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आंगनबाड़ी केंद्रों के बजट पर आधार का रोड़ा

Sun, 30 Sep 2018 12:14 AM IST
चंदन बंगारी  रुद्रपुर।
चंदन बंगारी  रुद्रपुर। Updated Sun, 30 Sep 2018 12:14 AM IST
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Adhaar issue in THR
wheat scam in uttarakhand
क्षेत्र के करीब 526 आंगनबाड़ी केंद्रों में लाभार्थियों को बंटने वाले टेकहोम राशन के वितरण पर संकट खड़ा हो सकता है। ऑनलाइन बिल और आधार नहीं होने की वजह गिनाकर कोषागार ने बिल भुगतान पर रोक लगा रखी है। तीन महीने से बजट नहीं मिलने से आंगनबाड़ी केंद्रों में उधारी में टेकहोम राशन का वितरण करने की नौबत आ रही है। इससे केंद्र सरकार के पोषण अभियान पर भी पलीता लगता दिख रहा है। दिलचस्प बात है कि रुद्रपुर कोषागार को छोड़ जिले के बाकी सब कोषागारों में बिल पास हो रहे हैं। 
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रुद्रपुर शहरी क्षेत्र में 171 और ग्रामीण क्षेत्र में 355 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। हर आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकृत सामान्य बच्चे के लिए दो सौ रुपये, गर्भवती धात्री के लिए 237, अतिकुपोषित बच्चे के लिए तीन सौ रुपये प्रतिमाह खर्च होते हैं। सरकार की ओर से मिलने वाले बजट सीडीपीओ के माध्यम से केंद्रों में गठित माता समितियों के खाते में जाता है। इस बजट से ही लाभार्थियों को टेकहोम राशन वितरित होता है। वर्ष 2013 में तत्कालीन मुख्य सचिव ने केंद्र में तीन महीने का अग्रिम आहरण का जीओ जारी किया था। लेकिन, रुद्रपुर की आंगनबाड़ी केंद्रों में अग्रिम तो दूर खत्म हो चुके महीनों का बिल भी अटका हुआ है। 
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रुद्रपुर क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए बजट का बिल जुलाई से कोषागार में जमा है, लेकिन आधार की अनिवार्यता और ऑनलाइन बिल नहीं होने की वजह से भुगतान लटका हुआ है। इससे टेकहोम राशन के वितरण पर असर पड़ने के आसार नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि अब व्यापारी भी उधारी देने में हाथ खड़े कर रहे हैं। यह स्थिति सिर्फ रुद्रपुर क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों की है, जबकि अन्य ब्लॉक में बिलों का भुगतान हो रहा है। एक ही जिले में दो तरह के नियम समझ के परे हैं। 
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जुलाई से आंगनबाड़ी केंद्रों के बिलों को भुगतान के लिए कोषागार में लगाया है, लेकिन कोषागार से बिलों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। कोषाधिकारी से लगातार बिलों के भुगतान को लेकर लगातार संपर्क किया जा रहा है। 

- डॉ. अखिलेश मिश्रा, डीपीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग 

माता समितियों का खाता ऑनलाइन होना है और भुगतान सीधे उनके खाते में जाना है। लेकिन, इसके लिए आधार कार्ड का होना अनिवार्य है। चूंकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का आधार नंबर उसके मानदेय से जुड़ा है और माता समिति में भी पदाधिकारी बदलते रहते हैं। ऐसे में किसका आधार कार्ड लगे, यह समस्या है। ऑनलाइन बिल नहीं होने और आधार कार्ड नहीं होने से बिल का भुगतान नहीं किया जा सका है। आधार कार्ड का बैरियर हटाने के लिए देहरादून स्थित डाटा सेंटर को बताया गया है। अन्य कोषागार में बिल भुगतान हो रहे हैं तो यह वही लोग जानें। 
- भूपेंद्र प्रसाद कांडपाल, मुख्य कोषाधिकारी। 
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