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तिपहिया नंबर पर एक और डंपर दौड़ रहा था 

Mon, 15 Jan 2018 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर। Updated Mon, 15 Jan 2018 12:07 AM IST
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 A dumper was running on fake registration number
प्रतीकात्मक - फोटो : Amar Ujala

बाजपुर क्षेत्र में फर्जी नंबर पर एक और डंपर के संचालन का मामला उजागर हुआ है। वन विकास निगम के बैंतखेड़ी गेट पर जिस नंबर से डंपर पंजीकृत हुआ था, वो रोहतक में किसी तिपहिया वाहन का निकला है। निगम से मिले डंपर के दस्तावेजों में हुए कर पंजीयन अधिकारी के दस्तखत भी परिवहन विभाग झुठला रहा है। फर्जी नंबरों से डंपर संचालन की खबरें प्रकाशित होने के बाद से ही फर्जी नंबर पर चल रहा डंपर सड़क से गायब है। दिलचस्प बात है कि तीन महीने पहले भी बाजपुर के चर्चित भाजपा नेता के नाम पर फर्जी नंबर से चल रहे डंपर का मामला उजागर हो चुका है। दरअसल वन विकास निगम के रामनगर कार्यालय से आरटीआई के तहत डंपर संख्या एचआर 46सी 9080 के बारे में विभिन्न बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी गई थी। विभाग की ओर से मुहैया कराई सूचना के मुताबिक उक्त नंबर का डंपर निगम केे बैंतखेड़ी गेट पर वर्ष 2013-14 में पंजीकृत था।

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कागजों के अनुसार डंपर का स्वामित्व सुखमीत सिंह निवासी बन्नाखेड़ा बाजपुर के नाम का है। निगम का बैंतखेड़ी गेट एक साल खुलने के बाद से ही बंद कर दिया गया था। लेकिन उक्त फर्जी नंबर का डंपर क्रशर, स्टॉक से धड़ल्ले से उपखनिज ढोता रहा। निगम में नंबर पंजीकृत कराते हुए वाहन स्वामी ने आरसी, बीमा की फोटोस्टेट कापी भी जमा कराई थी। जब इस नंबर की वैधता परिवहन विभाग के रुद्रपुर कार्यालय में जांची गई तो पता चला कि उक्त नंबर रोहतक में तिपहिया वाहन का है। यह तिपहिया वाहन किसी पवन नाम के व्यक्ति का है, जिसका रजिस्ट्रेशन 20 सिंबर 2012 को ही हो चुका है।
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परिवहन विभाग के अधिकारियों ने आरसी में कर पंजीयन अधिकारी के दस्तखत भी जिले के किसी अधिकारी के होने से साफ इनकार किया है। इससे अंदेशा जताया जा रहा है कि पूर्व के मामले की तरह ही यह डंपर भी चोरी का हो सकता है। हैरत की बात है कि भाजपा नेता की ही तरह इस डंपर के कागजात जांचने में निगम अधिकारियों ने केवल खानापूर्ति ही की। अगर कागजातों की वैधानिकता को जांचा गया होता तो यह मामला पहले ही पकड़ में आ सकता था। एआरटीओ प्रशासन नंद किशोर ने बताया कि एचआर 46सी 9080 नंबर उत्तराखंड में नहीं बल्कि रोहतक में तिपहिया के नाम पर दर्ज है।
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दो डंपरों के कागजों की हो रही जांच
बाजपुर में फर्जी नंबरों से वाहनों के दौड़ने का मामला अमर उजाला ने उठाया था तो हरकत में आई पुलिस ने चार डंपरों को संदिग्ध मानते हुए जब्त किया था। भाजपा नेता कुलविंदर सिंह किंदा के नाम चल रहा डंपर पहले से ही पुलिस ने जब्त कर रखा है। एएसपी काशीपुर डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि जब्त चार डंपरों में से दो डंपरों के कागजात सही पाए गए हैं। दो डंपरों के कागजात संदिग्ध लग रहे हैं, जिनकी गहराई से छानबीन की जा रही है। ऐसे अगर और मामले सामने आएंगे तो नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


डंपर को कटवाने की है चर्चा
फर्जी नंबरों से डंपर चलने के मामले सुर्खिया बनने के बाद से ही एचआर46सी 9080 वाहन सड़क में दौड़ना बंद हो गया है। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले तक उक्त नंबर के डंपर से क्रशरों और स्टॉक से खनिज लाया और ले जाया जाता था। लेकिन बीते सितंबर से यह वाहन गायब है। चर्चा है कि फर्जीवाड़े में फंसने के डर से डंपर को कबाड़ में कटवा दिया गया है। अगर वाहनों के फर्जीवाड़े की तह तक पुलिस पहुंची तो कई सफेदपोश बेनकाब हो सकते हैं।

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