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मंगलवार सुबह चैती मंदिर पहुंचेगी भगवती बाल सुंदरी
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काशीपुर चैती मंदिर गेट पर लोगों को सेनिटाइज करता निगम कर्मचारी।
- फोटो : KASHIPUR
काशीपुर। कोराना संक्रमण के चलते प्रशासन ने चैती मेला स्थगित किया है लेकिन परंपरा के अनुसार भगवती की प्रतिमा को पूजन के लिए पक्काकोट से चैती मंदिर में लाया जाएगा। मंगलवार को भगवती चैती मंदिर पहुंचेगी लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण पिछले साल की तरह इस साल भी डोला नहीं निकलेगा।
मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री ने बताया कि रात 12 बजे के बाद भगवती की पूजा शुरू की जाएगी। पुजारी दयाशंकर जोशी, प्रधान पंडा वंश गोपाल, सहायक प्रधान पंडा मनोज अग्निहोत्री, पंडा कृष्ण गोपाल, विवेक अग्निहोत्री, शिवा अग्निहोत्री, शक्ति और संदीप अग्निहोत्री देवी की पूजा करेंगे। मंत्रोच्चारण के बाद बकरे की बली के प्रतीक रूप में नारियल की बली दी जाएगी फिर पूर्ण आहुति के बाद देवी की आरती शुरू होगी।
आरती के बाद सहायक प्रधान पंडा मनोज अग्निहोत्री देवी की प्रतिमा को पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए वाहन में रखेंगे। रात्रि लॉकडाउन के कारण डोला नहीं निकाला जाएगा। देवी सुबह चार बजे पक्का कोट से चैती मंदिर पहुंचेगी पूजन के बाद देवी को मंदिर में स्थापित किया जाएगा। 20 अप्रैल की सुबह 05 बजकर 05 मिनट पर देवी दर्शन के लिए मंदिर के कपाट खोले जाऐंगे। रात में 08 बजकर 45 मिनट पर कपाट बंद हो जाऐंगे। पंडा परिवार ने दर्शन को आने वाले भक्तों से कोविड नियमों का पालन करने की अपील की है।
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मेला अधिकारी ने किया मेला क्षेत्र का निरीक्षण
काशीपुर। मेला अधिकारी/ एसडीएम गौरव कुमार ने भी सोमवार को मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें वहां अवैध रूप से लगाई गई कोई दुकान नहीं मिली। उन्होंने पंडाओं से अपील की है कि वह सभी लोगों से सख्ती के साथ कोविड नियमों का पालन कराऐं। मेले में प्रसाद की 25 दुकानें लगाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक दुकानदार से पांच हजार रुपये का शुल्क लिया जाएगा।
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मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री ने बताया कि रात 12 बजे के बाद भगवती की पूजा शुरू की जाएगी। पुजारी दयाशंकर जोशी, प्रधान पंडा वंश गोपाल, सहायक प्रधान पंडा मनोज अग्निहोत्री, पंडा कृष्ण गोपाल, विवेक अग्निहोत्री, शिवा अग्निहोत्री, शक्ति और संदीप अग्निहोत्री देवी की पूजा करेंगे। मंत्रोच्चारण के बाद बकरे की बली के प्रतीक रूप में नारियल की बली दी जाएगी फिर पूर्ण आहुति के बाद देवी की आरती शुरू होगी।
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आरती के बाद सहायक प्रधान पंडा मनोज अग्निहोत्री देवी की प्रतिमा को पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए वाहन में रखेंगे। रात्रि लॉकडाउन के कारण डोला नहीं निकाला जाएगा। देवी सुबह चार बजे पक्का कोट से चैती मंदिर पहुंचेगी पूजन के बाद देवी को मंदिर में स्थापित किया जाएगा। 20 अप्रैल की सुबह 05 बजकर 05 मिनट पर देवी दर्शन के लिए मंदिर के कपाट खोले जाऐंगे। रात में 08 बजकर 45 मिनट पर कपाट बंद हो जाऐंगे। पंडा परिवार ने दर्शन को आने वाले भक्तों से कोविड नियमों का पालन करने की अपील की है।
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मेला अधिकारी ने किया मेला क्षेत्र का निरीक्षण
काशीपुर। मेला अधिकारी/ एसडीएम गौरव कुमार ने भी सोमवार को मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें वहां अवैध रूप से लगाई गई कोई दुकान नहीं मिली। उन्होंने पंडाओं से अपील की है कि वह सभी लोगों से सख्ती के साथ कोविड नियमों का पालन कराऐं। मेले में प्रसाद की 25 दुकानें लगाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक दुकानदार से पांच हजार रुपये का शुल्क लिया जाएगा।