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बंधक रखे मकान पर बैंक ने लिया कब्जा
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर।
Updated Tue, 17 Oct 2017 12:44 AM IST
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एडीएम (वित्त एवं राजस्व) के आदेश पर सीमेंट के व्यवसाय के लिए बंधक रखे गए मकान पर बैंक ने कब्जा ले लिया है। बैंक अधिकारियों ने मकान पर कब्जा नीलामी में खरीदने वाले व्यक्ति को दे दिया है।
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मोहल्ला लक्ष्मीपुर पट्टी मंझरा निवासी मो. उस्मान ने सीमेंट स्टोर के लिए पीएनबी की ठाकुरद्वारा शाखा से 30 लाख की सीसी लिमिट स्वीकृत कराई थी। इसकी एवज में बैंक में मकान नंबर 152/148 बंधक रखा था। 10 फरवरी 2013 को यह राशि ब्याज समेत 31 लाख 595 रुपये हो गई। बैंक द्वारा नोटिस दिए जाने के बाद भी फर्म स्वामी ने बैंक में राशि जमा नही कराई।
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15 जून 2013 को बैंक ने कब्जा लेने का नोटिस प्रकाशित कराया। 29 अपैल 2015 को बैंक ने उक्त मकान लक्ष्मीपुर पट्टी निवासी अली हसन उर्फ काबुल को नीलामी में बेच दिया। बैंक ने मकान में रह रहे व्यक्ति की बेदखली के लिए सरफेसी अधिनियम की धारा-14 के तहत परिवाद दायर किया। मामले की सुनवाई करते हुए एडीएम (वित्त एवं राजस्व) प्रताप सिंह शाह ने नौ अक्तूबर को बैंक के पक्ष में फैसला दे दिया। इसमें तहसीलदार काशीपुर को मकान पर कब्जा दिलाने के निर्देश दिए गए। वर्तमान में इस मकान में मोहल्ला काजीबाग निवासी शाहिद चीमा सपरिवार रह रहा था। पीएनबी के अधिकारी सोमवार को नायब तहसीलदार जनार्दन प्रसाद गौड़ और पुलिस लेकर मकान पर कब्जा लेने पहुंचे। बांसफोड़ान चौकी प्रभारी जयपाल सिंह व मौ. अकरम ने मकान खाली करवाकर बैंक अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया। बैंक की मुरादाबाद शाखा के मुख्य प्रबंधक एके सिंह ने मकान को खाली कराकर अली हसन को सपुर्द कर दिया।
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