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Udham Singh Nagar News: खटीमा में दशकों बाद दिखा गिद्धों का झुंड
Wed, 28 Feb 2024 02:05 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Wed, 28 Feb 2024 02:05 AM IST
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खटीमा के चकरपुर में पेड पर बैठा गिद्दों का झुंड। संवाद
खटीमा। भारत-नेपाल सीमा स्थित खटीमा के चकरपुर क्षेत्र में लुप्तप्राय गिद्ध कौतुहल का विषय बने हुए हैं। चकरपुर में किलपुरा रेंज के जंगलों के पेड़ों पर गिद्धों का झुंड का देखकर पक्षी प्रेमियों के साथ ही वन विभाग के अधिकारी भी खुश नजर आ रहे हैं।
करीब दो दशक पहले खटीमा क्षेत्र में गिद्ध काफी संख्या में नजर आते थे। लेकिन लंबे समय से लोगों ने सीमांत क्षेत्र में गिद्धों का झुंड नहीं देखा था। पिछले दो दिनों से खटीमा के चकरपुर क्षेत्र में किलपुरा रेंज के जंगल में गिद्धों का झुंड आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। दुर्लभ प्रजाति के यह गिद्ध हिमालयन प्रजाति के बनाए जा रहे हैं। गिद्धों का झुंड ईको सिस्टम के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है। किलपुरा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी मनोज पांडेय ने बताया कि प्रदूषित वातारण और मृत पशुओं में रासायनिक दवाओं के कारण गिद्ध लुप्त हो रहे हैं। खटीमा क्षेत्र में लंबे समय बाद गिद्धों का झुंड परिस्थितिकी तंत्र के लिए शुभ संकेत हैं। परिस्थितिकी संतुलन के लिए यह महत्वपूर्ण है। पचौरिया निवासी समाजसेवी मोहन जोशी बताते हैं कि पिछले दो दिनों से चकरपुर के पास जंगलों में गिद्धों का झुंड देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि दो-ढाई दशक पहले गिद्धों का झुंड जानवरों के शव के पास अक्सर दिखाई देता था इधर गिद्ध दिखने बंद हो गए थे। संवाद
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करीब दो दशक पहले खटीमा क्षेत्र में गिद्ध काफी संख्या में नजर आते थे। लेकिन लंबे समय से लोगों ने सीमांत क्षेत्र में गिद्धों का झुंड नहीं देखा था। पिछले दो दिनों से खटीमा के चकरपुर क्षेत्र में किलपुरा रेंज के जंगल में गिद्धों का झुंड आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। दुर्लभ प्रजाति के यह गिद्ध हिमालयन प्रजाति के बनाए जा रहे हैं। गिद्धों का झुंड ईको सिस्टम के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है। किलपुरा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी मनोज पांडेय ने बताया कि प्रदूषित वातारण और मृत पशुओं में रासायनिक दवाओं के कारण गिद्ध लुप्त हो रहे हैं। खटीमा क्षेत्र में लंबे समय बाद गिद्धों का झुंड परिस्थितिकी तंत्र के लिए शुभ संकेत हैं। परिस्थितिकी संतुलन के लिए यह महत्वपूर्ण है। पचौरिया निवासी समाजसेवी मोहन जोशी बताते हैं कि पिछले दो दिनों से चकरपुर के पास जंगलों में गिद्धों का झुंड देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि दो-ढाई दशक पहले गिद्धों का झुंड जानवरों के शव के पास अक्सर दिखाई देता था इधर गिद्ध दिखने बंद हो गए थे। संवाद
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