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शहीद पति के सपनों को पूरा करने में जुटीं भगवती देवी
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Mon, 25 Jul 2016 12:00 AM IST
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पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
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कारगिल युद्ध में शहीद पदमराम कन्याल की पत्नी भगवती कन्याल अपने पति के सपनों को साकार करने में बखूबी से जुटी हैं। शहीद पति की ओर से संजोए गए बच्चों को शिक्षित करने समेत कई सपनों को साकार करने के लिए उन्होंने सरकारी मदद का भी बखूबी से उपयोग किया।
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कारगिल युद्ध के दौरान 19 जून 1999 को 18 वीं गढ़वाल राइफल्स में तैनात कुंडेश्वरी की हिमालयन कॉलोनी निवासी पदमराम कन्याल शहीद हो गए थे। द्रास सेक्टर में तैनात पदमराम कन्याल पर 19 जून 1999 को ऊंची पहाड़ियों में छिपे पाकि स्तानी सैनिकों ने हमला कर दिया। चारों तरफ से दुश्मन से घिरे पदमराम कन्याल और उनके साथी सैनिक दुश्मनों से मुकाबला करते हुए शहीद हो गए।
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पदमराम के शहीद होने पर उनके एक पुत्र और तीन पुत्रियों की पढ़ाई, लिखाई और परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उनकी पत्नी भगवती देवी कन्याल पर आ गई है। तब ये तीनों बच्चे काफी छोटे थे।
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पति के शहीद होने के बाद भगवती देवी कन्याल अपने पति के सपनों को साकार करने में जुट गई। यहीं से भगवती देवी के जीवन का संघर्ष शुरू हो गया। सरकार ने जो मदद की उसने बखूबी उसको मैनेज किया। अपने बच्चों को पढ़ाया लिखाया। उन्होंने दो पुत्रियों का पढ़ाई पूरी करने बाद विवाह कर दिया है। पुत्र पेट्रोल पंप का काम देख रहा है। एक पुत्री अभी पढ़ाई कर रही है। भगवती देवी ने बताया कि मूलरूप से उनका घर जिला चमोली के गैरसैंण में है। बच्चों के पढ़ाई की उचित व्यवस्था के लिए उनके पति शहीद पदमराम ने कुंडेश्वरी में घर बनाया। उनका सपना बच्चों को अच्छी शिक्षा देना था।
उन्होंने बताया कि शहीद पति के सपनों साकार करने के लिए उन्होंने बच्चों की पढ़ाई नहीं छूटने दी। सरकार ने जो वायदे किये थे वह पूरे किए, केवल जमीन नहीं दी। सरकार ने पेट्रोल पंप दिया। जिसे उन्होंने ठाकुरद्वारा मार्ग पर शहीद पदमराम फिलिंग स्टेशन के नाम पर लगाया। भगवती देवी ने कहा कि कई प्रतिष्ठ पेट्रोल पंप मालिकों को एक महिला द्वारा पेट्रोल पंप लगा कर चलाना गवारा नहीं हुआ।
उनके साथ साझे में लगाने के लिए उन पर कई तरह के दबाब डाले गए। उन्हें डराया गया, लेकिन उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार कर पेट्रोल पंप लगाया और चलाया। अब उनके पुत्र विक्की ने पढ़ाई पूरी कर ली है। अब वह पेट्रोल पंप का कारोबार देख रहा है। भगवती देवी ने बताया कि उन्हें उनके ससुर आनंद राम, सास भागा देवी, देवरों का सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहता है।
कारगिल शहीद अमित के परिजनों को मिली सभी सुविधाएं
कारगिल युद्ध में शहीद कुंडेश्वरी निवासी अमित नेगी के परिजनों के अनुसार उनको सरकार की ओर से घोषित सभी सुविधाएं मिल गई हैं। गढ़वाल राइफल्स में तैनात अमित नेगी कारगिल के द्रास सेक्टर में 29 जून को शहीद हुए थे। तब वह अविवाहित थे। इसका एक छोटा भाई सुमित नेगी और एक अविवाहित बहन थी। सुमित नेगी ने पेट्रोल पंप लगाया है। नवीन मंडी समिति जसपुर रोड में लगे इस पेट्रोल पंप में शहीद के नाम का बोर्ड नहीं लगाया गया है। शहीद अमित नेगी के अनुज सुमित नेगी ने बताया कि उनको सरकार द्वारा घोषित सभी सुविधाएं मिल गई हैं।
कच्चा है शहीद के भाई घर का रास्ता
सरकार कारगिल शहीदों के परिजनों को तमाम सुविधाएं देने का दावा करती है। शहीद अमित नेगी के भाई सुमति नेगी का घर का रास्ता पक्का नहीं कर पाई है। शहीद चौक कुुंडेश्वरी के पास केलामोड़ रोड पर स्थित सुमित नेगी का घर पक्की सड़क से मात्र 20-25 मीटर दूरी पर है। यह रास्ता कच्चा है। जिस पर भारी गड्ढा होने से पैदल तक नहीं चला जा सकता है। अभी तक इसमें खड़ंजा नहीं बिछाया जा सका है।
कुंडेश्वरी में शहीद चौक का सुंदरीकरण कार्य चल रहा है। चौक पर कारगिल शहीद पदमराम कन्याल, कारगिल शहीद अमित नेगी की प्रतिमाएं लगाई जाएगी। प्रतिमाएं तैयार हो रही हैं।
-दयानंद सरस्वती एसडीएम काशीपुर।