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अरब देशों तक पहुंची तराई के अमरूद की मिठास
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/ रुद्रपुर।
Updated Thu, 03 Sep 2015 01:11 AM IST
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तराई की बासमती पहले से ही विदेशों में अपनी खुशबू बिखेर रही है, अब यहां के अमरूद की मिठास भी अरब देशों तक पहुंच रही है। अरब देशों से तराई के अमरूद की मांग बढ़ी है।
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काशीपुर के कुंडेश्वरी में सबसे अधिक अमरूद के बाग हैं। यहां के अमरूद लखनऊ-49 और इलाहाबाद की वैरायटी की मांग विदेशों में ज्यादा है।
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हालांकि अन्य वैरायटियों में इलाहाबाद की वैरायटी अच्छा मुनाफा दे रही है। पंतनगर के पत्थरचट्टा में सफेदा, ललित और लाल सुरखा किस्म के बाग बहुतायत में हैं। इनमें लाल सुरखा की मांग बढ़ी है।
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किच्छा में भी काफी मात्रा में अमरूद के बाग हैं, जो अच्छा मुनाफा दे रहे हैं। जिला उद्यान अधिकारी रतन सिंह ने बताया कि तराई के अमरूद में मिठास का सबसे बड़ा कारण यहां की जमीन की अनुकूलता है।
यहां की मिट्टी और पानी अमरूद के लिए सबसे अच्छा है। उन्होंने बताया कि विभिन्न प्रदेशों के साथ-साथ अब यहां के अमरूद की मांग विदेशों में भी होने लगी है, इसलिए अमरूद के बाग ज्यादा से ज्यादा लगने लगे हैं।