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गीता की नजर विश्व चैंपियन मेडल पर
Udham singh nagar
Updated Mon, 15 Jul 2013 05:32 AM IST
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काशीपुर। टेबिल टेनिस की पिछली एशियन चैंपियन गीता टंडन कपूर ने इस साल भी सेवन एशियन बेस्टर्न स्पेसिफिक चैंपियनशिप प्रतियोगिता में कोरिया की हूम जुंग ली को क्वाटर फाइनल में हरा कर ब्राउन मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया। कपूर की नजर अब विश्व चैंपियनशिप मेडल पर है।
बैंकाक (थाईलैंड) में 4 से 7 जुलाई तक आयोजित सेवन एशियन बेस्टर्न स्पेसिफिक चैंपियनशिप में भारत की सेंट्रल रेवन्यू बोर्ड की तरफ से गीता टंडन के नेतृत्व में 22 सदस्यीय दल ने भाग लिया। प्रतियोगिता में एकल मैच में गीता टंडन ने कोरिया की खिलाड़ी हूम जुंग ली को क्वाटर फाइनल में नौ मैचों से हराकर रजत पदक जीता। परंतु सेमीफाइनल में कोरिया की खिलाड़ी से हार गई। रविवार गीता टंडन कपूर बैंकाक से लौटकर काशीपुर में अपने भाई पंकज टंडन के घर आई। खेल प्रेमियों तथा गणमान्य लोगों ने कपूर का जोरदार स्वागत किया। गीता कपूर कानपुर में आयकर अधिकारी है। पत्रकारों से मुखातिब कपूर ने बताया कि आने वाले समय में खेलों का भविष्य अच्छा है। समय के साथ-साथ खेलों का मिजाज भी बदला है। संघर्ष पहले से अधिक बढ़ गया है। उनको परिवार व नौकरी की जिम्मेदारी भी साथ निभानी पड़ती है। जिससे अभ्यास तथा फिट रहने के लिए वर्जिस का समय भी कम मिलता है। गीता टंडन कपूर ने बताया कि वह हतोत्साहित नहीं हैं। उनकी नजर अब वर्ष 2014 में न्यूजीलैंड में होने वाली वर्ल्ड टीटी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने की है। इसके लिए वह चायनीज कोच से प्रशिक्षण लेने चायना जाएगी। उन्होंने बताया कि नयी पीढ़ी के खिलाड़ी काफी ऊर्जावान हैं। जो आधुनिक खेल संसाधनों का भरपूर उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड में आई भारी दैवीय आपदा पर दुख जाहिर कर कहा कि यह ऊर्जावान प्रदेश है जल्दी संभल जाएगा। उन्होंने अपने विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ एक दिन का वेतन उत्तराखंड के आपदा पीड़ितों के लिए राहत कोष में भेजा है।
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बैंकाक (थाईलैंड) में 4 से 7 जुलाई तक आयोजित सेवन एशियन बेस्टर्न स्पेसिफिक चैंपियनशिप में भारत की सेंट्रल रेवन्यू बोर्ड की तरफ से गीता टंडन के नेतृत्व में 22 सदस्यीय दल ने भाग लिया। प्रतियोगिता में एकल मैच में गीता टंडन ने कोरिया की खिलाड़ी हूम जुंग ली को क्वाटर फाइनल में नौ मैचों से हराकर रजत पदक जीता। परंतु सेमीफाइनल में कोरिया की खिलाड़ी से हार गई। रविवार गीता टंडन कपूर बैंकाक से लौटकर काशीपुर में अपने भाई पंकज टंडन के घर आई। खेल प्रेमियों तथा गणमान्य लोगों ने कपूर का जोरदार स्वागत किया। गीता कपूर कानपुर में आयकर अधिकारी है। पत्रकारों से मुखातिब कपूर ने बताया कि आने वाले समय में खेलों का भविष्य अच्छा है। समय के साथ-साथ खेलों का मिजाज भी बदला है। संघर्ष पहले से अधिक बढ़ गया है। उनको परिवार व नौकरी की जिम्मेदारी भी साथ निभानी पड़ती है। जिससे अभ्यास तथा फिट रहने के लिए वर्जिस का समय भी कम मिलता है। गीता टंडन कपूर ने बताया कि वह हतोत्साहित नहीं हैं। उनकी नजर अब वर्ष 2014 में न्यूजीलैंड में होने वाली वर्ल्ड टीटी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने की है। इसके लिए वह चायनीज कोच से प्रशिक्षण लेने चायना जाएगी। उन्होंने बताया कि नयी पीढ़ी के खिलाड़ी काफी ऊर्जावान हैं। जो आधुनिक खेल संसाधनों का भरपूर उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड में आई भारी दैवीय आपदा पर दुख जाहिर कर कहा कि यह ऊर्जावान प्रदेश है जल्दी संभल जाएगा। उन्होंने अपने विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ एक दिन का वेतन उत्तराखंड के आपदा पीड़ितों के लिए राहत कोष में भेजा है।
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