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राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो : निशंक

Wed, 24 Jul 2013 05:33 AM IST
Udham singh nagar
Udham singh nagar Updated Wed, 24 Jul 2013 05:33 AM IST
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रुद्रपुर/सितारगंज/खटीमा। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि प्रदेश सरकार आपदा राहत कार्य में असफल रही है। उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का पुनर्निर्माण होने तक प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। पूर्व सीएम निशंक मंगलवार को धारचूला जाने से पहले रुद्रपुर, सितारगंज और खटीमा में पत्रकारों से रूबरू हुए।
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उन्होंने कहा कि आपदा के बाद प्रदेश के नेशनल हाईवे और संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चारधाम यात्रा से पूर्व तैयारियों का आंकलन नहीं किया गया। सुरक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन की कोई व्यवस्था नहीं की गई। इससे देश के अंदर गलत संदेश गया है। यह सरकार देश की पहली सरकार होगी जिसमें उसके प्रतिनिधि ही उसे सहयोग नहीं कर रहे हैं। विधायक भी विरोध में जुटे हैं। नैतिकता के आधार पर सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। जिन विधायकों के बल पर सरकार बनी है उनका भी वह विश्वास खो चुकी है। उन्होंने आपदा को लेकर सर्वदलीय टीम बनाकर युद्धस्तर पर पुनर्निर्माण कराने और तब तक प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की।
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सितारगंज में डॉ. निशंक ने कहा कि उत्तराखंड के हिमालयों के लिए अलग से नीति बननी चाहिए। तटीय सुरक्षा बल की तर्ज पर हिमालय सुरक्षा बल बनाएं। ताकि राज्य में आपदा से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि भाजपा आपदाग्रस्त क्षेत्रों के पुनर्निर्माण को हर स्तर पर साथ देगी। इस दौरान उन्होंने ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में मत्था टेक अरदास की। खटीमा में विधायक धामी के कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए डॉ. निशंक ने कहा कि प्रदेश सरकार आपदा प्रबंधन में पूरी तरह फेल हो चुकी है। सरकार जनता में अपना विश्वास खो चुकी है। हालत यह है कि राज्य के राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष व विधायक भी सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं। प्रदेश का पर्यटन व्यवसाय सरकार की गलत नीतियों के चलते बरबाद हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को अब बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री बची सिंह रावत, पूर्व सांसद बलराज पासी, खटीमा विधायक पुष्कर सिंह धामी, मोर्चा प्रकोष्ठ प्रभारी कैलाश पंत, विधायक प्रेम सिंह राणा, दान सिंह रावत, उत्तम दत्ता, राजू भंडारी, आदि मौजूद थे।
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