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तालाब पर बने भवनों पर चला प्रशासन का बुलडोजर
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जसपुर में अतिक्रमण हटाता बुलडोजर। संवाद
- फोटो : KASHIPUR
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जसपुर। रामनगर वन गांव में सरकारी तालाब से अवैध कब्जे हटाने के लिए प्रशासन ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। तालाब पर बने अवैध भवनों को खाली कराकर महिलाओं के मामूली विरोध के बीच प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। इस दौरान 14 मकान व पशुशाला ढहाई गईं। नोटिस देने के बाद भी अतिक्रमणकारियों ने स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाया। जिसके चलते प्रशासन ने बुलडोजर का प्रयोग किया।
तहसील क्षेत्र में 43.303 हेक्टेयर भूमि पर 165 तालाब हैं। 36 तालाबों पर ग्रामीणों ने भवन, पशुशाला बनाकर और तालाबों को समतल कर खेतों में मिलाकर अतिक्रमण कर रखा है। उच्चन्यायालय ने प्रशासन को तालाबों से अतिक्रमण हटाकर उन्हें मूल रूप में स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। तहसील प्रशासन ने ग्राम प्रधानों और अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर 10 दिन के अंदर अतिक्रमण हटाए जाने का नोटिस दिया था। नोटिस की अवधि पूरी होने पर प्रशासन ने अतिक्रमण हटाए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
बुधवार को एसडीएम सीमा विश्वकर्मा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में रामनगर वन गांव में तालाब पर बने मकानों, पशुशाला को खाली कराकर बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया गया। प्रशासन की ओर से इस गांव में मोहम्मद उमर, नबी हसन, शाकिर हुसैन, साबिर, गुल हसन, रईस अहमद, मोहम्मद कमर, रियासत हुसैन, आशिक हुसैन, जाकिर अहमद, मोहम्मद अयूब, फरियाद, सुखवा, सायरा परवीन आदि 14 लोगों को अपना अतिक्रमण हटाए जाने के नोटिस दिए गए थे। नोटिस मिलने के बाद किसी अतिक्रमणकारी ने अपना अतिक्रमण नहीं हटाया था।
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प्रशासन को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करनी पड़ी। इस कार्रवाई से गांव में खलबली मची हुई है। इस अवसर पर एसडीएम सीमा विश्वकर्मा, तहसीलदार राजेश कुमार, कोतवाल धीरेंद्र कुमार, रजिस्टार कानूनगो हेमराज सिंह चौहान, मोहम्मद राशिद आदि मौजूद थे। एसडीएम के मुताबिक कासमपुर गांव में 45 लोगों को अवैध कब्जे हटाने के नोटिस जारी किए गए हैं। बृहस्पतिवार को कासमपुर गांव में अतिक्रमण चिह्नित कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
बुलडोजर चलते ही रो पड़ी महिलाएं
जसपुर। अपने मकानों पर बुलडोजर चलता देख महिलाएं रोने लगीं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इसके लिए उन्हें कुछ समय और देना चाहिए था ताकि वह अपने परिवार के रहने और पशुओं को बांधने की व्यवस्था कर लेतीं। महिलाएं प्रशासन के अधिकारियों के सामने कुछ दिन का समय और देने के लिए गिड़गिड़ाती रहीं।
लगभग सात बीघा भूमि कराई मुक्त
जसपुर। प्रशासन ने सरकारी तालाब की लगभग सात बीघा जमीन को अतिक्रमणकारियों से खाली कराया है। इस जमीन की कीमत लाखों में बताई जा रही है। रजिस्ट्रार कानूनगो हेमराज सिंह चौहान ने बताया कि रामनगर वन गांव में खसरा नंबर 407 रकवा 0.255 हेक्टेयर, खसरा नंबर 415 रकवा 0.105 हेक्टेयर, खसरा नंबर 409 रकवा 0.057 हेक्टेयर कुल रकबा 0.417 हेक्टेयर में तालाब था। अतिक्रमण हटाकर तालाब की पूरी भूमि खाली करा ली गई है।
नोटिस देने के बाद भी नहीं हटाया था अतिक्रमण
जसपुर। एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने बताया कि रामनगर वन गांव में 14 लोगों को अतिक्रमण हटाने के नोटिस दिए गए थे। मंगलवार को तहसील कर्मी को भेजकर अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर प्रशासन को स्वयं अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करनी पड़ी। अतिक्रमण हटाने में आया खर्च अतिक्रमणकारियों से वसूला जाएगा। अतिक्रमण वाली भूमि पर तालाब बनाए जाएंगे। डीएम से अनुमोदन मिलते ही तालाब का निर्माण कराया जाएगा।
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तहसील क्षेत्र में 43.303 हेक्टेयर भूमि पर 165 तालाब हैं। 36 तालाबों पर ग्रामीणों ने भवन, पशुशाला बनाकर और तालाबों को समतल कर खेतों में मिलाकर अतिक्रमण कर रखा है। उच्चन्यायालय ने प्रशासन को तालाबों से अतिक्रमण हटाकर उन्हें मूल रूप में स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। तहसील प्रशासन ने ग्राम प्रधानों और अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर 10 दिन के अंदर अतिक्रमण हटाए जाने का नोटिस दिया था। नोटिस की अवधि पूरी होने पर प्रशासन ने अतिक्रमण हटाए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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बुधवार को एसडीएम सीमा विश्वकर्मा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में रामनगर वन गांव में तालाब पर बने मकानों, पशुशाला को खाली कराकर बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया गया। प्रशासन की ओर से इस गांव में मोहम्मद उमर, नबी हसन, शाकिर हुसैन, साबिर, गुल हसन, रईस अहमद, मोहम्मद कमर, रियासत हुसैन, आशिक हुसैन, जाकिर अहमद, मोहम्मद अयूब, फरियाद, सुखवा, सायरा परवीन आदि 14 लोगों को अपना अतिक्रमण हटाए जाने के नोटिस दिए गए थे। नोटिस मिलने के बाद किसी अतिक्रमणकारी ने अपना अतिक्रमण नहीं हटाया था।
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प्रशासन को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करनी पड़ी। इस कार्रवाई से गांव में खलबली मची हुई है। इस अवसर पर एसडीएम सीमा विश्वकर्मा, तहसीलदार राजेश कुमार, कोतवाल धीरेंद्र कुमार, रजिस्टार कानूनगो हेमराज सिंह चौहान, मोहम्मद राशिद आदि मौजूद थे। एसडीएम के मुताबिक कासमपुर गांव में 45 लोगों को अवैध कब्जे हटाने के नोटिस जारी किए गए हैं। बृहस्पतिवार को कासमपुर गांव में अतिक्रमण चिह्नित कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
बुलडोजर चलते ही रो पड़ी महिलाएं
जसपुर। अपने मकानों पर बुलडोजर चलता देख महिलाएं रोने लगीं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इसके लिए उन्हें कुछ समय और देना चाहिए था ताकि वह अपने परिवार के रहने और पशुओं को बांधने की व्यवस्था कर लेतीं। महिलाएं प्रशासन के अधिकारियों के सामने कुछ दिन का समय और देने के लिए गिड़गिड़ाती रहीं।
लगभग सात बीघा भूमि कराई मुक्त
जसपुर। प्रशासन ने सरकारी तालाब की लगभग सात बीघा जमीन को अतिक्रमणकारियों से खाली कराया है। इस जमीन की कीमत लाखों में बताई जा रही है। रजिस्ट्रार कानूनगो हेमराज सिंह चौहान ने बताया कि रामनगर वन गांव में खसरा नंबर 407 रकवा 0.255 हेक्टेयर, खसरा नंबर 415 रकवा 0.105 हेक्टेयर, खसरा नंबर 409 रकवा 0.057 हेक्टेयर कुल रकबा 0.417 हेक्टेयर में तालाब था। अतिक्रमण हटाकर तालाब की पूरी भूमि खाली करा ली गई है।
नोटिस देने के बाद भी नहीं हटाया था अतिक्रमण
जसपुर। एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने बताया कि रामनगर वन गांव में 14 लोगों को अतिक्रमण हटाने के नोटिस दिए गए थे। मंगलवार को तहसील कर्मी को भेजकर अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर प्रशासन को स्वयं अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करनी पड़ी। अतिक्रमण हटाने में आया खर्च अतिक्रमणकारियों से वसूला जाएगा। अतिक्रमण वाली भूमि पर तालाब बनाए जाएंगे। डीएम से अनुमोदन मिलते ही तालाब का निर्माण कराया जाएगा।