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Udham Singh Nagar News: पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग के लिए गरजे बैंककर्मी
Sat, 12 Sep 2026 12:42 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sat, 12 Sep 2026 12:42 AM IST
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खटीमा स्थित एसबीआई शाखा के बाहर प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी
रुद्रपुर। पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत विभिन्न मांगों के लिए यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर रुद्रपुर में बैंक कर्मी हड़ताल पर रहे। इस दौरान शहर की बैंक शाखाओं पर ताले लटके रहे और सैकड़ों कर्मचारियों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। कामकाज ठप रहने से बैंकिंग कार्यों के लिए पहुंचे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शुक्रवार सुबह 10 बजे कर्मचारी पीएनबी की मुख्य शाखा के सामने एकत्र हुए और सभा के बाद शहर के प्रमुख बैंकिंग क्षेत्रों में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। हाथों में बैनर और मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद जुलूस के रूप में विभिन्न बैंक शाखाओं के सामने पहुंचकर प्रदर्शन किया।
वक्ताओं ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव पहले ही स्वीकृत हो चुका है लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने सभी बैंककर्मियों के लिए बिना भेदभाव प्रॉफिट लिंक्ड इन्सेंटिव (पीएलआई) लागू करने, कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़े लंबित समझौतों को लागू करने तथा यूनियन एवं प्रबंधन के बीच होने वाली वार्ता के लिए समय-सीमा तय करने की मांग उठाई।
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वक्ताओं ने कहा कि बैंक प्रबंधन स्तर पर लंबित मुद्दों के समाधान के लिए वार्ता की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में नकद जमा-निकासी, चेक संबंधी कार्य और अन्य नियमित बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। जरूरी बैंकिंग कार्य के लिए शाखाओं पर पहुंचे ग्राहकों को परेशानी हुई। हालांकि, एटीएम और डिजिटल बैंकिंग की सेवाएं जारी रहीं। प्रदर्शन के दौरान गिरीश चंद्र जोशी, तुलाराम, मोहन जोशी, समीर राय, एनसी महाजन, शंकर चक्रवर्ती, विकास शर्मा, एफएस बिष्ट और मनोहर जंगपांगी समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
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जिले में करीब चार सौ करोड़ का लेन-देन हुआ प्रभावित
बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर ऊधमसिंह नगर की बैंकिंग व्यवस्था पर भी पड़ा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के क्षेत्रीय सचिव विकास कुमार ने बताया कि शुक्रवार को जिलेभर में बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज ठप रहने से करीब चार सौ करोड़ रुपये के बैंकिंग कारोबार के प्रभावित हुआ। नकद जमा-निकासी, चेक क्लियरेंस समेत शाखाओं से जुड़े कई जरूरी कार्य नहीं हो सके।
कोट
अपनी मांगों के लिए बैंक अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल पर रहे। अगर सरकार ने समय रहते मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो सितंबर के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल के बाद अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। - विकास कुमार, क्षेत्रीय सचिव, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस
फोटो11आरडीपी 07पी- रुद्रपुर के नैनीताल रोड पर प्रदर्शन करते बैंक कर्मी। संवाद
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काशीपुर में एमपी चौक पर गरजे कर्मचारी
काशीपुर। विभिन्न बैंकों के कर्मचारी महाराणा प्रताप चौक स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए और सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। सभा का संचालन सहायक महामंत्री स्वतंत्र कुमार मेहरोत्रा ने किया। वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं और सरकार लगातार नजरअंदाज कर रही है जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हड़ताल में पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक, केनरा बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन बैंक, नैनीताल बैंक, स्टेट बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, आंध्रा बैंक, पूर्वांचल बैंक और बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारी शामिल रहे। वहां फोरम के काशीपुर क्षेत्र के उपाध्यक्ष ललित कुमार तिवारी, सत्यपाल शर्मा, संयोजक उपमंत्री अर्पित सिंह, संगठन मंत्री रोबिन कुमार, गिरीश पोखरियाल, मंत्री मयंक राणा, शमशाद नवाज, केनरा बैंक से अमित कुमार, सुशील चौधरी, सचिन कुमार, मोनिका पाठक, देव सिंह, हरिओम आदि रहे।
-- खटीमा में भी मांगों के समर्थन में निकाला गया जुलूस
खटीमा। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था समेत अन्य मांगों के लिए शुक्रवार को बैंक कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। सितारगंज मार्ग स्थित एसबीआई बैंक शाखा के बाहर एकत्र बैंक कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन में एलआईसी कार्यालय तक जुलूस निकाला।
उन्होंने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था तत्काल लागू करने, पीएलआई योजना को वापस लेने, 11वीं व 12वीं द्विपक्षीय समझौते को लागू करने, पुरानी पेंशन बहाल करने, बैंक कर्मियों के लंबित मुद्दों का समाधान करने और कर्मचारी हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। वहां पर खीमानंद पांडेय, पवन प्रभाकर, अजय कुमार, हीरानाथ गोस्वामी, चेतन राना, कैलाश चंद, भूपेंद्र चंद, सुरेश चंद, सुरेश सिंह, धर्मेंद्र नेगी, मनोहर आदि थे। संवाद
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शुक्रवार सुबह 10 बजे कर्मचारी पीएनबी की मुख्य शाखा के सामने एकत्र हुए और सभा के बाद शहर के प्रमुख बैंकिंग क्षेत्रों में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। हाथों में बैनर और मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद जुलूस के रूप में विभिन्न बैंक शाखाओं के सामने पहुंचकर प्रदर्शन किया।
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वक्ताओं ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव पहले ही स्वीकृत हो चुका है लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने सभी बैंककर्मियों के लिए बिना भेदभाव प्रॉफिट लिंक्ड इन्सेंटिव (पीएलआई) लागू करने, कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़े लंबित समझौतों को लागू करने तथा यूनियन एवं प्रबंधन के बीच होने वाली वार्ता के लिए समय-सीमा तय करने की मांग उठाई।
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वक्ताओं ने कहा कि बैंक प्रबंधन स्तर पर लंबित मुद्दों के समाधान के लिए वार्ता की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में नकद जमा-निकासी, चेक संबंधी कार्य और अन्य नियमित बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। जरूरी बैंकिंग कार्य के लिए शाखाओं पर पहुंचे ग्राहकों को परेशानी हुई। हालांकि, एटीएम और डिजिटल बैंकिंग की सेवाएं जारी रहीं। प्रदर्शन के दौरान गिरीश चंद्र जोशी, तुलाराम, मोहन जोशी, समीर राय, एनसी महाजन, शंकर चक्रवर्ती, विकास शर्मा, एफएस बिष्ट और मनोहर जंगपांगी समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
जिले में करीब चार सौ करोड़ का लेन-देन हुआ प्रभावित
बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर ऊधमसिंह नगर की बैंकिंग व्यवस्था पर भी पड़ा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के क्षेत्रीय सचिव विकास कुमार ने बताया कि शुक्रवार को जिलेभर में बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज ठप रहने से करीब चार सौ करोड़ रुपये के बैंकिंग कारोबार के प्रभावित हुआ। नकद जमा-निकासी, चेक क्लियरेंस समेत शाखाओं से जुड़े कई जरूरी कार्य नहीं हो सके।
कोट
अपनी मांगों के लिए बैंक अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल पर रहे। अगर सरकार ने समय रहते मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो सितंबर के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल के बाद अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। - विकास कुमार, क्षेत्रीय सचिव, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस
फोटो11आरडीपी 07पी- रुद्रपुर के नैनीताल रोड पर प्रदर्शन करते बैंक कर्मी। संवाद
काशीपुर में एमपी चौक पर गरजे कर्मचारी
काशीपुर। विभिन्न बैंकों के कर्मचारी महाराणा प्रताप चौक स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए और सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। सभा का संचालन सहायक महामंत्री स्वतंत्र कुमार मेहरोत्रा ने किया। वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं और सरकार लगातार नजरअंदाज कर रही है जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हड़ताल में पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक, केनरा बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन बैंक, नैनीताल बैंक, स्टेट बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, आंध्रा बैंक, पूर्वांचल बैंक और बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारी शामिल रहे। वहां फोरम के काशीपुर क्षेत्र के उपाध्यक्ष ललित कुमार तिवारी, सत्यपाल शर्मा, संयोजक उपमंत्री अर्पित सिंह, संगठन मंत्री रोबिन कुमार, गिरीश पोखरियाल, मंत्री मयंक राणा, शमशाद नवाज, केनरा बैंक से अमित कुमार, सुशील चौधरी, सचिन कुमार, मोनिका पाठक, देव सिंह, हरिओम आदि रहे।
खटीमा। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था समेत अन्य मांगों के लिए शुक्रवार को बैंक कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। सितारगंज मार्ग स्थित एसबीआई बैंक शाखा के बाहर एकत्र बैंक कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन में एलआईसी कार्यालय तक जुलूस निकाला।
उन्होंने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था तत्काल लागू करने, पीएलआई योजना को वापस लेने, 11वीं व 12वीं द्विपक्षीय समझौते को लागू करने, पुरानी पेंशन बहाल करने, बैंक कर्मियों के लंबित मुद्दों का समाधान करने और कर्मचारी हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। वहां पर खीमानंद पांडेय, पवन प्रभाकर, अजय कुमार, हीरानाथ गोस्वामी, चेतन राना, कैलाश चंद, भूपेंद्र चंद, सुरेश चंद, सुरेश सिंह, धर्मेंद्र नेगी, मनोहर आदि थे। संवाद