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हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने किया अदालतों का निरीक्षण
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जसपुर में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को स्मृति चिन्ह देते अधिवक्ता।
- फोटो : KASHIPUR
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काशीपुर/जसपुर। उत्तराखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि मलिमठ ने काशीपुर के सभी न्यायालयों का निरीक्षण किया। इस मौके पर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने न्यायमूर्ति से मुलाकात कर काशीपुर में सप्ताह में दो दिन जिला जज कैंप शुरू कराने और रेलवे कोर्ट की स्थापना की मांग की।
मुख्य न्यायाधीश मलिमठ रविवार को काशीपुर कोर्ट पहुंचे और निरीक्षण किया। वहां जिला जज नरेंद्र दत्त, एडीजे प्रथम प्रीतु शर्मा, एडीजे द्वितीय ओमकुमार, एसीजेएम सैयद गुफरान, सिविल जज (सीनियर डिवीजन) विनोद कुमार वर्मन, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) प्रथम तनुजा कश्यप, न्यायिक मजिस्ट्रेट मीनाक्षी दुबे, परिवार न्यायालय के जज राहुल गर्ग और श्रम न्यायालय नीतिन शर्मा मौजूद रहे। इस दौरान बार संघ ने 10 सूत्री मांग पत्र सौंपा। पदाधिकारियों ने कहा कि एमवी एक्ट के चालान सीओ कार्यालय से आरटीओ कार्यालय जाते हैं और 6-7 माह बाद काशीपुर आते हैं। वहां पर बार संघ के अध्यक्ष इंदर सिंह, सचिव संदीप सहगल, मनोज निगोतिया, प्रसून वर्मा, अब्दुल सलीम, नीरज गुप्ता, ब्रजेश कुमार, महेंद्र चौहान, शहाना आदि थे।
इधर, जसपुर में अधिवक्ताओं ने कहा कि 500 से अधिक मुकदमों की पत्रावलियां काशीपुर कोर्ट में विचाराधीन हैं। उन्हें जसपुर कोर्ट में स्थानांतरित कराया जाए, साथ ही सिविल जज (सीनियर डिविजन) की अदालत स्थापित की जाए। परिवार न्यायालय का कैंप सप्ताह में एक दिन जसपुर में रखा जाए। कुंडा थाना क्षेत्र को जसपुर न्यायालय से ही संबद्ध रखा जाए। वहां पर बार अध्यक्ष दिनेश शर्मा, मुनेश कुमार सिंह, दिग्विजय सिंह, अंकित वर्मा आदि थे। इधर, विधायक आदेश चौहान, पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल ने भी अलग-अलग मांग पत्र सौंपे।
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बाजपुर कोर्ट का निरीक्षण किया
बाजपुर। उत्तराखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि मलिमठ ने रविवार को दीवानी न्यायालय का निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। बार एसोसिएशन ने ज्ञापन देकर सिविल जज सीनियर डिवीजन और सप्ताह में दो बार परिवार अदालत शिविर के आयोजन की मांग रखी। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश को स्मृति चिन्ह दिया गया। वहां पर संघ अध्यक्ष सोहन लाल गोयल, मानव शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, विजय गर्ग, कुलवंत उप्पल, विकास कश्यप, योगेश पाठक आदि थे।
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मुख्य न्यायाधीश मलिमठ रविवार को काशीपुर कोर्ट पहुंचे और निरीक्षण किया। वहां जिला जज नरेंद्र दत्त, एडीजे प्रथम प्रीतु शर्मा, एडीजे द्वितीय ओमकुमार, एसीजेएम सैयद गुफरान, सिविल जज (सीनियर डिवीजन) विनोद कुमार वर्मन, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) प्रथम तनुजा कश्यप, न्यायिक मजिस्ट्रेट मीनाक्षी दुबे, परिवार न्यायालय के जज राहुल गर्ग और श्रम न्यायालय नीतिन शर्मा मौजूद रहे। इस दौरान बार संघ ने 10 सूत्री मांग पत्र सौंपा। पदाधिकारियों ने कहा कि एमवी एक्ट के चालान सीओ कार्यालय से आरटीओ कार्यालय जाते हैं और 6-7 माह बाद काशीपुर आते हैं। वहां पर बार संघ के अध्यक्ष इंदर सिंह, सचिव संदीप सहगल, मनोज निगोतिया, प्रसून वर्मा, अब्दुल सलीम, नीरज गुप्ता, ब्रजेश कुमार, महेंद्र चौहान, शहाना आदि थे।
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इधर, जसपुर में अधिवक्ताओं ने कहा कि 500 से अधिक मुकदमों की पत्रावलियां काशीपुर कोर्ट में विचाराधीन हैं। उन्हें जसपुर कोर्ट में स्थानांतरित कराया जाए, साथ ही सिविल जज (सीनियर डिविजन) की अदालत स्थापित की जाए। परिवार न्यायालय का कैंप सप्ताह में एक दिन जसपुर में रखा जाए। कुंडा थाना क्षेत्र को जसपुर न्यायालय से ही संबद्ध रखा जाए। वहां पर बार अध्यक्ष दिनेश शर्मा, मुनेश कुमार सिंह, दिग्विजय सिंह, अंकित वर्मा आदि थे। इधर, विधायक आदेश चौहान, पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल ने भी अलग-अलग मांग पत्र सौंपे।
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बाजपुर कोर्ट का निरीक्षण किया
बाजपुर। उत्तराखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि मलिमठ ने रविवार को दीवानी न्यायालय का निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। बार एसोसिएशन ने ज्ञापन देकर सिविल जज सीनियर डिवीजन और सप्ताह में दो बार परिवार अदालत शिविर के आयोजन की मांग रखी। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश को स्मृति चिन्ह दिया गया। वहां पर संघ अध्यक्ष सोहन लाल गोयल, मानव शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, विजय गर्ग, कुलवंत उप्पल, विकास कश्यप, योगेश पाठक आदि थे।