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27 को तय होगा काशीपुर शुगर मिल का भविष्य
Udham singh nagar
Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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काशीपुर। काशीपुर शुगर मिल के प्रबंधक मिल को बंद करने पर अडे़ हुए हैं, इससे आगामी सीजन में मिल चलना असंभव है, इसके बावजूद श्रम विभाग एवं श्रमिक नेता मिल चलाने तथा मिल प्रबंधकों की शासन में लंबित क्लोजर प्रार्थना पत्र को अस्वीकार करने की मांग पर अड़े हुए हैं। इन्हीं दो मुद्दों पर मुख्य सचिव की मध्यस्थता में 27 नवंबर को सचिवालय में चीनी मिल श्रमिक नेताओं एवं लेबर कमिश्नर की दूसरे दौर की वार्ता होगी।
मिल के प्रधान प्रबंधक राजीव अग्रवाल ने बताया 27 नवंबर को सचिवालय में मुख्य सचिव की मध्यस्थता में श्रमिक नेताओं, लेबर विभाग के अधिकारियों और मिल प्रबंधकों के मध्य दूसरे दौर की वार्ता होगी। इस दौरान मिल प्रबंधकों के क्लोजर की प्रार्थना पत्र पर चर्चा होगी, जिस पर बाद में शासन स्तर पर निर्णय लिया जाएगा, अगर शासन ने क्लोजर का प्रार्थना पत्र अस्वीकार किया तो यह मामला ट्रिब्युनल कोर्ट में जाएगा। मिल प्रबंधक आगामी सीजन में मिल चलाने में असमर्थता पर अपना पक्ष, श्रमिक नेता एवं लेबर अधिकारी मिल चलाने की मांग को लेकर पक्ष रखेंगे।
श्री अग्रवाल ने कहा चीनी मिल को इस सीजन में चलाना असंभव ही नहीं मुश्किल भी है। मिल पर गन्ना किसानों का बकाया 28 करोड़ की वसूली के लिए आरसी कट गई है। सीजन में पेराई करने के लिए मिल की मरम्मत नहीं हुई है। अब इसके लिए न तो समय है न ही मिल के पास रुपया है।
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व्यापारी चीनी खरीदने को तैयार नहीं
काशीपुर। काशीपुर चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक राजीव अग्रवाल ने बताया चीनी मिल के गोदाम में पौने चार करोड़ की चीनी रखी है। पिछले दिनों जब मिल ने चीनी बेची थी तो किसानों ने चीनी रोक दी थी। इसी के चलते अब व्यापारी चीनी खरीदने से डर रहे हैं।
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मिल के प्रधान प्रबंधक राजीव अग्रवाल ने बताया 27 नवंबर को सचिवालय में मुख्य सचिव की मध्यस्थता में श्रमिक नेताओं, लेबर विभाग के अधिकारियों और मिल प्रबंधकों के मध्य दूसरे दौर की वार्ता होगी। इस दौरान मिल प्रबंधकों के क्लोजर की प्रार्थना पत्र पर चर्चा होगी, जिस पर बाद में शासन स्तर पर निर्णय लिया जाएगा, अगर शासन ने क्लोजर का प्रार्थना पत्र अस्वीकार किया तो यह मामला ट्रिब्युनल कोर्ट में जाएगा। मिल प्रबंधक आगामी सीजन में मिल चलाने में असमर्थता पर अपना पक्ष, श्रमिक नेता एवं लेबर अधिकारी मिल चलाने की मांग को लेकर पक्ष रखेंगे।
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श्री अग्रवाल ने कहा चीनी मिल को इस सीजन में चलाना असंभव ही नहीं मुश्किल भी है। मिल पर गन्ना किसानों का बकाया 28 करोड़ की वसूली के लिए आरसी कट गई है। सीजन में पेराई करने के लिए मिल की मरम्मत नहीं हुई है। अब इसके लिए न तो समय है न ही मिल के पास रुपया है।
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व्यापारी चीनी खरीदने को तैयार नहीं
काशीपुर। काशीपुर चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक राजीव अग्रवाल ने बताया चीनी मिल के गोदाम में पौने चार करोड़ की चीनी रखी है। पिछले दिनों जब मिल ने चीनी बेची थी तो किसानों ने चीनी रोक दी थी। इसी के चलते अब व्यापारी चीनी खरीदने से डर रहे हैं।