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खेती के साथ मशरूम उत्पादन से बढ़ा सकते हैं आय
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प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते वैज्ञानिक।
- फोटो : RUDRAPUR
जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशालय की प्रशिक्षण इकाई की ओर से मशरूम उत्पादन पर कोविड-19 के बाद पहला ऑफलाइन कौशल दक्षता प्रशिक्षण बृहस्पतिवार को आयोजित हुआ। चार दिवसीय कार्यक्रम में उत्तराखंड सहित उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के 19 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया।
समापन समारोह में निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि किसान खेती के साथ मशरूम उत्पादन और अन्य विविधीकरण तरीके जैसे मधुमक्खी पालन, पशुपालन एवं बकरी पालन को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। प्रभारी प्रशिक्षण एवं निदेशक संचार डॉ. एसके बंसल ने कहा कि किसान मशरूम उत्पादन को एक व्यवसाय के रूप में अपनाकर कृषि के साथ अतिरिक्त लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
मशरूम उत्पादन एवं प्रशिक्षण केंद्र के संयुक्त निदेशक डॉ. केपीएस कुशवाहा ने मशरूम के पोषकीय व औषधीय महत्व, गुणवत्ता मानक के बारे में प्रशिक्षणार्थियों को जानकारी दी। कार्यक्रम में मशरूम उत्पादन की विभिन्न प्रजातियों, रोग एवं कीट नियंत्रण, स्पॉनिंग, मशरूम गृह का आकार-प्रकार एवं आवरण मृदा की तैयारी, शोधन एवं प्रयोग की जानकारी दी गई। डॉ. एसके मिश्रा, डॉ. गीता शर्मा, डॉ. रेनू सिंह, डॉ. सत्य कुमार, सर्वेश कुमार और डॉ. अरुण कुशवाहा ने जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन विषयवस्तु विशेषज्ञ डॉ. मोहन सिंह एवं प्रशिक्षण सहायक डी. शर्मा ने किया। संवाद
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समापन समारोह में निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि किसान खेती के साथ मशरूम उत्पादन और अन्य विविधीकरण तरीके जैसे मधुमक्खी पालन, पशुपालन एवं बकरी पालन को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। प्रभारी प्रशिक्षण एवं निदेशक संचार डॉ. एसके बंसल ने कहा कि किसान मशरूम उत्पादन को एक व्यवसाय के रूप में अपनाकर कृषि के साथ अतिरिक्त लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
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मशरूम उत्पादन एवं प्रशिक्षण केंद्र के संयुक्त निदेशक डॉ. केपीएस कुशवाहा ने मशरूम के पोषकीय व औषधीय महत्व, गुणवत्ता मानक के बारे में प्रशिक्षणार्थियों को जानकारी दी। कार्यक्रम में मशरूम उत्पादन की विभिन्न प्रजातियों, रोग एवं कीट नियंत्रण, स्पॉनिंग, मशरूम गृह का आकार-प्रकार एवं आवरण मृदा की तैयारी, शोधन एवं प्रयोग की जानकारी दी गई। डॉ. एसके मिश्रा, डॉ. गीता शर्मा, डॉ. रेनू सिंह, डॉ. सत्य कुमार, सर्वेश कुमार और डॉ. अरुण कुशवाहा ने जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन विषयवस्तु विशेषज्ञ डॉ. मोहन सिंह एवं प्रशिक्षण सहायक डी. शर्मा ने किया। संवाद
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