांव धरा रह गया। राष्ट्रीय महामंत्री संगठन रामलाल के बुलावे पर राजीव मिलने नहीं गए। नामांकन वापसी का समय खत्म होने के बाद राजीव को लेकर भाजपा की उम्मीद भी खत्म हो गई है। राजीव के निर्दलीय मैदान में डटे रहने से भाजपा की बेचैनी बढ़ गई है। उधर दूसरी तरफ जसपुर में सीमा चौहान को मनाने में भ्ाी भाजपा हाईकमान असफल रहा।
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दरअसल राजीव के बगावत कर निर्दलीय मैदान में कूदने के बाद से पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उन्हें मनाने की कोशिशों में जुटा था। इसकी वजह राजीव का पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ही जनता में भी पकड़ होना है। पहले तो पार्टी की कोशिश राजीव को नामांकन दाखिल करने से रोकने की थी। लेकिन जब पार्टी असफल हुई तो राजीव पर नाम वापस लेने के लिए पूरी ताकत लगाई गई। दिल्ली से आई आरएसएस की टीम के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, देहरादून से आए विश्वास डाबर ने भी मनाने की कोशिश की थी।
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इसकेे अलावा राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिवप्रकाश ने राजीव से फोन पर बात की थी। प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू ने भी राजीव से संपर्क साधा था। जब सारी कोशिशें नाकाम रही तो राष्ट्रीय महामंत्री संगठन रामलाल को जिम्मा सौंपा गया। रामलाल ने राजीव को मामले में बात करने के लिए संदेश भेजकर बुलाया था। लेकिन राजीव चुनाव लड़ने के निर्णय पर अड़े रहे और किसी तरह की बात करने से साफ इनकार कर दिया। राजीव के तेवरों से पार्टी नेता हैरान हैं। उधर राजीव अग्रवाल ने बताया कि बुधवार को भाजपा के एक नेता ने उन्हें फोन कर राष्ट्रीय महामंत्री संगठन रामलाल से मिलकर बात करने की गुजारिश की थी। लेकिन उन्होंने नाम वापस लेने के संबंध में किसी तरह की बात करने से इनकार कर दिया। कहा कि वे चुनाव मैदान से किसी कीमत पर नहीं हटेंगे। कुछ और पार्टी नेताओं ने भी उनको फोन किया था, लेकिन उन्होंने अपना निर्णय सुना दिया था।
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जसपुर में भाजपा की प्रदेश मंत्री सीमा चौहान और विनय रोहेला ने टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में नामांकन पत्र दाखिल किया था। दोनों ने समर्थकों के साथ जुलूस निकालकर ताकत का भी अहसास करा दिया था। दोनों नेताओं के बगावती स्वर थामने के लिए भाजपा शीर्ष नेतृत्व सक्रिय हो गया था। कई नेताओं से बातचीत के बाद विनय रोहेला को मनाने में प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू कामयाब हो गए थे, लेकिन सीमा चौहान को पार्टी नहीं मना सकी। निर्दलीय प्रत्याशी सीमा चौहान ने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेताओं ने उनसे संपर्क साधा था, लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ने के फैसले पर अडिग रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोगों ने भी उनसे संपर्क साधा था। हालांकि उन्होंने संपर्क साधने वाले भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के नाम बताने से इनकार कर दिया।