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बांग्ला नववर्ष पर मातृभाषा को बढ़ावा देने का संकल्प
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शक्तिफार्म में बांग्ला पत्रिका भाषा चेतना का विमोचन करते प्रबुद्ध लोग।
- फोटो : SITARGANJ
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शक्तिफार्म। बांग्ला संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेते हुए समुदाय के प्रबुद्ध लोगों ने बर्हिबंग बांग्ला भाषा संस्कृति परिषद की अगुवाई में बांग्ला नव वर्ष 1428 हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस दौरान बांग्ला साहित्यिक पत्रिका भाषा चेतना का विमोचन किया गया।
अरविंदनगर में बांग्ला मातृभाषा और संस्कृति विषय पर बुद्धिजीवियों ने विस्तार से चर्चा परिचर्चा की। प्रबुद्ध लोगों ने गांव-गांव पहुंच लोगों को अंधविश्वास से दूर रहकर समाज एवं संस्कृति को बढ़ावा देने पर बल दिया। इस दौरान बांग्ला भाषा में प्रकाशित साहित्यिक पत्रिका भाषा चेतना का विमोचन किया गया। निर्णय लिया गया कि समिति के माध्यम से सप्ताह में एक दिन किसी गांव पहुंच लोगों को अंधविश्वास से दूर रहने के लिए जागरूक करने के साथ-साथ मातृभाषा एवं बांग्ला संस्कृति को बढ़ावा दिए जाने का अभियान चलाया जाएगा।
इसके लिए बर्हिबंग बांग्ला भाषा संस्कृति परिषद की ओर से एक क्षेत्रीय समिति का गठन किया गया। इसमें सर्वसम्मति से बिजन राय अध्यक्ष, सब्यसाची हालदार उपाध्यक्ष, बिप्लब माझी सचिव, इंद्रजीत मंडल उपसचिव, राजकुमार मजूमदार कोषाध्यक्ष, रंजीत ढाली निदेशक, श्रीकांत राय मीडिया प्रभारी एवं सलाहकार परिषद में उत्तम आचार्य, सुबल विश्वास, सुकांत ब्रह्म, तुषारकांत रॉय, प्रियजीत रॉय, मनोनीत किए गए। संचालन भवतोष आचार्य एवं प्रताप दत्ता ने किया। वहां प्रादेशिक बंगाली कल्याण समिति के उपाध्यक्ष संजय बाछाड़, अमूल्य आचार्य, नकुल कीर्तिनुया आदि थे।
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अरविंदनगर में बांग्ला मातृभाषा और संस्कृति विषय पर बुद्धिजीवियों ने विस्तार से चर्चा परिचर्चा की। प्रबुद्ध लोगों ने गांव-गांव पहुंच लोगों को अंधविश्वास से दूर रहकर समाज एवं संस्कृति को बढ़ावा देने पर बल दिया। इस दौरान बांग्ला भाषा में प्रकाशित साहित्यिक पत्रिका भाषा चेतना का विमोचन किया गया। निर्णय लिया गया कि समिति के माध्यम से सप्ताह में एक दिन किसी गांव पहुंच लोगों को अंधविश्वास से दूर रहने के लिए जागरूक करने के साथ-साथ मातृभाषा एवं बांग्ला संस्कृति को बढ़ावा दिए जाने का अभियान चलाया जाएगा।
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इसके लिए बर्हिबंग बांग्ला भाषा संस्कृति परिषद की ओर से एक क्षेत्रीय समिति का गठन किया गया। इसमें सर्वसम्मति से बिजन राय अध्यक्ष, सब्यसाची हालदार उपाध्यक्ष, बिप्लब माझी सचिव, इंद्रजीत मंडल उपसचिव, राजकुमार मजूमदार कोषाध्यक्ष, रंजीत ढाली निदेशक, श्रीकांत राय मीडिया प्रभारी एवं सलाहकार परिषद में उत्तम आचार्य, सुबल विश्वास, सुकांत ब्रह्म, तुषारकांत रॉय, प्रियजीत रॉय, मनोनीत किए गए। संचालन भवतोष आचार्य एवं प्रताप दत्ता ने किया। वहां प्रादेशिक बंगाली कल्याण समिति के उपाध्यक्ष संजय बाछाड़, अमूल्य आचार्य, नकुल कीर्तिनुया आदि थे।
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