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आयुष्मान घोटाले में अली नर्सिंग होम के संचालक पर धोखाधड़ी का केस
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काशीपुर। अटल आयुष्मान योजना में अनियमितताएं बरतने पर अल्ली खां स्थित अली नर्सिंग होम के संचालक डॉ. अली अकबर समेत अन्य अस्पताल कर्मियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
अटल आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध अली नर्सिंग होम के खिलाफ शिकायत की जांच अप्रैल 2019 में हुई थी। जांच में पाया गया कि अस्पताल में कुल 72 मरीजों में से मात्र 13 मरीजों का ही रेफरल लिया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केलाखेड़ा में कोई भी डॉक्टर तैनात न होने के बावजूद वहां के मेडिकल ऑफिसर की मुहर से 12 मरीजों को रेफर किया गया। इसमें से छह केस ऐसे पाए गए जिनकी भर्ती के दौरान या एक सप्ताह पहले तक कोई जांच नहीं की गई थी। यहां 72 में से 44 मरीजों का इलाज सिर्फ दो पैकेज में किया गया। यहां तक कि 72 में से 64 मरीजों की डिस्चार्ज समरी एक ही तरीके से बनाई गई थी। डिस्चार्ज समरी में जिस डॉक्टर के हस्ताक्षर हैं, उसका नाम अस्पताल के पुराने रिकार्ड में होना नहीं पाया गया। जांच के बाद एक जून 2019 को अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। अस्पताल के संचालक डॉ. मोहम्मद अकबर ने 17 जून को नोटिस का जवाब दिया।
नोटिस का जवाब संतोषजनक न होने पर 26 जुलाई को अटल आयुष्मान योजना में अली नर्सिंग होम की सूचीबद्धता समाप्त कर दी गई। साथ ही अस्पताल को चार लाख 78 हजार 800 रुपये राज्य स्वास्थ्य अभिकरण को वापस करने के आदेश दिए गए थे। अटल आयुष्मान उत्तराखंड के अधिशासी सहायक धनेश चंद्र की तहरीर पर पुलिस ने अस्पताल संचालक डॉ. मोहम्मद अकबर अली और अन्य के खिलाफ धारा 420, 467, 468 व 471 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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अटल आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध अली नर्सिंग होम के खिलाफ शिकायत की जांच अप्रैल 2019 में हुई थी। जांच में पाया गया कि अस्पताल में कुल 72 मरीजों में से मात्र 13 मरीजों का ही रेफरल लिया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केलाखेड़ा में कोई भी डॉक्टर तैनात न होने के बावजूद वहां के मेडिकल ऑफिसर की मुहर से 12 मरीजों को रेफर किया गया। इसमें से छह केस ऐसे पाए गए जिनकी भर्ती के दौरान या एक सप्ताह पहले तक कोई जांच नहीं की गई थी। यहां 72 में से 44 मरीजों का इलाज सिर्फ दो पैकेज में किया गया। यहां तक कि 72 में से 64 मरीजों की डिस्चार्ज समरी एक ही तरीके से बनाई गई थी। डिस्चार्ज समरी में जिस डॉक्टर के हस्ताक्षर हैं, उसका नाम अस्पताल के पुराने रिकार्ड में होना नहीं पाया गया। जांच के बाद एक जून 2019 को अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। अस्पताल के संचालक डॉ. मोहम्मद अकबर ने 17 जून को नोटिस का जवाब दिया।
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नोटिस का जवाब संतोषजनक न होने पर 26 जुलाई को अटल आयुष्मान योजना में अली नर्सिंग होम की सूचीबद्धता समाप्त कर दी गई। साथ ही अस्पताल को चार लाख 78 हजार 800 रुपये राज्य स्वास्थ्य अभिकरण को वापस करने के आदेश दिए गए थे। अटल आयुष्मान उत्तराखंड के अधिशासी सहायक धनेश चंद्र की तहरीर पर पुलिस ने अस्पताल संचालक डॉ. मोहम्मद अकबर अली और अन्य के खिलाफ धारा 420, 467, 468 व 471 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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