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बैगुल नदी उफनाई, 250 घरों में घुसा बाढ़ का पानी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 11 Aug 2020 12:10 AM IST
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Bagul river buries, flood water enters 250 homes
सितारगंज अरविंदनगर गांव में घुसा बरसात का पानी। - फोटो : SITARGANJ
सितारगंज। क्षेत्र और पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश से बैगुल नदी उफान पर आ गई। नदी का पानी अरविंदनगर सात और आठ नंबर गांवों में घुस गया। बाढ़ से करीब 250 परिवार प्रभावित हो गए हैं। कई परिवारों ने घरों को छोड़कर रिश्तेदारों के घरों पर पनाह ली है तो कई लोग अपने घरों में ही मचान बनाकर रह रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से बाढ़ की रोकथाम के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं और न ही अभी तक किसी भी अधिकारी या कर्मचारी ने उनकी सुध ली।
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नगर से करीब चार किमी दूर स्थित अरविंदनगर सात और आठ नंबर गांव में रविवार रात को उफनाई बैगुल नदी का पानी घुस गया। इससे गांव के लोगों में दहशत फैल गई और लोग घरों से निकलकर रिश्तेदारों के घरों को निकल पड़े। गांव के करीब ढाई सौ घर पानी से जलमग्न हो गए हैं। इनमें रंजनपाल, देवानंद राणा, विमल वासु, अमल बैरागी, चितरंजन व्यापारी, पंकज मंडल, देवलाल हालदार, रवि बाला, मोती बाला, धीरेंद्र महालदार आदि के घरों में अत्यधिक पानी घुसने से ग्रामीणों ने नाव की मदद से सभी को बाहर निकाला।
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ग्रामीण रंजीत पाल ने बताया कि बैगुल नदी को नगर के पीछे श्मशान घाट से चैनलाइज कर जलपनिया नाले से जोड़ दिया गया है। इससे बारिश में जलपनिया नाले के मुहाने पर सिल्ट भरने से नदी ओवरफ्लो हो रही है। बताया कि एक महीने पहले भी नदी की बाढ़ से करीब 107 परिवार प्रभावित हुए थे। लेखपाल ने सर्वे भी किया था लेकिन अभी तक किसी भी परिवार को मुआवजा नहीं दिया गया। कहा कि बाढ़ से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। उन्होंने डीएम रंजना राजगुरु से बाढ़ सुरक्षा के कार्य कराने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिलाने की मांग की।
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नदियों को चैनलाइज करने के लिए फरवरी में खुली नीलामी की कार्यवाही की गई लेकिन 35 मेें से सिर्फ पांच स्थानों पर रिवर ट्रेनिंग मद के तहत मिट्टी खुदान की नीलामी हुई। इस वजह से सिल्ट नहीं हट सकी और रिवर ट्रेनिंग का कार्य नहीं हो पाया। आकस्मिक बाढ़ आपदा में बजट न आने की वजह कार्य नहीं कराए जा रहे हैं। इससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो रही है। - बीसी नैनवाल, एसडीओ सिंचाई विभाग।
जान जोखिम में डालकर फैक्टरियां जा रहे कामगार
सितारगंज। बरसात के दिनों में जेलकैंप के पास सूखी नदी का जलस्तर बढ़ने से शक्तिफार्म से सिडकुल आने वाले कामगार जान जोखिम में डालकर फैक्टरी पहुंच रहे हैं। सोमवार को शक्तिफार्म से सैकड़ों कामगार सूखी नदी पार कर फैक्टरी पहुंचे। नदी पर पुल न बनने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले वर्ष बरसात में सूखी नदी के उफनाने से नदी पार कर रहे गोविंदनगर के युवक की डूबने से मौत हो चुकी है। नदी पर बनने वाले पुल का निर्माण अधूरा पड़ा है। इससे ग्रामीणों में रोष है।

खटीमा में बढ़ा नदी-नालों का जलस्तर
खटीमा। क्षेत्र में लगातार तीसरे दिन भी बारिश हुई। सुबह आठ बजे तक जहां पांच एमएम बारिश दर्ज हुई, वहीं इसके बाद दोपहर तक तेज बारिश हुई। जगह-जगह हल्का जलभराव होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सिंचाई विभाग के अनुसार जगबूड़ा नदी का जलस्तर 1570 क्यूसेक और परवीन नदी 1460 क्यूसेक रहा। सुबह से दोपहर बाद तक हुई बारिश से नदी-नालों के जलस्तर में हल्की बढ़ोतरी दर्ज हुई।

सितारगंज अरविंदनगर गांव में एक घर के भीतर बनाए गए मचान पर रखा सामान।

सितारगंज अरविंदनगर गांव में एक घर के भीतर बनाए गए मचान पर रखा सामान।- फोटो : SITARGANJ

जोखिम: सितारगंज सूखी नदी पार कर फैक्ट्री में काम करने जाते कामगार।

जोखिम: सितारगंज सूखी नदी पार कर फैक्ट्री में काम करने जाते कामगार।- फोटो : SITARGANJ

सितारगंज अरविंदनगर गांव में घरों से सुरक्षित स्थान को नाव से जाते ग्रामीण।

सितारगंज अरविंदनगर गांव में घरों से सुरक्षित स्थान को नाव से जाते ग्रामीण।- फोटो : SITARGANJ

सितारगंज अरविंदनगर गांव में घरों में घुसा बैगुल नदी की बाढ़ का पानी।

सितारगंज अरविंदनगर गांव में घरों में घुसा बैगुल नदी की बाढ़ का पानी।- फोटो : SITARGANJ

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